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बाजार की लंबी रैली में बहुत से शेयरों का वैल्युएशन भी ज्यादा हो गया है.
How to Select Qualiy Stocks: घरेलू शेयर बाजार अभी हाई वैल्युएशन पर ट्रेड कर रहा है. मार्च 2020 के बाद से बाजार में बड़ी रैली रही है. पिछले दिनों सेंसेक्स और निफ्टी ने तेजी क रिकॉर्ड पर रिकॉर्ड बनाया है. बीच बीच में करेक्शन के बीच बुल मार्केट आगे भी 3 साल तक जरी रहने की उम्मीद है. बाजार की लंबी रैली में बहुत से शेयरों का वैल्युएशन भी ज्यादा हो गया है. ऐसे में इस बाजार में क्वालिटी स्टॉक चुनना आसान नहीं रह गया है. Swastika Investmart के रिसर्च हेड संतोश मीना यहां कुछ प्वॉइंट के रिए बता रहे हैं कि हाई वैल्युएशन वाले बाजार में क्वालिटी स्टॉक चुनते समय किन बातों पर ध्यान देना जरूरी है.
निवेश के सबसे महत्वपूर्ण नियमों में से एक यह है कि ऐसी कंपनी में निवेश करें, जिसके पास अनुभवी मैनेजमेंट हों. साथ ही कपंनी में इंटीग्रीटी को लेकर कोई इश्यू न हो.
अधिकांश प्रमोटर इस बुल मार्केट को भुनाना चाहते हैं, इसलिए वे मैन्युपुलेटिव अकाउंटिंग के जरिए अपना मुनाफा बढ़ाने की कोशिश करते हैं. इसलिए निवेशकों को किसी कंपनी में निवेश करने से पहले कंपनी की अकाउंटिंग पॉलिसी के बारे में उचित सावधानी बरतनी चाहिए.
कभी-कभी अच्छी तरह से बिजनेस करने वाली कंपनियां भी अपने पैसे को असंबंधित बिजनेस या या अनावश्यक एसेट्स में आवंटित करके गलतियां कर जाती हैं. इससे उनके मुनाफे पर निगेटिव असर पड़ सकता है. इसलिए निवेशकों को उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए, जो एसेट अलोकेशन समझदारी से कर रही हैं.
उन कंपनियों में निवेश् करना समझदारी हेता है, जिनका अपने सेक्टर में मोनोपॉली है. या वे कंपनियां उन सेक्टर में बिजनेस कर रही हैं, जहां हाई एंट्री बैरियर हो. हाई एंट्री बैरियर का मतलब है कि वहां नई कंपनियों की एंट्री आसान नहीं होती है. इस तरह के बिजनेस में हमेशा प्राइसिंग पावर और हाई मार्जिन की गुंजाइश होती है.
अगर आप किसी ऐसे सेक्टर में बेहतर निवेश की तलाश में हैं, जहां कई कंपनियां हैं तो मार्केट लीडर कंपनी पर नजर रखें. जो कंपनियां उस सेक्टर में टॉप 1 या 2 पोजिशन पर हों. क्योंकि चुनौतियों वाले समय में भी ये कंपनियां आसानी से सर्वाइव कर सकती हैं. इनमें मार्केट शेयर बढ़ाने का दम होता है.
निवेश करते समय उन कंपनियों पर नजर रखनी चाहिए, जिनमें आगे मजबूत अर्निंग ग्रोथ की उम्मीद हो. जिन कंपनियों में अगले कम से कम 5 साल तक मजबूत अर्निंग ग्रोथ दिख रही हो.
जैसा कि हम जानते हैं कि मार्च 2020 के निचले स्तर से बाजार में काफी तेजी आई है और ज्यादातर कंपनियां या तो महंगी दिखती हैं या फेयर वैल्यू पर दिख रही हैं. इसलिए पोर्टफोलियो में स्टॉक को आसानी से चुनना मुश्किल है. स्पेशल सिचुएशन इन्वेस्टिंग आपके पोर्टफोलियो में अल्फा जेनरेट करने का एक तरीका है, जहां निवेशकों को बोनस मुद्दों, मर्जर, रिवर्स मर्जर, बायबैक, M&A जैसी विशेष परिस्थिति वाली कंपनियों की पहचान करनी चाहिए.