₹325 के इशू प्राइस पर आया था IPO, 30 गुना भरा था इशू, लिस्टिंग पर निवेशकों को हुआ इतना मुनाफा

Gem Aromatics IPO: इस आईपीओ को 30.3 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इसके मुकाबले इसकी सुस्ती भी सुस्त रही है. इशू प्राइस 325 रुपये था, इसके मुकाबले 333.10 रुपये पर लिस्टिंग हुई है.
₹325 के इशू प्राइस पर आया था IPO, 30 गुना भरा था इशू, लिस्टिंग पर निवेशकों को हुआ इतना मुनाफा

Gem Aromatics IPO: इसेंशियल ऑयल, अरोमा केमिकल्स जैसे प्रॉडक्ट्स बनाने वाली कंपनी Gem Aromatics का IPO मंगलवार को शेयर बाजार में लिस्ट हो गया है. इस आईपीओ को 30.3 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इसके मुकाबले इसकी सुस्ती भी सुस्त रही है. इशू प्राइस 325 रुपये था, इसके मुकाबले 333.10 रुपये पर लिस्टिंग हुई है, जोकि 2 पर्सेंट का प्रीमियम है.

मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने इसमें रिस्क लेने वाले निवेशकों को छोटे लिस्टिंग गेन के लिए पैसे लगाने की सलाह दी थी. अब स्टॉपलॉस लगाकर ट्रेल करने की सलाह है.

कंपनी के बारे में

Add Zee Business as a Preferred Source

GEM Aromatics स्पेशलिटी इंग्रेडिएंट्स (essential oils, aroma chemicals और derivatives) बनाने का कारोबार करती है और इसके उत्पाद oral care, cosmetics, nutraceuticals, pharmaceuticals, wellness और personal care जैसे सेक्टर्स में इस्तेमाल होते हैं.

2012 में स्थापित, GAL के पास 70 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है. मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स बदायूं (UP), सिलवासा (Daman & Diu), दहेज (Gujarat) में हैं. Colgate-Palmolive (India), Dabur, Patanjali Ayurved, SH Kelkar, Rossari Biotech, dōTERRA इनके खास क्लाइंट्स हैं. FY25 में कंपनी ने 225 घरेलू और 44 ग्लोबल कस्टमर्स को सप्लाई दी. कंपनी का लगभग 70% राजस्व मिंट और मिंट डेरिवेटिव्स से आता है. मैनेजमेंट का फोकस Domestic-Export बिज़नेस 50:50 रखने, Q4 पर जोर, और capacity expansion पूरा करने पर है.

Gem Aromatics Ltd. एक ऐसी कंपनी है जो स्पेशलिटी इंग्रेडिएंट्स बनाती है और इसके उत्पाद हेल्थकेयर से लेकर पर्सनल केयर तक कई इंडस्ट्रीज में उपयोग होते हैं. जब किसी कंपनी का IPO आता है, तो निवेशक सबसे पहले उसके बिज़नेस मॉडल, फाइनेंशियल कंडीशन और ग्रोथ पोटेंशियल को देखते हैं. इसी आधार पर पॉज़िटिव और नेगेटिव पहलुओं को विस्तार से समझना जरूरी है.

क्या हैं पॉजिटिव बातें?

सबसे पहला पॉज़िटिव पहलू है कंपनी का अनुभवी और योग्य मैनेजमेंट. Gem Aromatics के प्रमोटर्स लंबे समय से इस सेक्टर से जुड़े हैं और उनकी इंडस्ट्री नॉलेज कंपनी को लगातार मार्केट में टिके रहने की क्षमता देती है. दूसरा पॉज़िटिव पहलू है कंपनी का डाइवर्सिफाइड प्रोडक्ट पोर्टफोलियो. Gem Aromatics के पास लगभग 70 प्रोडक्ट्स का पोर्टफोलियो है, जिसमें मिंट और इसके डेरिवेटिव्स के अलावा लौंग, फिनोल और दूसरे नेचुरल-सिंथेटिक इंग्रेडिएंट्स शामिल हैं.

तीसरा अहम पॉज़िटिव है कंपनी का मजबूत कस्टमर बेस, जिसमें घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह के ग्राहक शामिल हैं. FY25 में कंपनी ने भारत में 225 और विदेशों में 44 ग्राहकों को सप्लाई की है. इसके कस्टमर बेस में Colgate-Palmolive (India), Dabur, Patanjali Ayurved, SH Kelkar और Rossari Biotech जैसी बड़ी कंपनियां शामिल हैं.

कंपनी के सामने हैं कुछ चुनौतियां

लेकिन निवेशकों को कंपनी के कुछ चुनौतियों को भी ध्यान में रखना चाहिए. सबसे बड़ी चुनौती है कंपनी का बिज़नेस मॉडल, जो काफी हद तक सीज़नल नेचर पर आधारित है. कंपनी का चौथा क्वार्टर (Q4) सबसे मजबूत रहता है, यानी साल के बाकी हिस्सों में राजस्व का असमान बंटवारा होता है. ऐसे में वर्किंग कैपिटल की जरूरत बढ़ जाती है, क्योंकि कंपनी को साल भर अपने ऑपरेशंस चलाने के लिए बड़ी पूंजी लगानी पड़ती है.

दूसरी बड़ी चिंता है कंपनी की बढ़ती हुई उधारी. पिछले कुछ समय में Gem Aromatics की शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लोन की ज़रूरतें बढ़ी हैं. तीसरी कमजोरी है कंपनी का नेगेटिव कैशफ्लो. FY25 में कंपनी का ऑपरेशनल कैशफ्लो निगेटिव रहा है. इसका मतलब यह हुआ कि भले ही कंपनी का बिज़नेस और प्रोडक्ट्स अच्छे हों, लेकिन ऑपरेशंस से आने वाली कैश की स्थिति फिलहाल संतोषजनक नहीं है.

  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6