इजरायल-ईरान युद्ध की आग में क्या फिर से आसमान छुएंगे सोना-चांदी! जानिए क्या कहता है मार्केट का गणित?

ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव के कारण सोने और चांदी की कीमतों को लेकर कयास लगाए जाने लगे हैं. जानें सुरक्षित निवेश के रूप में कीमती धातुओं के बाजार पर क्या असर पड़ रहा है.
इजरायल-ईरान युद्ध की आग में क्या फिर से आसमान छुएंगे सोना-चांदी! जानिए क्या कहता है मार्केट का गणित?

इमेज सोर्स- AI

दुनिया भर के कीमती धातु बाजार इस समय पूरी तरह से चर्चा में हैं. शनिवार को ईरान पर इजरायल और अमेरिका द्वारा किए गए समन्वित हमलों ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है.

इस घटना के बाद, लोग अपने पैसे को सुरक्षित करने के लिए पारंपरिक साधनों जैसे सोना और चांदी की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं. तेहरान के आसमान में उठते धुएं और धमाकों की आवाज ने न केवल वहां के माहौल को बदल दिया है, बल्कि इसका सीधा असर ग्लोबल कमोडिटी मार्केट पर भी देखा जा रहा है.

क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

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इज़रायल की तरफ से ईरान पर किए गए “प्रिवेंटिव” हमलों के बाद हालात में अनिश्चितता बढ़ गई है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि ऐसे माहौल में निवेशक सोना और चांदी की तरफ रुख कर सकते हैं, जिससे इनके दाम और बढ़ सकते हैं. एनालिस्ट्स का कहना है कि अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती जंग की चर्चा से फाइनेंशियल मार्केट में घबराहट का माहौल बन सकता है. ऐसे समय में लोग सोना-चांदी को सुरक्षित निवेश मानते हैं.

एक एक्सपर्ट ने कहा कि कीमती धातुओं में गैप-अप ओपनिंग देखने को मिल सकती है. COMEX गोल्ड इस समय 5,300 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर रेजिस्टेंस का सामना कर रहा है. अगर यह स्तर टूटता है, तो भारत में सोने की कीमत 1,68,000 रुपये से 1,70,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जा सकती है.

तेहरान में हमले के बाद बाजार की हलचल

शनिवार को इजरायल द्वारा तेहरान में किए गए हमले ने सबको चौंका दिया. तेहरान के निवासियों ने जोरदार धमाकों की आवाज सुनी और सरकारी टीवी ने भी इस धमाके की पुष्टि की है. ऐसी भू-राजनीतिक अस्थिरता के समय, निवेशकों के लिए सोना और चांदी सबसे सुरक्षित विकल्प बन जाते हैं. जैसे ही दुनिया में तनाव बढ़ता है, शेयर बाजार में जोखिम बढ़ जाता है और निवेशक अपनी पूंजी को सुरक्षित निवेश की तलाश में बुलियन मार्केट में लगा देते हैं.

MCX पर गोल्ड-सिल्वर का हाल

टेक्निकल नजरिए से देखें तो MCX गोल्ड 1,60,000 रुपये के स्तर के ऊपर मजबूती से टिक गया है और पहले की रेंज से बाहर निकल चुका है. अभी कीमतें करीब 1,62,000 रुपये के आसपास स्थिर हैं. एनालिस्ट्स का मानना है कि अगर सोना 1,60,000 रुपये के ऊपर बना रहता है, तो जल्द ही 1,63,500 से 1,65,000 रुपये तक जा सकता है.

MCX सिल्वर में भी तेज उछाल आया है और यह 2,80,000 से 2,85,000 रुपये की रेंज की ओर बढ़ रही है. एक एक्सपर्ट के मुताबिक, अगर तेजी का रुख बना रहा और कीमतें अहम सपोर्ट लेवल के ऊपर टिकी रहीं, तो चांदी 2,90,000 से 2,95,000 रुपये तक भी जा सकती है.

सोने और चांदी की कीमत (28 फरवरी 2026)

सोना (Gold)1,62,0001,60,0001,63,500 - 1,65,000
चांदी (Silver)2,80,000 - 2,85,0002,80,0002,90,000 - 2,95,000

क्या सोने-चांदी की कीमतों में आने वाली है तेजी?

अक्सर देखा जाता है कि जब भी दुनिया में किसी युद्ध की आहट होती है, तो सबसे पहले सोने और चांदी की कीमतों में उछाल आता है. यही वजह है कि ईरान पर इजरायल- अमेरिका के संयुक्त हमले के बाद कयास लगाए जा रहे हैं कि सोने-चांदी की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है. हालांकि, सोने-चांदी की कीमतों में उछाल के पीछे कुछ और भी कारक हैं. जैसे-

कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण

भू-राजनीतिक तनाव: मध्य पूर्व में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी ने निवेशकों को डराया है. जब दुनिया में अनिश्चितता का माहौल होता है, तो निवेशक सोना और चांदी को सबसे मजबूत ढाल मानते हैं.

अमेरिकी डॉलर की चाल: डॉलर का कमजोर होना भी सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाने में एक बड़ा रोल निभाता है. जब डॉलर कमजोर होता है, तो दूसरी करेंसी रखने वालों के लिए बुलियन खरीदना सस्ता हो जाता है, जिससे मांग बढ़ जाती है.

सेंट्रल बैंक की खरीदारी: दुनिया भर के सेंट्रल बैंक महंगाई और आर्थिक अस्थिरता से बचने के लिए लगातार कीमती धातुओं का स्टॉक जमा कर रहे हैं. हाल ही में भारत की वित्त मंत्री ने भी इस बात पर जोर दिया था कि केंद्रीय बैंकों की बढ़ती मांग कीमतों को सहारा दे रही है.

चांदी की दोहरी भूमिका: चांदी की मांग बढ़ने के पीछे एक और बड़ा कारण है. यह न सिर्फ सुरक्षित निवेश है, बल्कि इसका उपयोग तकनीक और ग्रीन एनर्जी के सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर होता है, जो इसकी कीमतों को मजबूती देता है.

निवेशकों के काम की बात

ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहा तनाव वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है. कीमती धातुओं के बाजार में आई यह तेजी साफ बताती है कि निवेशक डरे हुए हैं और अपनी बचत को सुरक्षित रखने के लिए सोने-चांदी पर भरोसा कर रहे हैं. जब तक मध्य पूर्व में शांति नहीं लौटती, तब तक ये कीमतें ऊंची रहने की पूरी संभावना है. निवेशकों को सलाह है कि वे बाजार की हर हलचल पर नजर रखें और बिना सोचे-समझे फैसला न लें.

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