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टाटा ग्रुप की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) टाटा कैपिटल जल्द ही भारत के वित्तीय क्षेत्र का सबसे बड़ा IPO लेकर आने वाली है. कंपनी लगभग 2 बिलियन डॉलर (₹17,000 करोड़) का यह इश्यू अक्टूबर के पहले हफ्ते में लॉन्च कर सकती है. यह कदम RBI के उस निर्देश का हिस्सा है जिसमें अपर-लेयर NBFCs को तीन साल के भीतर लिस्टिंग अनिवार्य की गई है.
इस IPO के दौरान इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) अपनी 3.58 करोड़ शेयरों की हिस्सेदारी बेचने जा रही है. IFC ने 2011 में टाटा कैपिटल के क्लीनटेक बिजनेस में निवेश किया था, जब भारत में रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर शुरुआती दौर में था और सब्सिडी पर निर्भर माना जाता था.
आज, वही निवेश IFC को मल्टीबैगर रिटर्न देने जा रहा है. IFC ने करीब ₹25 प्रति शेयर की कीमत पर यह निवेश किया था, जिसकी कुल वैल्यू ₹179 करोड़ रही थी. अब, यह हिस्सेदारी ₹343 प्रति शेयर की दर से लगभग ₹2,458 करोड़ की हो चुकी है. यानी IFC को करीब 13 गुना मुनाफा मिलने जा रहा है.
2011 में IFC और टाटा कैपिटल ने मिलकर टाटा क्लीनटेक कैपिटल लिमिटेड (TCCL) की शुरुआत की थी. इसका मकसद भारत में नवीकरणीय और सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करना था. पिछले एक दशक में TCCL ने, 500 से ज्यादा ग्रीन एनर्जी प्रोजेक्ट्स को सपोर्ट किया. 22,400 मेगावाट से ज्यादा क्लीन एनर्जी क्षमता को फाइनेंस किया.
सोलर, विंड, बायोमास, हाइड्रो, वाटर ट्रीटमेंट और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में निवेश किया. FY25 तक कंपनी का क्लीनटेक और इंफ्रा फाइनेंस लोन बुक ₹18,000 करोड़ पार कर चुका था, जो पिछले दो सालों में करीब 32% CAGR से बढ़ा है.
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक, इस IPO में शामिल होंगे-
फ्रेश इश्यू: 21 करोड़ नए शेयर
ऑफर फॉर सेल (OFS): 26.58 करोड़ शेयर
टाटा संस: 23 करोड़ शेयर
IFC: 3.58 करोड़ शेयर
फिलहाल टाटा संस की टाटा कैपिटल में 88.6% हिस्सेदारी है.
IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कंपनी अपने टियर-1 कैपिटल को बढ़ाने और लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने में करेगी.
अगर यह इश्यू सफल रहता है, तो यह भारत के वित्तीय सेक्टर का अब तक का सबसे बड़ा IPO होगा. साथ ही, यह टाटा ग्रुप की हाल की दूसरी बड़ी लिस्टिंग होगी. इससे पहले, नवंबर 2023 में टाटा टेक्नोलॉजीज़ ने स्टॉक मार्केट में शानदार डेब्यू किया था.
IFC का निवेश यह दिखाता है कि भारत में क्लीन एनर्जी और फाइनेंशियल सेक्टर में शुरुआती दौर का निवेश लंबे समय में कितना बड़ा रिटर्न दे सकता है. IFC की इस डील से न केवल उसके लिए, बल्कि अन्य वैश्विक निवेशकों के लिए भी भारत के वित्तीय बाजार की अपार संभावनाओं का संकेत मिलता है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि टाटा कैपिटल का IPO सिर्फ निवेशकों के लिए ही नहीं, बल्कि NBFC सेक्टर के लिए भी एक बड़ा कदम होगा. RBI के नियामक दबाव, तेज़ी से बढ़ती लोन बुक और क्लीनटेक पर ध्यान इस कंपनी को लंबे समय में और मजबूत बना सकते हैं.
1. टाटा कैपिटल का IPO कब लॉन्च होगा?
IPO अक्टूबर 2025 के पहले हफ्ते में लॉन्च होने की संभावना है.
2. IFC कितने शेयर बेचेगा?
IFC अपनी 3.58 करोड़ शेयर हिस्सेदारी IPO में बेचेगा.
3. IFC का शुरुआती निवेश कितना था और अब कितना हो गया?
IFC ने ₹179 करोड़ निवेश किए थे, जिनकी वैल्यू अब लगभग ₹2,458 करोड़ हो गई है.
4. टाटा कैपिटल का IPO कितना बड़ा होगा?
यह IPO लगभग 2 बिलियन डॉलर (₹17,000 करोड़) का होगा.
5. IPO से जुटाए गए फंड का इस्तेमाल कहां होगा?
फंड का इस्तेमाल टियर-1 कैपिटल बढ़ाने और लोन ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए किया जाएगा.