&format=webp&quality=medium)
शेयर बाजार के निवेशकों के लिए यह हफ्ता किसी सस्पेंस फिल्म से कम नहीं होने वाला है. एक तरफ देश का बजट आने वाला है, तो दूसरी तरफ सात समंदर पार अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बड़ी बैठक होने वाली है. पिछले हफ्ते की विदाई बाजार के लिए अच्छी नहीं रही. शुक्रवार को बिकवाली के दबाव ने सेंसेक्स और निफ्टी को काफी नीचे धकेल दिया. सेंसेक्स करीब 770 अंक टूटकर 81,537 पर आ गया, वहीं निफ्टी भी 241 अंकों की गिरावट के साथ 25,048 के स्तर पर बंद हुआ.
अब सवाल यह है कि क्या इस हफ्ते बाजार संभलेगा या फिर गिरावट का दौर जारी रहेगा. बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी के लिए 25,300 का स्तर पार करना बड़ी चुनौती है. अगर गिरावट बढ़ती है और निफ्टी 24,350 के नीचे जाता है, तो दबाव और गहरा सकता है. आइए विस्तार से समझते हैं उन 5 बड़े कारणों को, जो इस हफ्ते आपके पोर्टफोलियो पर असर डालेंगे.
इस हफ्ते का सबसे बड़ा ट्रिगर 'यूनियन बजट 2026' है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार, 1 फरवरी को संसद में बजट पेश करेंगी. बाजार इस बात को लेकर उत्साहित है कि सरकार टैक्स में क्या बदलाव करती है और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए कितना पैसा आवंटित किया जाता है. निवेशकों की नजर खास तौर पर उन घोषणाओं पर होगी जो देश की आर्थिक रफ्तार को बढ़ाने वाली हों. बजट का सुर और सरकार की प्राथमिकताएं ही तय करेंगी कि शॉर्ट टर्म में बाजार किस दिशा में जाएगा.
Zee Business Hindi Live TV यहां देखें-
सिर्फ भारत ही नहीं, पूरी दुनिया की नजर अमेरिका पर है. 27 से 28 जनवरी तक यूएस फेडरल रिजर्व की पॉलिसी मीटिंग होने वाली है. जानकारों का मानना है कि इस बार ब्याज दरों में कोई बदलाव शायद न हो, लेकिन फेड के अधिकारी भविष्य के लिए क्या संकेत देते हैं, यह बहुत महत्वपूर्ण है. उनकी टिप्पणियों का असर विदेशी निवेशकों के सेंटिमेंट और भारत जैसे उभरते बाजारों में आने वाले फंड पर सीधा पड़ता है.
कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजों का सीजन भी पूरे शबाब पर है. इस हफ्ते एलएंडटी (L&T), आईटीसी (ITC), मारुति सुजुकी, अडानी एंटरप्राइजेज, एक्सिस बैंक, गेल (GAIL) और एनटीपीसी (NTPC) जैसी बड़ी कंपनियां अपने रिजल्ट पेश करने वाली हैं. पिछले हफ्ते इंफोसिस के अच्छे नतीजों और बैंकिंग शेयरों की मजबूती से बाजार को थोड़ा सहारा मिला था, लेकिन कुछ दूसरी कंपनियों के कमजोर प्रदर्शन ने उस बढ़त को बराबर कर दिया. इस हफ्ते आने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि कौन सा सेक्टर बाजार को लीड करेगा.
भारत और अमेरिका के बीच एक बड़ी ट्रेड डील को लेकर भी सुगबुगाहट तेज है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में भरोसा जताया है कि भारत वैश्विक व्यापार चर्चाओं में सक्रिय है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए एक अच्छे व्यापारिक समझौते की उम्मीद जताई है. इसके अलावा, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और नाटो के बीच चल रही अनिश्चितता ने भी ग्लोबल मार्केट के मूड को थोड़ा खराब कर रखा है, जिसका असर भारतीय बाजारों पर भी दिख सकता है.
अगर आप सोने और चांदी में निवेश करते हैं, तो यह खबर आपको चौंका सकती है. सोना इंटरनेशनल मार्केट में 5,000 डॉलर प्रति औंस के जादुई आंकड़े के बेहद करीब पहुंच गया है. शुक्रवार को इसने 4,967 डॉलर का नया रिकॉर्ड बनाया. चांदी भी 100 डॉलर प्रति औंस के पास पहुंच गई है. भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर की कमजोरी की वजह से सुरक्षित निवेश के तौर पर लोग सोने की तरफ भाग रहे हैं. डॉलर का कमजोर होना इन कीमती धातुओं को दुनिया भर के खरीदारों के लिए सस्ता बना रहा है, जिससे इनकी डिमांड बढ़ गई है.
1. बजट 2026 कब पेश किया जाएगा और इसका बाजार पर क्या असर होगा?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को बजट पेश करेंगी. बजट में टैक्स और सरकारी खर्च से जुड़ी घोषणाएं बाजार की दिशा तय करेंगी.
2. यूएस फेड की मीटिंग से भारतीय बाजार को क्या खतरा है?
यूएस फेड की बैठक 27-28 जनवरी को है. अगर फेड अधिकारियों ने भविष्य में ब्याज दरों को लेकर सख्त रुख अपनाया, तो विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से पैसा निकाल सकते हैं.
3. इस हफ्ते किन बड़ी कंपनियों के नतीजे आने वाले हैं?
इस हफ्ते एलएंडटी, आईटीसी, मारुति सुजुकी, अडानी एंटरप्राइजेज और एक्सिस बैंक जैसी दिग्गज कंपनियां अपने तीसरी तिमाही के नतीजे जारी करेंगी.
4. सोने और चांदी की कीमतों में इतनी तेजी क्यों आ रही है?
दुनिया भर में चल रहे तनाव और अमेरिकी डॉलर के कमजोर होने की वजह से सोने और चांदी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं. सोना 4,967 डॉलर प्रति औंस के पार जा चुका है.
5. निफ्टी के लिए इस हफ्ते कौन से स्तर महत्वपूर्ण हैं?
निफ्टी के लिए ऊपर की तरफ 25,300 का रेजिस्टेंस है. नीचे की तरफ 24,880 और 24,587 पर मजबूत सपोर्ट देखा जा रहा है. 24,350 के नीचे जाने पर गिरावट बढ़ सकती है.