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Ajax Engineering IPO: घरेलू शेयर बाजारों में जबरदस्त प्रेशर बना हुआ है. निफ्टी अपने सेंटीमेंटल लेवल्स को क्रैश करता हुआ नजर आ रहा है. बिकवाली जारी है और खासकर मिडकैप-स्मॉलकैप शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दिख रही है. इस बीच IPO मार्केट की ओर भी नजर है. आईपीओ में पैसा लगाने वाले निवेशकों के लिए इस बाजार में आईपीओ में पैसा बनाने का मौका है. लेकिन उसके पहले जानना जरूरी है कि कौन से आईपीओ खुले हैं और क्या पैसा लगाना चाहिए या नहीं.
Ajax Engineering IPO का प्राइस बैंड ₹599 से ₹629 रुपये है. कंपनी ने एंकर निवेशकों से ₹379 करोड़ जुटाए हैं. मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने Ajax Engineering IPO पर अपनी राय दी है. आईपीओ का मंगलवार (11 फरवरी) को दूसरा दिन है. सुबह 10:30 बजे तक कुल 0.33 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था. इंप्लॉईज़ की कैटेगरी में 0.71 गुना, रिटेल कैटेगरी में 0.36 गुना और गैर संस्थागत निवेशकों की कैटैगरी में 0.36 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था.
Ajax Engineering IPO पूरी तरह से एक ऑफर फॉर सेल (OFS) है, जिसमें कंपनी के प्रमोटर्स और एक इन्वेस्टर शेयरहोल्डर 2.01 करोड़ शेयर बेच रहे हैं. इस OFS के जरिए कंपनी ₹1,269 करोड़ जुटाएगी, अगर शेयर की कीमत प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर रखी जाती है. इस इश्यू में Kedaara Capital अपनी 74.37 लाख शेयरों की हिस्सेदारी बेच रहा है. चूंकि यह IPO पूरी तरह से OFS है, इसलिए Ajax Engineering को इस इश्यू से कोई फंड नहीं मिलेगा. इस IPO के आधार पर कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹7,200 करोड़ आंका गया है.
अनुभवी और पेशेवर मैनेजमेंट: कंपनी का नेतृत्व अनुभवी और कुशल मैनेजमेंट टीम द्वारा किया जा रहा है, जिससे इसके भविष्य की ग्रोथ को मजबूती मिलेगी.
मार्केट लीडरशिप: Self Loading Concrete Mixtures (SCLM) में कंपनी की 77% मार्केट हिस्सेदारी है, जिससे यह अपने सेगमेंट में अग्रणी बनी हुई है.
मजबूत ग्रोथ ट्रैक रिकॉर्ड: पिछले कुछ वर्षों में कंपनी ने बेहतर ग्रोथ दिखाई है, जिससे इसका बिजनेस मॉडल भरोसेमंद बनता है.
मजबूत वित्तीय स्थिति: कंपनी पॉजिटिव कैश फ्लो जनरेट कर रही है और पूरी तरह से कर्ज मुक्त (Debt Free) है, जिससे इसका वित्तीय स्वास्थ्य मजबूत बना हुआ है.
कोई विवाद या कानूनी अड़चन नहीं: Ajax Engineering के खिलाफ कोई लीगल केस या संबंधित पार्टी ट्रांजैक्शन नहीं हैं, जो इसे एक साफ-सुथरी कंपनी बनाते हैं.
बेहतर क्षमता उपयोग (Capacity Utilization): कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता पूरी तरह से उपयोग हो रही है, जिससे ऑपरेशनल एफिशिएंसी बनी हुई है.
सबसे बड़ा डीलर नेटवर्क: कंपनी का भारत में सबसे बड़ा डीलर नेटवर्क है, जिससे इसकी पहुंच और बिक्री क्षमता बेहतर बनी रहती है.
वैल्यूएशन सही है: Ajax Engineering वाजिब वैल्यूएशन पर यह IPO लेकर आ रही है, जिससे लॉन्ग टर्म निवेशकों को फायदा हो सकता है.
आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर बिजनेस: कंपनी का बिजनेस साइक्लिकल है और इकोनॉमिक ग्रोथ पर निर्भर करता है. अगर इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर में मंदी आती है, तो इसका असर कंपनी पर पड़ सकता है.
प्रतिस्पर्धा (Competition): घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ी प्रतिस्पर्धा बनी हुई है, जिससे Ajax Engineering को मार्केट शेयर बनाए रखने में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
कच्चे माल की आपूर्ति में समस्या: कंपनी के लिए जापान, यूरोप और चीन से कच्चे माल की आपूर्ति चुनौती बनी हुई है, जो आगे चलकर लागत और उत्पादन पर असर डाल सकता है.
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि Ajax Engineering IPO में लॉन्ग टर्म के लिए अप्लाई करके चल सकते हैं. इस IPO में लॉन्ग टर्म निवेश के लिए अप्लाई करें, शॉर्ट टर्म में लिस्टिंग गेन की उम्मीद कम दिखती है. उनका मानना है कि कंपनी की मजबूत बाजार स्थिति, स्वस्थ वित्तीय स्थिति और अनुभवी मैनेजमेंट इसे लॉन्ग टर्म के लिए आकर्षक निवेश विकल्प बनाते हैं. हालांकि, कुछ जोखिम भी जुड़े हुए हैं, लेकिन कुल मिलाकर यह IPO निवेशकों के लिए अच्छा साबित हो सकता है.
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