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Bansal Wire IPO Listing: स्टील के तार बनाने वाली कंपनी Bansal Wire Industries IPO की बाजार में अच्छी लिस्टिंग हुई है. कंपनी के शेयर स्टॉक एक्सचेंजेज पर 37% के प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए. ये NSE पर 39.06% प्रीमियम के साथ 356 पर लिस्ट हुआ और BSE पर 37.5% प्रीमियम के साथ ~352.05 पर लिस्ट हुआ. इसके 37.5% प्रीमियम पर 352 के प्राइस पर लिस्ट होने के संकेत मिल रहे थे. कंपनी ने IPO का इशू प्राइस 243-256 रुपये प्रति शेयर रखा था. कंपनी के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को 63 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.
अनिल सिंघवी ने इस आईपीओ में छोटी लिस्टिंग गेन और लंबी अवधि के लिए पैसे लगाने की सलाह दी थी. अब लिस्टिंग के बाद निवेशकों को 295 का स्टॉपलॉस लगाकर इसमें बने रहने की सलाह है.
एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, आरंभिक शेयर बिक्री में 2,14,60,906 शेयरों की पेशकश के मुकाबले 1,27,85,23,754 शेयरों के लिए बोलियां मिली थीं. गैर-संस्थागत निवेशकों के खंड को 51.46 गुना अभिदान मिला, जबकि खुदरा व्यक्तिगत निवेशकों (आरआईआई) के लिए 13.64 गुना अभिदान मिला. पात्र संस्थागत खरीदारों (क्यूआईबी) के हिस्से को 146.05 गुना अभिदान मिला.
बंसल वायर इंडस्ट्रीज ने एंकर (बड़े) निवेशकों से 223 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई है. इस सार्वजनिक निर्गम के तहत 745 करोड़ रुपये मूल्य के नए इक्विटी शेयर जारी किए गए थे और इसमें बिक्री पेशकश (ओएफएस) नहीं था. आईपीओ से मिलने वाली राशि का उपयोग कर्ज भुगतान, कंपनी की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को पूरा करने और सामान्य कंपनी कामकाज के लिए किया जाएगा.
कंपनी स्टेनलेस-स्टील वायर बनाती है. ये वॉल्यूम के हिसाब से देश की दूसरी सबसे बड़ी स्टील वायर मैन्युफैक्चरर है. इनका 3 सेगमेंट में काम होता है- हाई कार्बन स्टील वायर, लो कार्बन स्टील वायर और स्टेनलेस-स्टील वायर. इनके 3,000 से ज्यादा SKUs हैं, जो देश में सभी स्टील वायर मैन्युफैक्चरर्स में सबसे ज्यादा हैं. 50 से अधिक देशों को एक्सपोर्ट करती है, जोकि कुल आय में एक्सपोर्ट का हिस्सा करीब 12% है. कंपनी डीलर डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क के जरिए 22 राज्य और 6 UTs में मौजूद है.