Tata Capital के बाद Tata Sons के IPO की तैयारी? SP Group दे रहा है जोर- जान लें किसके पास कितनी है शेयरहोल्डिंग

Tata Sons IPO: SP Group का कहना है कि Tata Sons की लिस्टिंग से स्टेकहोल्डर्स और इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ेगा, और कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी. हालांकि, Tata Trusts, जिसके पास Tata Sons में 66% हिस्सेदारी है, इस कदम को लेकर सावधानी की सलाह दे रहा है.
Tata Capital के बाद Tata Sons के IPO की तैयारी? SP Group दे रहा है जोर- जान लें किसके पास कितनी है शेयरहोल्डिंग

Tata Sons IPO: टाटा ग्रुप (Tata Group) में एक बार फिर लिस्टिंग को लेकर हलचल बढ़ गई है. Tata Capital के शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद अब Tata Sons के IPO की संभावना पर चर्चा तेज हो गई है. टाटा ग्रुप के अंदर चल रहे मतभेदों के बीच Shapoorji Pallonji (SP) Group की ओर से टाटा संस के आईपीओ को लेकर जोर दिया जा रहा है. ये ग्रुप Tata Sons में 18.37% हिस्सेदारी के साथ कंपनी का दूसरा सबसे बड़ा शेयरधारक है.

SP Group का कहना है कि Tata Sons की लिस्टिंग से स्टेकहोल्डर्स और इन्वेस्टर्स का भरोसा बढ़ेगा, और कंपनी की वित्तीय पारदर्शिता मजबूत होगी. हालांकि, Tata Trusts, जिसके पास Tata Sons में 66% हिस्सेदारी है, इस कदम को लेकर सावधानी की सलाह दे रहा है.

SP Group की दलील- भरोसा और लिक्विडिटी दोनों बढ़ेंगे

SP Group लंबे समय से कर्ज के बोझ से जूझ रहा है और अपनी होल्डिंग्स को मॉनेटाइज करने का रास्ता तलाश रहा है. समूह का कहना है कि Tata Sons को पब्लिक करने से न सिर्फ शेयरधारकों को लिक्विडिटी मिलेगी बल्कि Tata Group की पारदर्शिता भी और बढ़ेगी. ग्रुप का यह भी कहना है कि Tata Sons जैसी बड़ी और डाइवर्सिफाइड कंपनी की लिस्टिंग इन्वेस्टर्स के भरोसे को और मजबूत करेगी, खासतौर पर तब, जब Tata Capital जैसी सब्सिडियरी बाजार में लिस्ट हो चुकी है.

Tata Trusts का रुख: नियंत्रण और रणनीतिक फैसलों की चिंता

दूसरी ओर, Tata Trusts- जिसके पास Tata Sons में 66% हिस्सेदारी है- IPO के पक्ष में नहीं है. ट्रस्ट्स का मानना है कि लिस्टिंग के बाद वोटिंग राइट्स और नियंत्रण (control) में कमी आ सकती है, जिससे लॉन्ग टर्म में रणनीतिक फैसलों पर असर पड़ेगा. सूत्रों के मुताबिक, Tata Sons के भीतर इस मुद्दे को लेकर बोर्डरूम मतभेद भी उभरकर सामने आए हैं. हाल ही में Tata Trusts के वाइस-चेयरमैन विजय सिंह ने Tata Sons के बोर्ड से इस्तीफा दिया, जिसे इन बढ़ते मतभेदों का संकेत माना जा रहा है.

Tata Sons में कैसी है शेयरहोल्डिंग?

Tata Sons के शेयरहोल्डिंग पैटर्न में Tata Trusts का 66% और SP Group का 18.37% हिस्सा है. बाकी हिस्सेदारी ग्रुप की कंपनियों के पास है, जिनमें –

  • Tata Steel: 3.1%
  • Tata Motors: 3.1%
  • Tata Chemicals: 2.5%
  • Tata Power: 1.7%
  • Indian Hotels: 1.1%
  • Tata Consumer: 0.4%
  • Tata Investment Corp: 0.1%
  • अन्य कंपनियां: 4.4%

इस तरह कुल मिलाकर ग्रुप कंपनियों की हिस्सेदारी 16.4% के करीब है.

ग्रुप कंपनियों में Tata Sons की कितनी पकड़ है?

Tata Sons कई प्रमुख ग्रुप कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी रखती है-

  • TCS: 71.74%
  • Tata Motors: 40.16%
  • Titan: 20.84%
  • Tata Steel: 31.76%
  • Tata Power: 45.21%
  • Indian Hotels: 35.66%
  • Tata Consumer: 28.69%
  • Trent: 32.45%
  • Tata Elxsi: 42.22%
  • Tata Chemicals: 31.9%

यानी Tata Sons का स्ट्रक्चर खुद एक होल्डिंग कंपनी की तरह है, जो पूरे टाटा ग्रुप की कमान संभालती है.

Tata Sons की संभावित लिस्टिंग पर अभी फैसला बाकी है, लेकिन SP Group और Tata Trusts के बीच जारी मतभेद यह दिखाते हैं कि टाटा ग्रुप के भीतर अगला बड़ा अध्याय अब शुरू होने जा रहा है. जहां एक तरफ SP Group IPO को पारदर्शिता और भरोसे का प्रतीक मानता है, वहीं Tata Trusts के लिए यह कंट्रोल और रणनीतिक दिशा का सवाल है.

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