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Bharat Coking Coal Limited IPO: साल का पहला इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) खुलने को तैयार है. Coal India की सब्सिडियरी Bharat Coking Coal Limited (BCCL) का आईपीओ 9 जनवरी से 13 जनवरी के बीच खुल रहा है. यह पूरा इश्यू OFS यानी Offer for Sale है, जिसमें सरकार की ओर से Coal India इस कंपनी से अपनी हिस्सेदारी घटा रही है. कोकिंग कोल जैसे स्ट्रैटेजिक सेगमेंट में काम करने वाली यह कंपनी स्टील सेक्टर के लिए बेहद अहम है, यहां तक कि इसे इस सेक्टर का किंग माना जाता है, ऐसे में ये आईपीओ काफी खास रहने वाला है.
Bharat Coking Coal का प्राइस बैंड 21 से 23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है. एक लॉट में 600 शेयर होंगे, यानी रिटेल निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश करीब 13,800 रुपये का होगा. पूरे इश्यू का साइज 1,071 करोड़ रुपये का है और यह पूरा OFS (ऑफर फॉर सेल) है, इसलिए इसमें कंपनी के बैलेंस शीट में नया कैश नहीं आएगा. कोल इंडिया इसमें से अपर प्राइस बैंड पर कंपनी का पोस्ट-इश्यू इम्प्लाइड मार्केट कैप करीब 10,711 करोड़ रुपये बैठता है. इश्यू के बाद कंपनी के कुल शेयरों की संख्या लगभग 465 करोड़ होगी.
IPO में 50% तक का हिस्सा QIBs के लिए रिजर्व रखा गया है. Non-Institutional Investors के लिए न्यूनतम 15% और Retail Individual Investors के लिए न्यूनतम 35% का कोटा तय किया गया है. इसके अलावा कर्मचारियों के लिए 2.329 करोड़ शेयर और शेयरहोल्डर्स के लिए 4.657 करोड़ शेयर रिजर्व रखे गए हैं. कर्मचारियों को प्रति शेयर 1 रुपये का डिस्काउंट भी मिलेगा.
IPO से पहले कंपनी में प्रमोटर यानी Coal India की हिस्सेदारी 100% है. इश्यू के बाद प्रमोटर की हिस्सेदारी घटकर 90% रह जाएगी, जबकि पब्लिक शेयरहोल्डिंग 10% तक होगी. इस आईपीओ के जरिए सरकार डिसइनवेस्टमेंट कर रही है, ताकि कोल इंडिया की सब्सिडियरी का वैल्यू अनलॉक हो सके.
Bharat Coking Coal Limited देश की सबसे बड़ी घरेलू कोकिंग कोल उत्पादक कंपनी है. यह सरकारी PSU है और Coal India की सब्सिडियरी है. कंपनी को 2014 में ‘मिनीरत्न’ का दर्जा मिला था. BCCL का मुख्य काम कोकिंग कोल की माइनिंग और सप्लाई करना है, जिसका सबसे बड़ा उपयोग स्टील इंडस्ट्री में होता है. इसके अलावा कंपनी पावर सेक्टर और अन्य इंडस्ट्रीज को भी सप्लाई देती है. FY25 में कंपनी भारत की घरेलू कोकिंग कोल प्रोडक्शन का करीब 58.5% हिस्सा अकेले संभालती है. कंपनी के पास करीब 7,910 मिलियन टन के अनुमानित कोल रिजर्व हैं.

BCCL मुख्य रूप से झारखंड के झरिया कोल फील्ड में ऑपरेट करती है, जहां इसके पास कई ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड खदानें हैं. सितंबर 2025 तक कंपनी कुल 34 माइंस ऑपरेट कर रही है, जिनमें 26 ओपनकास्ट, 4 अंडरग्राउंड और 4 मिक्स्ड माइंस शामिल हैं. कंपनी का पोर्टफोलियो ओपनकास्ट और अंडरग्राउंड दोनों तरह के प्रोजेक्ट्स को कवर करता है, जिससे ऑपरेशनल फ्लेक्सिबिलिटी मिलती है.
इसके अलावा कंपनी ने सोलर पावर के जरिए एनर्जी कॉस्ट को कंट्रोल करने की दिशा में भी कदम उठाए हैं. सोलर पावर का उपयोग खुद की खपत के साथ-साथ ग्रिड में इंजेक्शन के लिए भी किया जा रहा है, जिससे लॉन्ग टर्म में मार्जिन को सपोर्ट मिल सकता है.
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कंपनी ने किसी भी भारतीय लिस्टेड कंपनी को अपना डायरेक्ट पीयर नहीं बताया है. हालांकि इंटरनेशनल लेवल पर NYSE में लिस्टेड दो कंपनियां- Alpha Metallurgical Resources और Warrior Met Coal- को पीयर के रूप में देखा जा सकता है. इससे यह भी साफ होता है कि भारत में कोकिंग कोल के इस सेगमेंट में BCCL की पोजीशन काफी यूनीक है.

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