डॉलर के मुकाबले 90 के नीचे फिसला रुपया, क्या रिजर्व बैंक रेपो रेट घटाकर और दबाव बढ़ाएगा?

डॉलर के मुकाबले रुपया 90 के नीचे ऑल टाइम लो पर पहुंच गया है. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने रुपए पर दबाव बढ़ाया है. आज से RBI MPC की बैठक भी शुरू हो रही है. अगर रेट कट होता है तो यह रुपए पर दबाव और बढ़ाएगा.
डॉलर के मुकाबले 90 के नीचे फिसला रुपया, क्या रिजर्व बैंक रेपो रेट घटाकर और दबाव बढ़ाएगा?

रुपए में गिरावट का सिलसिला जारी है और बुधवार को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड लो स्तर पर 90 के नीचे फिसल गया है. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 90.13 स्तर पर एक नए रिकॉर्ड लो पर आ गया. इससे पहले मंगलवार को रुपया ने डॉलर के मुकाबले 89.94 स्तर को छू कर अपना ऑल-टाइम लो बनाया था, जो आज के सत्र में ब्रेक हो चुका है. भारतीय रुपए में इस गिरावट का सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली है.

FIIs की बिकवाली थमने का नाम नहीं ले रही है. ऐसे में डॉलर की डिमांड और रुपए की सप्लाई बढ़ रही है. नतीजन भारतीय रुपए की वैल्यु लगातार कमजोर हो रही है और डॉलर मजबूत हो रहा है. इसके अलावा फिलहाल RBI की तरफ से भी रुपए को सपोर्ट करने के लिए कोई उपाय नहीं किया जा रहा है. नतीजन रुपए मे फ्री फॉल जैसी स्थिति देखी जा रही है.

ट्रेड डील को लेकर अपडेट नहीं

अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर भी कोई खास अपडेट नहीं है जिससे कि इंडियन करेंसी को सपोर्ट मिल सके. जानकारों के अनुसार, "भारत-अमेरिका व्यापार समझौता होने पर रुपए का अवमूल्यन रुक जाएगा और स्थिति उलट भी सकती है, जो कि इसी महीने होने की संभावना है. हालांकि, यह दोनों देशों के बीच डील होने के बाद टैरिफ से जुड़ी डिटेल्स पर भी बहुत हद निर्भर करेगा."

आज से RBI MPC की बैठक

आज से RBI MPC की बैठक भी शुरू हो रही है और शुक्रवार को मॉनिटरी पॉलिसी कमिटी के लिए गए फैसलों का ऐलान किया जाएगा. माना जा रहा है कि रिजर्व बैंक रेपो रेट में 25 bps की कटौती कर सकता है. अगर रेट कट होता है तो रुपए में और गिरावट आएगी. ऐसे में आरबीआई के लिए यह मॉनिटरी पॉलिसी काफी चुनौतीपूर्ण होगी. जानकारों का कहना है कि आरबीआई के म्यूट इंटरवेंशन ने भी रुपए में गिरावट को बढ़ाया है. हालांकि, शुक्रवार को आरबीआई एमपीसी बैठक की पॉलिसी घोषणा के साथ मार्केट को उम्मीद है कि यह भी साफ हो जाएगा कि केंद्रीय बैंक करेंसी को स्थिर करने के लिए कदम उठाएगा या नहीं.

बाजार में भी दिख रही बिकवाली

ट्रेडर्स की निगाहें रुपए में स्थिरता के संकेतों और भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता को लेकर स्पष्टता बनी हुई हैं, जिससे मार्केट का मूड तनावपूर्ण बना हुआ है. यही वजह है कि निफ्टी बुधवार को करीब सवा सौ अंकों की गिरावट के साथ 25900 के ठीक उपर कारोबार कर रहा है. टेक्निकल और साइकोलॉजिकल लिहाज से निफ्टी का 26000 के नीचे आना निगेटिव है.

(आईएएनएस इनपुट के साथ)

Add Zee Business as a Preferred Source
  1. 1
  2. 2
  3. 3
  4. 4
  5. 5
  6. 6