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त्योहारी हफ्ते में भारतीय शेयर बाजार में तेजी का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है. बीते सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स 52-सप्ताह के ऊपरी स्तर पर पहुंचे. निवेशकों के उत्साह के पीछे कारण हैं-मजबूत Q2 रिजल्ट्स, विदेशी निवेशकों की वापसी और रुपये की रिकवरी. एक्सपर्ट्स का कहना है कि उपभोग आधारित सेक्टर, बैंकिंग और हेल्थकेयर में अच्छी खरीदारी से सेंटीमेंट पॉजिटिव बना हुआ है.
आने वाला सप्ताह छोटा रहेगा क्योंकि मंगलवार, 21 अक्टूबर को दिवाली और लक्ष्मी पूजन वहीं बुधवार, 22 अक्टूबर को बलिप्रतिपदा के कारण बाजार बंद रहेगा. हालांकि, मंगलवार को 1:45 बजे से 2:45 बजे तक मुहूर्त ट्रेडिंग होगी, जो भारतीय ट्रेडर्स के लिए शुभ मानी जाती है. अब आइए जानते हैं - अगले हफ्ते कौन से 5 बड़े फैक्टर बाजार की दिशा तय करेंगे.
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अमेरिका और चीन के बीच टैरिफ से जुड़ी खबरें तथा भारत-अमेरिका ट्रेड डील की दिशा भारतीय बाजार के लिए अहम ट्रिगर रहेंगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि चीन पर 100% टैरिफ लगाना “टिकाऊ नहीं” है और वे इस मुद्दे पर चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं.
वहीं भारत के वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते पर बातचीत “सकारात्मक और सौहार्दपूर्ण” माहौल में चल रही है. अगर कोई ठोस संकेत निकलता है, तो सेंसेक्स-निफ्टी में नई ऊंचाई देखने को मिल सकती है.
अगले हफ्ते बाजार की दिशा पर कई बड़ी कंपनियों के तिमाही नतीजे असर डालेंगे. इन कंपनियों के रिजल्ट्स ही तय करेंगे कि बाजार की टोन कैसी रहेगी. अगर रिजल्ट उम्मीदों पर खरे उतरते हैं, तो सेंटीमेंट मजबूत रहेगा. अब तक आईं कंपनियों के रिजल्ट्स ज्यादातर उम्मीदों के मुताबिक रहे हैं, जिससे संकेत मिलता है कि Q2 सीजन “स्टेबल” है.
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विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार तीसरे दिन भारतीय शेयरों के नेट खरीदार रहे हैं. FY26 में निफ्टी की अर्निंग्स में करीब 8% ग्रोथ की उम्मीद है.
वैल्यूएशन भी अब सामान्य स्तर पर है, जिससे विदेशी निवेशकों का रुख दोबारा भारत की ओर हो सकता है. वहीं तीसरी तिमाही (Q3) में कॉर्पोरेट ग्रोथ में तेजी आने की संभावना है, जिससे फॉरेन फ्लो में और मजबूती दिख सकती है.
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भारतीय रुपया पिछले हफ्ते डॉलर के मुकाबले करीब 1% मजबूत हुआ और ₹88.02 पर बंद हुआ. RBI ने डॉलर बेचकर रुपये को सपोर्ट किया, जिससे दो दिनों में 1% की तेज रिकवरी हुई - यह चार महीने की सबसे बड़ी उछाल थी.
आने वाले दिनों में RBI रुपये को स्थिर रखने के लिए इंटरवेंशन जारी रखेगा. अगर विदेशी इनफ्लो बढ़ता है और ट्रेड डील पर सकारात्मक संकेत आते हैं, तो रुपया और मजबूत हो सकता है, जिससे शेयर बाजार को भी सपोर्ट मिलेगा.
अमेरिका के सितंबर माह के CPI (उपभोक्ता मूल्य सूचकांक) आंकड़े शुक्रवार को जारी होंगे. ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की ब्याज दर नीति को प्रभावित करेंगे. फेड की बैठक 28-29 अक्टूबर को होने वाली है, जिसमें 25 बेसिस पॉइंट्स की रेट कट की उम्मीद है. अगर महंगाई में कमी दिखती है, तो फेड दरें घटा सकता है, जिससे ग्लोबल मार्केट्स, खासकर भारत जैसे उभरते बाजारों को बड़ा फायदा मिलेगा.
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अगले हफ्ते बाजार कितने दिन खुलेगा?
सिर्फ सोमवार, गुरुवार और शुक्रवार को ट्रेडिंग होगी; मंगलवार और बुधवार को दिवाली अवकाश रहेगा.
कौन-कौन सी बड़ी कंपनियां Q2 रिजल्ट घोषित करेंगी?
रिलायंस इंडस्ट्रीज, HDFC बैंक, ICICI बैंक, HUL, SBI लाइफ और डॉ. रेड्डीज लैब्स.
रुपये की मौजूदा स्थिति क्या है?
रुपया डॉलर के मुकाबले ₹88.02 पर बंद हुआ और इसमें करीब 1% की साप्ताहिक बढ़त हुई.
FII का मूड कैसा है?
विदेशी निवेशक लगातार तीन सत्रों से भारतीय बाजार में खरीदार हैं, जिससे सेंटीमेंट मजबूत है.
फेड रेट कट से भारत को क्या फायदा होगा?
रेट कट से ग्लोबल लिक्विडिटी बढ़ेगी और उभरते बाजारों में, खासकर भारत में, विदेशी निवेश बढ़ सकता है.