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गोल्ड-सिल्वर प्राइस में आई तेजी. (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Gold Price Today: शुक्रवार को सोना और चांदी में एक बार फिर तेजी लौटती दिख रही है. पिछले कुछ सत्रों की भारी गिरावट के बाद कमोडिटी बाजार में रिकवरी का संकेत मिला है. घरेलू बाजार में MCX पर सोना और चांदी दोनों में मजबूती देखी जा रही है, जबकि ग्लोबल मार्केट्स में भी कीमतों में उछाल आया है. हालांकि, यह तेजी अभी भी बड़ी गिरावट के बाद की राहत मानी जा रही है, क्योंकि जियोपॉलिटिकल तनाव के बीच निवेशकों का रुख लगातार बदल रहा है.
MCX पर शुक्रवार की सुबह 11 बजे के आसपास सोने की कीमत करीब ₹1,907 यानी 1.37% की तेजी के साथ ₹1,41,400 प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करती दिखी. इंट्राडे रेंज में सोना ₹1,40,287 से ₹1,41,544 के दायरे में कारोबार करता रहा, जबकि पिछला बंद भाव ₹1,39,493 था. वहीं, चांदी में और ज्यादा तेजी देखने को मिली. MCX सिल्वर ₹5,826 यानी 2.65% की बढ़त के साथ ₹2,25,700 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. इसका इंट्राडे रेंज ₹2,23,515 से ₹2,25,900 रहा, जबकि पिछला बंद ₹2,19,874 था.
ग्लोबल मार्केट में भी दोनों कीमती धातुओं में मजबूती देखने को मिली. सोना करीब 1% चढ़कर $4,420.70 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि चांदी 1.6% की तेजी के साथ $69.04 पर ट्रेड करती दिखी. हालांकि, यह ध्यान देने वाली बात है कि 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-इजरायल और ईरान संघर्ष के बाद से सोने की कीमतों में अब तक करीब 17% की गिरावट आ चुकी है. ऐसे में मौजूदा तेजी को फिलहाल रिकवरी के तौर पर देखा जा रहा है, न कि पूरी तरह से नया अपट्रेंड.
आज सोने की कीमतों में 1% से ज्यादा की बढ़त के पीछे की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और निचले स्तरों पर खरीदारी रही. डॉलर कमजोर होने से दूसरे देशों के निवेशकों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ती है.
हालांकि, इस तेजी के बावजूद सोना लगातार चौथे हफ्ते गिरावट की तरफ बढ़ रहा है. इसकी बड़ी वजह है कच्चे तेल की ऊंची कीमतें, जो महंगाई के दबाव को बढ़ा रही हैं और ग्लोबल स्तर पर सख्त मौद्रिक नीति (tighter monetary policy) की उम्मीदों को मजबूत कर रही हैं.
ब्रेंट क्रूड $105 प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है, जिससे महंगाई की चिंता बनी हुई है. स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जरिए होने वाली सप्लाई पर असर पड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हुई है, जो कुल वैश्विक क्रूड और LNG फ्लो का बड़ा हिस्सा है.
ऊंचे तेल के दाम से ट्रांसपोर्ट और प्रोडक्शन लागत बढ़ती है, जिससे महंगाई और बढ़ती है. आमतौर पर महंगाई बढ़ने पर सोना एक “सेफ हेवन” के तौर पर मजबूत होता है, लेकिन अगर इसके साथ ब्याज दरें भी बढ़ती हैं, तो सोने की मांग पर दबाव आता है क्योंकि यह कोई ब्याज (yield) नहीं देता.