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भारत की उभरती हुई ई-कॉमर्स कंपनी मीशो (Meesho) ने अपने शेयर बाजार में उतरने की तैयारियों को एक अहम मोड़ पर पहुंचा दिया है. कंपनी को आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के जरिए 4,250 करोड़ रुपए तक जुटाने के प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी मिल गई है. यह फैसला कंपनी की 25 जून को आयोजित असाधारण आम बैठक (EGM) में लिया गया.
कंपनी ने इस जानकारी को शेयर बाजार को भेजे एक आधिकारिक बयान में साझा किया है. मीशो की योजना इस राशि को नए इक्विटी शेयर जारी करके जुटाने की है, जिससे कंपनी के विस्तार और कारोबारी जरूरतों को पूरा किया जाएगा. इस कदम से कंपनी को ना सिर्फ पूंजी मिलेगी, बल्कि बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करने का मौका भी मिलेगा.
मीशो को इस मंजूरी ऐसे समय पर मिली है, जब उसने हाल ही में अपने मुख्यालय को अमेरिका से भारत में स्थानांतरित किया है. कंपनी ने पहले अमेरिकी कंपनी के रूप में रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन अब वह पूरी तरह से भारतीय कंपनी बनकर घरेलू शेयर बाजार में लिस्टिंग की दिशा में बढ़ रही है.
इस कदम को विश्लेषकों द्वारा भारत में तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स बाजार में भरोसे और अवसर का संकेत माना जा रहा है. भारत सरकार द्वारा स्टार्टअप्स और घरेलू तकनीकी कंपनियों को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बीच, मीशो का यह फैसला निवेशकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है.
EGM में एक और बड़ा फैसला लिया गया. मीशो के सह-संस्थापक और मौजूदा सीईओ विदित आत्रे को अब कंपनी का चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (CMD) नियुक्त करने का प्रस्ताव भी पारित हो गया है. इसका अर्थ है कि आत्रे अब कंपनी की रणनीतिक दिशा और संचालन, दोनों के शीर्ष पदों की जिम्मेदारी संभालेंगे. यह बदलाव मीशो के नेतृत्व में एक नई स्थिरता और स्पष्टता लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
मीशो पिछले कुछ वर्षों में सोशल कॉमर्स और छोटे विक्रेताओं को जोड़ने के क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हुआ है. कंपनी की लागत-केंद्रित रणनीति, छोटे शहरों में बढ़ता उपभोक्ता आधार, और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मजबूत पकड़ ने इसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप्स की सूची में शामिल किया है.