Fujiyama Power IPO: 2 गुना भरा ₹828 करोड़ का इशू, अनिल सिंघवी ने कहा- लिस्टिंग के बाद खरीदारी का करें इंतजार

Fujiyama Power IPO: अनिल सिंघवी की राय है कि कंपनी मजबूत B2C मॉडल के कारण महंगी दिखती है, लेकिन यह प्रीमियम उसके बिज़नेस स्ट्रक्चर को देखते हुए आया है. फिर भी कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए राय है कि वे लिस्टिंग के बाद शुरुआती कीमत के स्थिर होने का इंतजार करके ही इसमें एंट्री लें.
Fujiyama Power IPO: 2 गुना भरा ₹828 करोड़ का इशू, अनिल सिंघवी ने कहा- लिस्टिंग के बाद खरीदारी का करें इंतजार

Fujiyama Power IPO: Fujiyama Power Systems के IPO सोमवार को बंद हो रहा है. इस इशू को अब तक 2.06 गुना सब्सक्रिप्शन मिल चुका है. कंपनी सोलर प्रोडक्ट्स और पावर सॉल्यूशंस के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय रही है और इसी ट्रैक रिकॉर्ड ने निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ाई है. मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने इसपर अपना एनालिसिस दिया है.

कंपनी की क्या अच्छी बातें हैं?

कंपनी की सबसे बड़ी मजबूती उसका अनुभव और मजबूत ब्रांड पहचान है. Fujiyama Power की पैरेंट कंपनी UTL Solar पिछले 29 सालों से बाजार में सक्रिय है और घरेलू स्तर पर उसकी एक मजबूत ब्रांड वैल्यू है. कंपनी का बिज़नेस मॉडल B2C पर आधारित है और इसकी 90 प्रतिशत कमाई डीलरों और फ्रैंचाइज़ी नेटवर्क के जरिए आती है, जिससे यह टेंडर आधारित व्यवसाय पर निर्भर नहीं रहती. एसेट-लाइट मॉडल और खुदरा आधारित वितरण इसे स्थिरता प्रदान करते हैं. इन्वर्टर, पैनल और बैटरी जैसे 522 से अधिक SKUs के साथ कंपनी का पोर्टफोलियो विविध है और पिछले वर्षों में राजस्व और मुनाफे दोनों में मजबूती दिखाई है. सकारात्मक कैश फ्लो और उत्तर भारत में चार मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स भी इसकी क्षमता को दर्शाते हैं.

कंपनी की निगेटिव बातें क्या हैं?

हालांकि, कुछ चुनौतियां निवेशकों के लिए अहम हैं. कंपनी का कर्ज एक साल में 200 करोड़ से बढ़कर 346 करोड़ रुपये हो गया है, यानी लगभग 73 प्रतिशत की उछाल. भविष्य की कैपेक्स योजनाओं को देखते हुए इस कर्ज में और बढ़ोतरी की जरूरत पड़ सकती है. वैल्यूएशन भी तुलना में महंगा दिखता है क्योंकि कंपनी का P/E लगभग 35 गुना है, जो अन्य लिस्टेड साथियों से अधिक है. एक और चिंता यह है कि कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन दो साल में 8 प्रतिशत से 16 प्रतिशत तक दोगुना हुआ है. यह रफ्तार आगे टिक पाएगी या नहीं, इसे देखना होगा. कैश फ्लो में गिरावट भी सवाल खड़े करती है, क्योंकि एक साल में यह 85 करोड़ से घटकर 18 करोड़ पर आ गया है. उद्योग में कड़ी प्रतिस्पर्धा और सरकार की सब्सिडी पर उच्च निर्भरता भी जोखिम बढ़ाती है.

Valuation के मामले में अनिल सिंघवी की राय है कि कंपनी मजबूत B2C मॉडल के कारण महंगी दिखती है, लेकिन यह प्रीमियम उसके बिज़नेस स्ट्रक्चर को देखते हुए आया है. फिर भी कम जोखिम लेने वाले निवेशकों के लिए राय है कि वे लिस्टिंग के बाद शुरुआती कीमत के स्थिर होने का इंतजार करके ही इसमें एंट्री लें.

Fujiyama Power Systems IPO की डीटेल्स

Fujiyama Power Systems का IPO कुल ₹828 करोड़ का है. इसमें ₹600 करोड़ का फ्रेश इश्यू शामिल है, जबकि 10 लाख इक्विटी शेयरों का ऑफर फॉर सेल ₹228 करोड़ के बराबर है. प्राइस बैंड ₹216 से ₹228 प्रति शेयर तय किया गया है और एक लॉट में 65 शेयर रखे गए हैं. कंपनी फ्रेश फंड का उपयोग मध्य प्रदेश के रतलाम में अपनी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को आंशिक वित्तपोषित करने, कुछ कर्जों को चुकाने और सामान्य कॉर्पोरेट जरूरतों के लिए करेगी.

Fujiyama Power Systems अपने मजबूत वितरण नेटवर्क के लिए जानी जाती है. UTL Solar ब्रांड के तहत यह 1100 से अधिक एक्सक्लूसिव “Shoppe” फ्रैंचाइज़ी चलाती है और उत्तर भारत की चार फैक्ट्रियों के जरिए प्रोडक्शन करती है. कंपनी सोलर इंडस्ट्री में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में उभर चुकी है और IPO के जरिए अपने विस्तार को और गति देना चाहती है.

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