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Hexaware Tech IPO: कभी भारतीय शेयर बाजार से डीलिस्ट हो चुकी कंपनी Hexaware Tech अब रीएंट्री को तैयार है. कंपनी का IPO 12 फरवरी से खुल चुका है. कंपनी का 8,750 करोड़ रुपए का आईपीओ 12 फरवरी से 14 फरवरी तक निवेश के लिए खुला रहेगा. आईपीओ पूरी तरह से 8,750 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश (Offer for Sale) पर आधारित है.
Hexaware का यह आईपीओ भारतीय आईटी सर्विस सेक्टर में अब तक का सबसे बड़ा IPO है. इससे पहले, Tata Consultancy Services (TCS) ने दो दशक पहले लगभग 4,700 करोड़ रुपए का IPO लॉन्च किया था. आईपीओ के लिए मूल्य दायरा 674-708 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि इस आईपीओ में लॉन्ग टर्म के लिहाज से निवेश करने वाले निवेशक ही पैसा लगाएं और 2-3 सालों का नजरिया लेकर चलें. आईपीओ को लेकर अच्छी बातें ये हैं कि कंपनी के पीछे अनुभवी और प्रोफेशनल मैनेजमेंट का हाथ है. क्लाइंट्स के साथ लंबे समय से चले आ रहे मजबूत संबंध हैं. वैल्युएशंस भी ठीक-ठाक हैं. कुछ निगेटिव फैक्टर्स भी हैं, जैसे कि पहला तो ये पूरी तरह OFS है तो कंपनी को आईपीओ से मिली रकम नहीं मिलेगी, पूरी तरह प्रमोटर्स को ही पैसा मिलेगा. दूसरा बाजार में बुल और बेयर मार्केट के साइकल के हिसाब से ही इन्वेस्टमेंट एनकैश होता है.
Hexaware Technologies के पहले प्रमोटर Baring Private Equity Asia ने 2020 में कंपनी को डीलिस्ट किया था. इसके बाद, Carlyle Group ने अक्टूबर 2021 में Hexaware में Baring की हिस्सेदारी खरीद ली. अब, लगभग 5 साल बाद, कंपनी फिर से भारतीय शेयर बाजार में सूचीबद्ध होने के लिए तैयार है. कंपनी ने IPO का 50% हिस्सा योग्य संस्थागत खरीदारों (QIBs) के लिए, 35% खुदरा निवेशकों के लिए और 15% गैर-संस्थागत निवेशकों (NIIs) के लिए रिजर्व किया है.
हेक्सावेयर टेक्नोलॉजीज के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) श्रीकृष्ण रामकार्तिकेयन ने सोमवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘ यह आईपीओ हेक्सावेयर की यात्रा में एक बड़ी उपलब्धि है. हमें विश्वास है कि हमारी मजबूत बुनियादी बातें और प्रौद्योगिकी-संचालित विकास रणनीति निवेशकों को आकर्षित करेगी.’’ कोटक महिंद्रा कैपिटल, सिटीग्रुप, जे.पी. मॉर्गन, एचएसबीसी और आईआईएफएल कैपिटल इस आईपीओ के प्रमुख मैनेजर हैं. कंपनी के शेयर BSE और NSE पर लिस्ट होंगे.