'गोल्डन रैली' के बाद Gold-Silver में मुनाफा वसूली कर रहे हैं ट्रेडर्स, सोना 900 तो चांदी 1700 रुपये हुई सस्ती

Gold-Silver Rate Today: एमसीएक्स पर सोने का भाव 913 रुपए की गिरावट के साथ ₹1,15,869 प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था. पिछले सत्र में सोना ₹1,16,782 पर बंद हुआ था. वहीं, सोना इसके पहले ₹1,17,353 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था.
'गोल्डन रैली' के बाद Gold-Silver में मुनाफा वसूली कर रहे हैं ट्रेडर्स, सोना 900 तो चांदी 1700 रुपये हुई सस्ती

Gold-Silver Rate Today: सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार रैली के बाद शु्क्रवार (3 अक्टूबर) को तेज मुनाफावसूली दिखाई दे रही है. आज ओपनिंग के बाद शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. एमसीएक्स पर सोना और चांदी दोनों ही अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे फिसले हैं. हालांकि, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अभी भी ऊंचे दाम निवेशकों का ध्यान खींच रहे हैं.

घरेलू बाजार में सोने का हाल

एमसीएक्स पर सोने का भाव 913 रुपए की गिरावट के साथ ₹1,15,869 प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था. पिछले सत्र में सोना ₹1,16,782 पर बंद हुआ था. वहीं, सोना इसके पहले ₹1,17,353 के नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा था. इसका मतलब है कि रिकॉर्ड हाई से सोना करीब ₹1,500 सस्ता हो चुका है.

चांदी में भी कमजोरी

एमसीएक्स पर चांदी 1,732 रुपए टूटकर ₹1,42,988 प्रति किलो पर आ गई. पिछले कारोबारी सत्र में यह ₹1,44,720 पर बंद हुई थी, जबकि हाल ही में चांदी ₹1,45,715 के ऑल-टाइम हाई तक पहुंची थी. यानी ऊपरी स्तरों से चांदी भी करीब ₹2,700 कमजोर हुई है.

अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में करीब 1% की गिरावट आई. शुरुआती सत्र में रिकॉर्ड हाई छूने के बाद यह दबाव में आ गया. डलास फेड की प्रेसिडेंट लॉरी लोगन ने ब्याज दरों में और कटौती को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी, जिससे सोने पर दबाव बढ़ा. स्पॉट गोल्ड 0.5% टूटकर $3,845.78 प्रति औंस पर था और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स दिसंबर डिलीवरी 0.8% गिरकर $3,868.1 प्रति औंस पर था.

क्यों टूटा सोना?

अमेरिकी प्राइवेट सेक्टर में सितंबर में 32,000 नौकरियों की कटौती हुई, जिससे आर्थिक अनिश्चितता बढ़ी है. वहीं, राजनीतिक गतिरोध और सरकारी शटडाउन का खतरा भी निवेशकों को सतर्क कर रहा है. इसके बावजूद, सितंबर महीने में सोना 11.4% चढ़ा, जो अगस्त 2011 के बाद सबसे बड़ी मासिक बढ़त है.

भारत में क्या स्थिति?

भारत में ऊंचे दामों के बावजूद सितंबर में सोने-चांदी के आयात रिकॉर्ड स्तर पर रहे. रुपये की कमजोरी ने भी घरेलू बुलियन कीमतों को सहारा दिया. दिलचस्प बात यह है कि सोना पिछले चार लगातार दिवाली-टू-दिवाली चक्रों में शेयर बाजार से बेहतर रिटर्न दे चुका है और पिछले आठ सालों में से सात बार इक्विटी से आउटपरफॉर्म किया है.

निवेशकों के लिए संकेत

शॉर्ट टर्म में मुनाफावसूली से सोना-चांदी दबाव में रह सकते हैं. अमेरिकी फेड की अगली बैठक और ब्याज दरों पर संकेत की अहम भूमिका रहेगी. घरेलू बाजार में रुपये की चाल और आयात के आंकड़े भी बुलियन को प्रभावित करेंगे.

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