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सोने-चांदी के दामों में आज आई तेज गिरावट. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Gold-Silver Price Crash: ग्लोबल तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच कमोडिटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ गया है. गुरुवार को वायदा बाजार में सोना-चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली. इस बीच कच्चा तेल तेजी के साथ ऊपरी स्तरों पर बना हुआ है. ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि इन मूवमेंट्स के पीछे क्या वजहें हैं और आगे की रणनीति क्या होनी चाहिए.
घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में हल्की कमजोरी देखने को मिली. दोपहर 12 बजे MCX पर गोल्ड करीब 495 रुपये गिरकर 1,52,162 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा था. अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी COMEX गोल्ड में कमजोरी है और कीमतें दबाव में हैं.
कल की हल्की तेजी के बाद आज मुनाफावसूली हावी रही है. खास बात यह है कि युद्ध शुरू होने के बाद सोना करीब 10% तक गिर चुका है, जो यह दिखाता है कि अनिश्चितता के बावजूद सेफ हेवन की मांग उतनी मजबूत नहीं बनी है.

सोने के मुकाबले चांदी में ज्यादा गिरावट देखने को मिली है. MCX सिल्वर करीब 4464 रुपये टूटकर 2,43,900 रुपये के आसपास ट्रेड कर रही है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX सिल्वर में भी करीब 2% की गिरावट आई है.
युद्ध शुरू होने के बाद चांदी में करीब 17% की गिरावट आ चुकी है, जो इसकी ज्यादा वॉलेटाइल नेचर को दिखाता है.


कमोडिटी मार्केट पर फिलहाल सबसे बड़ा असर अमेरिका-ईरान तनाव का है. हालांकि, खबरें हैं कि शुक्रवार से शांति वार्ता फिर शुरू हो सकती है, लेकिन ईरान ने साफ किया है कि हॉर्मुज से अमेरिका के हटने के बाद ही बातचीत संभव होगी.
इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से महंगाई का खतरा बढ़ रहा है, जिससे ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका भी बन रही है. यही कारण है कि सोना-चांदी में स्पष्ट ट्रेंड नहीं बन पा रहा और उतार-चढ़ाव जारी है.
कमोडिटी रिसर्च एनालिस्ट देव गगलानी के मुताबिक, सोने में फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेड देखने को मिल सकता है. ₹1,51,000 के आसपास खरीदारी की सलाह दी जा रही है, जहां ₹1,53,000 का लक्ष्य और ₹1,50,000 का स्टॉपलॉस रखा जा सकता है. वहीं चांदी में ₹2,43,000 के आसपास खरीदारी की सलाह है, जहां ₹2,45,000 का लक्ष्य और ₹2,41,500 का स्टॉपलॉस दिया गया है.
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कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल जारी है. ब्रेंट क्रूड लगातार चौथे दिन तेजी के साथ 103 डॉलर के पार पहुंच गया और 106.08 डॉलर का उच्च स्तर छू चुका है. पिछले 4 दिनों में ब्रेंट क्रूड करीब 14% चढ़ चुका है. वहीं WTI क्रूड भी 95 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है और 97.19 डॉलर का स्तर छू चुका है.
घरेलू बाजार में भी कच्चे तेल के दाम 8900 रुपये के पार निकल चुके हैं, जो महंगाई के लिहाज से चिंता बढ़ाने वाला संकेत है.
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तेल की तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव है. यह दुनिया का अहम सप्लाई रूट है और यहां पर किसी भी तरह की रुकावट से सप्लाई पर सीधा असर पड़ता है.
ईरान का इस क्षेत्र पर नियंत्रण और अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर असर, सप्लाई को बाधित कर रहा है. वहीं अमेरिका का ईरानी पोर्ट्स पर ब्लॉकेड भी स्थिति को और जटिल बना रहा है.
इसके अलावा, अमेरिका के फ्यूल स्टॉक्स में गिरावट और मजबूत डिमांड के संकेत भी तेल की कीमतों को सपोर्ट दे रहे हैं.
कुल मिलाकर कमोडिटी मार्केट इस समय पूरी तरह ग्लोबल घटनाओं के असर में है. सोना-चांदी में कमजोरी और कच्चे तेल में तेजी का यह कॉम्बिनेशन आने वाले समय में महंगाई और बाजार की दिशा दोनों को प्रभावित कर सकता है. ऐसे में निवेशकों को सतर्क रहकर ट्रेडिंग करनी चाहिए और बड़े ट्रिगर्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 आज सोने और चांदी में गिरावट क्यों आई?
ग्लोबल अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सोना-चांदी दबाव में आ गए.
Q2 क्या सोना अब भी सेफ हेवन बना हुआ है?
हालांकि सोना पारंपरिक रूप से सेफ हेवन है, लेकिन हालिया गिरावट दिखाती है कि अभी निवेशकों का रुझान थोड़ा कमजोर पड़ा है.
Q3 चांदी में ज्यादा गिरावट क्यों देखने को मिली?
चांदी ज्यादा वॉलेटाइल मेटल है और इंडस्ट्रियल डिमांड से जुड़ी होती है, इसलिए इसमें सोने के मुकाबले ज्यादा उतार-चढ़ाव आता है.
Q4 कच्चे तेल की तेजी का सोना-चांदी पर क्या असर है?
तेल की कीमतें बढ़ने से महंगाई और ब्याज दरों का दबाव बढ़ता है, जिससे सोना-चांदी में अस्थिरता आती है.
Q5 निवेशकों के लिए अभी क्या रणनीति होनी चाहिए?
फिलहाल रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का माहौल है, इसलिए एक्सपर्ट्स की सलाह के मुताबिक सपोर्ट लेवल के पास खरीदारी और स्टॉपलॉस के साथ ट्रेड करना बेहतर रहेगा.