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Coca-Cola ला सकती है भारत में 1 अरब डॉलर का IPO. प्रतीकात्मक फोटो (AI/ChatGPT)
भारतीय शेयर बाजार को आने वाले समय में एक और बड़ा IPO देखने को मिल सकता है. दुनिया की दिग्गज पेय पदार्थ कंपनी Coca-Cola भारत में अपनी बॉटलिंग यूनिट को शेयर बाजार में लाने की तैयारी कर रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 2027 तक Hindustan Coca-Cola Holdings (HCCH) की BSE और NSE पर लिस्टिंग कर सकती है. अगर यह योजना आगे बढ़ती है तो यह भारत के बड़े IPO में से एक हो सकता है.
Coca-Cola ने कहा है कि वह अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट Hindustan Coca-Cola Holdings Pvt. Ltd. की संभावित लिस्टिंग के विकल्प पर काम कर रही है. कंपनी के मुताबिक फिलहाल शुरुआती तैयारियां शुरू हो चुकी हैं.
लिस्टिंग के दौरान Coca-Cola अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकती है. हालांकि कंपनी ने अभी यह साफ नहीं किया है कि IPO का आकार कितना होगा और बाजार में कितनी हिस्सेदारी उतारी जाएगी. रिपोर्ट्स के अनुसार इस IPO की वैल्यू करीब 1 अरब डॉलर हो सकती है.
अभी Hindustan Coca-Cola Holdings में Coca-Cola की करीब 60 फीसदी हिस्सेदारी है. बाकी 40 फीसदी हिस्सेदारी Jubilant Bhartia Group के पास है, जिसने 2025 में यह हिस्सा खरीदा था.
कंपनी का कहना है कि संभावित लिस्टिंग HCCH के रीफ्रेंचाइजिंग प्रोसेस को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम होगी और इससे भारतीय बाजार में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे.
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Hindustan Coca-Cola Holdings और इसकी ऑपरेटिंग कंपनी HCCB की शुरुआत 1997 में हुई थी. कंपनी के पास 2,000 से ज्यादा डिस्ट्रीब्यूटर्स का नेटवर्क है और यह 17 लाख से ज्यादा ग्राहकों तक पहुंच रखती है. कंपनी के लगभग 5,000 कर्मचारी हैं. इसके अलावा HCCB देश के 10 राज्यों में 14 बॉटलिंग प्लांट चलाती है और 8 को-पैकर्स के साथ काम करती है.
HCCB भारत में Coca-Cola के कई लोकप्रिय ब्रांड्स की मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री करती है. इनमें Coca-Cola, Thums Up, Sprite, Fanta, Limca, Maaza और Minute Maid जैसे ब्रांड शामिल हैं. कंपनी अपने ऑपरेटिंग क्षेत्रों में नॉन-अल्कोहलिक रेडी-टू-ड्रिंक बेवरेज सेगमेंट की मार्केट लीडर भी है.
भारत Coca-Cola के सबसे तेजी से बढ़ते बाजारों में से एक माना जाता है. वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी ने भारत में ₹5,000 करोड़ से ज्यादा की बिक्री दर्ज की, जो 2021 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर बताया गया है.
हालांकि कंपनी को भारतीय बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा का भी सामना करना पड़ रहा है. खासकर Reliance की Campa Cola ब्रांड ने पिछले कुछ समय में बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत की है.
कंपनी ने संभावित लिस्टिंग प्रक्रिया के लिए Rothschild & Co को सलाहकार नियुक्त किया है. फिलहाल IPO की टाइमलाइन और अन्य जानकारियों का इंतजार किया जा रहा है.
Coca-Cola का नाम आते ही दुनिया के मशहूर निवेशक वॉरेन बफेट का जिक्र भी होने लगता है. Coca-Cola उनके सबसे पसंदीदा निवेशों में से एक रही है.
बफेट ने 1988-89 के दौरान Coca-Cola में निवेश किया था और आज भी यह उनके पोर्टफोलियो की सबसे बड़ी होल्डिंग्स में शामिल है. Berkshire Hathaway के पास फिलहाल Coca-Cola के करीब 40 करोड़ शेयर हैं.
दिलचस्प बात यह है कि बफेट के निवेश के बाद Coca-Cola के शेयरों ने लंबी अवधि में शानदार रिटर्न दिया है. यही वजह है कि यह शेयर उनकी सबसे सफल निवेश कहानियों में गिना जाता है.
अगर Coca-Cola अपनी भारतीय बॉटलिंग यूनिट को शेयर बाजार में लाती है, तो यह आने वाले वर्षों के सबसे चर्चित IPO में से एक हो सकता है. कंपनी का बड़ा ब्रांड, मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और भारत में तेजी से बढ़ता कारोबार इस लिस्टिंग को निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बना सकता है.