सोना-चांदी की चाल पर नजर! मुनाफावसूली के बीच भी बरकरार है तेजी का भरोसा

सोना और चांदी में हालिया मुनाफावसूली जरूर दिखी है, लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि तेजी का ट्रेंड अब भी मजबूत है. सोना अहम रेजिस्टेंस के पास टिके रहने में कामयाब है, वहीं चांदी में गिरावट के बाद भी लॉन्ग टर्म तस्वीर पॉजिटिव बनी हुई है.
सोना-चांदी की चाल पर नजर! मुनाफावसूली के बीच भी बरकरार है तेजी का भरोसा

कीमती धातुओं के बाजार में इन दिनों हलचल तेज है. हाल के दिनों में जहां सोना अहम रेजिस्टेंस लेवल के आसपास मजबूत बना हुआ है, वहीं चांदी ने रिकॉर्ड हाई छूने के बाद थोड़ी ठंडक दिखाई है.

इसके बावजूद एक्सपर्ट्स का मानना है कि दोनों धातुओं की बड़ी तस्वीर अब भी पॉजिटिव है. मुनाफावसूली के दौर को वे हेल्दी करेक्शन के तौर पर देख रहे हैं, न कि ट्रेंड बदलने का संकेत.

रेजिस्टेंस के पास मजबूती

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एक्सपर्ट्स के मुताबिक सोना इस समय एक अपवर्ड चैनल में ट्रेड कर रहा है. इसका मतलब साफ है कि हर गिरावट पर खरीदार सामने आ रहे हैं. मौजूदा हालात में सोना अहम रेजिस्टेंस जोन के ठीक नीचे कंसोलिडेट कर रहा है, जो बाजार की मजबूती को दिखाता है. कमजोर रुपया और सेफ-हेवन की स्थिर मांग सोने को सपोर्ट दे रही है.

सोने में सपोर्ट और आगे का रास्ता

मार्केट वॉचर्स बताते हैं कि सोने के लिए मजबूत सपोर्ट Rs 1,32,000 से Rs 1,31,000 के दायरे में दिख रहा है. अगर किसी वजह से दबाव आता भी है, तो इसी जोन में खरीदारी आने की उम्मीद है. वहीं, अगर सोना Rs 1,35,000 का लेवल पार कर लेता है, तो आने वाले सत्रों में Rs 1,37,000 से Rs 1,40,000 तक की तेजी देखी जा सकती है.

चांदी में तेज उछाल के बाद ठहराव

चांदी ने हाल ही में Rs 2,00,000 प्रति किलो के ऊपर रिकॉर्ड हाई छूकर बाजार को चौंका दिया था. इसके बाद आई गिरावट को एक्सपर्ट्स मुनाफावसूली का नतीजा मानते हैं. उनका कहना है कि इतनी तेज तेजी के बाद थोड़ा ठहराव आना स्वाभाविक है. इससे बाजार की सेहत बेहतर होती है और आगे की चाल के लिए बेस तैयार होता है.

चांदी के अहम सपोर्ट और रेजिस्टेंस

तकनीकी नजरिये से चांदी के लिए Rs 1,80,000 से Rs 1,81,000 का जोन मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है. अगर बिकवाली बढ़ती है, तो इससे नीचे भी सपोर्ट मौजूद है. वहीं, नजदीकी रेजिस्टेंस Rs 1,95,000 से Rs 2,00,000 के बीच देखा जा रहा है. इस जोन के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट चांदी को फिर से नए हाई की ओर ले जा सकता है.

इंडस्ट्रियल डिमांड से चांदी को सहारा

एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि चांदी की लॉन्ग टर्म मजबूती के पीछे सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि मजबूत इंडस्ट्रियल डिमांड भी है. सोलर एनर्जी, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स और एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर्स में चांदी का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है. इसके साथ ही ग्लोबल लेवल पर सप्लाई टाइट रहने से कीमतों को सपोर्ट मिल रहा है.

निवेशकों के लिए क्या है रणनीति

मार्केट जानकारों की राय में, मौजूदा करेक्शन घबराने की वजह नहीं है. जो निवेशक लॉन्ग टर्म नजरिये से देख रहे हैं, उनके लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका बन सकती है. हालांकि शॉर्ट टर्म ट्रेडर्स को सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल्स पर खास नजर रखने की सलाह दी जा रही है.

पिछले सत्र की झलक

पिछले ट्रेडिंग सेशन में चांदी ने लगभग Rs 1,98,814 प्रति किलो का ऑल-टाइम हाई छुआ और दिन के अंत में 5 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ बंद हुई. वहीं सोना फरवरी कॉन्ट्रैक्ट्स में करीब Rs 1,32,469 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जिसमें लगभग 2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई.

खबर से जुड़े FAQs

Q1. क्या सोने में अभी भी तेजी की उम्मीद है?

हां, एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सोना अभी भी अपवर्ड ट्रेंड में है और हर गिरावट पर खरीदारी देखने को मिल रही है.

Q2. सोने के लिए अहम सपोर्ट लेवल कौन सा है?

सोने का मजबूत सपोर्ट Rs 1,32,000 से Rs 1,31,000 के दायरे में माना जा रहा है.

Q3. चांदी में हालिया गिरावट की वजह क्या है?

चांदी में आई गिरावट को ज्यादातर मुनाफावसूली और शॉर्ट टर्म ठंडक का नतीजा माना जा रहा है.

Q4. चांदी के लिए मजबूत सपोर्ट कहां है?

चांदी के लिए Rs 1,80,000 से Rs 1,81,000 का जोन अहम सपोर्ट माना जाता है.

Q5. लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए क्या सलाह है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, किसी भी करेक्शन को लॉन्ग टर्म निवेश के मौके के तौर पर देखा जा सकता है.

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