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अपडेटेडे DRHP के मुताबिक, जेप्टो का आईपीओ 8010 करोड़ रुपए का होगा. (फाइल फोटो)
IPO से ठीक पहले Zepto के लिए नई मुश्किलें खड़ी हो गई है. ऑल इंडिया कंज्यूमर प्रोडक्ट्स डिस्ट्रीब्यूटर्स फेडरेशन (AICPDF) ने प्रधानमंत्री कार्यालय, सेबी, कॉम्पिटिशन कमीशन और केंद्र सरकार को पत्र लिखकर इस प्रस्तावित आईपीओ पर रोक लगाने की मांग की है. संगठन ने क्विक कॉमर्स कंपनियों के बिजनेस मॉडल पर सवाल उठाया है. इसने कहा कि भारी डिस्काउंटिंग की मदद से पारंपरिक किराना स्टोर्स और डिस्ट्रीब्यूशन नटवर्क पर बहुत ज्यादा दबाव बन रहा है.
AICPDF का कहना है कि Zepto के IPO को मंजूरी देने से पहले उसके बिजनेस मॉडल और बाजार पर पड़ने वाले प्रभाव की स्वतंत्र समीक्षा कराई जानी चाहिए. सभी क्विक कॉमर्स कंपनियां बहुत ज्यादा कैश बर्न कर रही हैं और इनका बिजनेस घाटे में है. डिस्काउंट के कारण छोटे व्यापारियों, डिस्ट्रीब्यूटर्स और रोजगार पर असर पड़ रहा है. ऐसे में गंभीर जांच के बिना Zepto के आईपीओ को मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए. जेप्टो के लिए यह आपत्ति ऐसे समय आई है जब कंपनी लिस्टिंग की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है.

9 जून की बात है जब Zepto ने सेबी के सामने फ्रेश DRHP फाइल किया जिसके मुताबिक यह आईपीओ 8010 करोड़ रुपए का होगा.पुराने आईपीओ का साइज 11000 करोड़ रुपए के करीब माना जा रहा था. अपडेटेड DRHP में कंपनी ने FY26 के पूरे साल के नतीजे शामिल किए हैं. इसके मुताबिक ऑर्डर वॉल्यूम और ऑर्डर वैल्यू के मामले में Zepto अब Swiggy Instamart से आगे निकल चुकी है. हालांकि बाजार के सबसे बड़े खिलाड़ी Blinkit से अभी भी काफी पीछे है.
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FY26 में क्विक कॉमर्स मार्केट की बात करें तो इस सेगमेंट का लीडर Blinkit है और इसका मार्केट शेयर 46.5% है. Zepto अब दूसरे नंबर पर है और इसका मार्केट शेयर 32.5% है, जबकि Instamart का मार्केट शेयर करीब 21% है. Zepto का ऑर्डर ग्रोथ रेट अपने कॉम्पिटिटर्स के मुकाबले काफी मजबूत रहा है.
FY26 में रेवन्यू डबल
रेवेन्यू के साथ नुकसान भी बढ़ा
EBITDA अब भी नेगेटिव
| Financial Year | Revenue | Net Loss | EBITDA Loss |
| FY24 | ₹4,544 करोड़ | ₹1,215 करोड़ | ₹1,029 करोड़ |
| FY25 | ₹11,603 करोड़ | ₹4,700 करोड़ | ₹4,153 करोड़ |
| FY26 | ₹23,128 करोड़ | ₹5,505 करोड़ | ₹4,746 करोड़ |
Q4FY26
Q3FY26
Q2FY26
Q1FY26
ऑर्डर ग्रोथ कैसा रहा?
| तिमाही (Quarter) | Total Orders | Daily Orders |
| Q1 FY26 | 123.61 मिलियन | 13.73 लाख |
| Q2 FY26 | 134.50 मिलियन | 14.61 लाख |
| Q3 FY26 | 167.00 मिलियन | 18.14 लाख |
| Q4 FY26 | 210.00 मिलियन | 23.33 लाख |
31 मार्च 2026 के आधार पर Zepto के कुल 1139 डार्क स्टोर्स और 75 वेयर हाउस हैं जो लीज पर हैं. कंपनी ने 2030 तक डार्क स्टोर्स एक्सपैंशन के लिए 16290 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान रखा है. इसमें 2027 में 2778 करोड़ रुपए, 2028 में 3318 करोड़ रुपए, 2029 में 5852 करोड़ रुपए और 2030 में 4340 करोड़ रुपए खर्च करने का प्लान है.
Technology पर बड़ा दांव
2030 तक टेक्नोलॉजी और इन्फ्रा पर बड़े खर्च की तैयारी है. कुल 13247 रुपए खर्च करने का प्लान है.
Marketing पर अग्रेसिव खर्च करेगी कंपनी
2030 तक कंपनी मार्केटिंग पर कुल 5200 करोड़ रुपए का बड़ा खर्च करेगी.
2030 तक खर्च का प्लान
| वर्ष (Year) | डार्क स्टोर्स एक्सपैंशन | टेक्नोलॉजी और इन्फ्रा | मार्केटिंग | Annual Total |
| 2027 | ₹2,778 करोड़ | ₹2,527 करोड़ | ₹570 करोड़ | ₹5,875 करोड़ |
| 2028 | ₹3,318 करोड़ | ₹3,973 करोड़ | ₹930 करोड़ | ₹8,221 करोड़ |
| 2029 | ₹5,852 करोड़ | ₹4,515 करोड़ | ₹2,720 करोड़ | ₹13,087 करोड़ |
| 2030 | ₹4,340 करोड़ | ₹2,231 करोड़ | ₹980 करोड़ | ₹7,551 करोड़ |
| Total Budget | ₹16,290 करोड़ | ₹13,247 करोड़ | ₹5,200 करोड़ | ₹34,737 करोड़ |
कंपनी के प्रमोटर Aadit Palicha और Kaivalya Vohra आईपीओ में अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं. आईपीओ में कुछ वर्तमान वेंचर कैपिटलिस्ट की तरफ से OFS का हिस्सा होगा
Zepto भारत का पहला प्योर प्ले क्विक कॉमर्स कंपनी है जिसका आईपीओ आ रहा है. स्विगी और इटरनल का क्विक कॉमर्स के अलावा अलग-अलग बिजनेस भी है. पिछले दो सालों में कंपनी का रेवेन्यू ग्रोथ 5 गुना रहा है जबकि मुनाफा अभी भी दूर है. क्विक कॉमर्स का कॉम्पिटिशन तगड़ा है. वर्तमान में इसमें जेप्टो के अलावा Swiggy Instamart, Eternal Blinkit, Amazon Now और Flipkart Minutes जैसे प्लेयर्स हैं. ऐसे में यह कॉम्पिटिशन, कैश बर्न लंबा चलेगा और प्रॉफिटैबिलिटी में भी काफी समय लगेगा.