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HDB Financial IPO: एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) की सब्सिडियरी इकाई एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज (HDB Financial Services) का इनीशियल पब्लिक ऑफर आज बुधवार से सब्सक्रिप्शन के लिए खुल गया है. कंपनी ने अपने 12,500 करोड़ रुपये के इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) के लिए 700-740 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है.
एचडीएफसी बैंक की उसकी गैर-बैंकिंग वित्तीय इकाई एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज में वर्तमान में 94.36 फीसदी हिस्सेदारी है. कंपनी के शेयर के 2 जुलाई को बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर लिस्ट होने की उम्मीद है. आईपीओ 2,500 करोड़ रुपये के नए शेयर और प्रवर्तक एचडीएफसी बैंक द्वारा 10,000 करोड़ रुपये की बिक्री पेशकश (OFS) का संयोजन है. एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज आईपीओ का एक लॉट साइझ 20 शेयरों का है. एक लॉट के लिए 14,800 रुपये खर्च करने होंगे. रिटेल निवेशक अधिकतम 13 लॉट के लिए बोली लगा सकते हैं.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि इस आईपीओ में ठीक-ठाक लिस्टिंग गेन के लिए तो पैसे लगा ही सकते हैं, इसमें लॉन्ग टर्म के लिहाज से पैसा लगाना चाहिए. उन्होंने कुछ पॉजिटिव और निगेटिव्स पर भी बात की. उन्होंने कहा कि कंपनी के पास HDFC ब्रांड का स्ट्रॉन्ग पैरेंटेज है. डाइवर्सिफाइड प्रॉडक्ट पोर्टफोलियो है. डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क भी काफी विस्तृत है. कस्टमर बेस में रोबस्ट ग्रोथ दिखा है. असेट क्वॉलिटी भी स्टेबल है और कंपनी ने आईपीओ में वैल्युएशंस भी रीजनेबल रखे हैं.
लेकिन कुछ निगेटिव्स भी हैं- जैसे टोटल लोन बुक में 27% अनसिक्योर्ड लोन में बड़ा एक्सपोजर है. रिटर्न रेशियो रीजनेबल है, बहुत महंगा नहीं है तो कोई बहुत आकर्षक भी नहीं है.
आईपीओ के पहले मैनेजमेंट से बातचीत में कंपनी ने कहा था कंपनी HDFC बैंक से कम्पीट नहीं करती बल्कि कॉम्प्लीमेंट करती है. एंटरप्राइज लेंडिंग बिज़नेस का AUM में 40 % कंट्रीब्यूशन है. PAN इंडिया डिस्ट्रीब्यूशन है. डाइवर्सिफाइड कटमर बेस है. 23,000 करोड़ का बॉरोइंग फ्लोटिंग रेट पर है. अगर रेट चेंज होता है तो कस्टमर को इसे तुरंत फायदा दिया जाता है.
बता दें कि HDB Financial की 2007 में शुरुआत हुई थी. ये देश की 7वीं सबसे बड़ी रिटेल फोकस NBFC है. ग्राहकों को लोन देने के साथ-साथ बीपीओ सर्विस देने का काम भी करती है. एसेट फाइनेंस, कंज्यूमर फाइनेंस और एंटरप्राइज लेंडिंग का कामकाज है. पर्सनल, गोल्ड, बिजनेस और ऑटो लोन जैसी फाइनेंशियल सर्विसेज देती है. देशभर में इनके पास कुल 1771 ब्रांच, 20 बड़े शहरों के बाहर 80% ब्रांच है.