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सोने की कीमत में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली और इसने नया रिकॉर्ड बना दिया. घरेलू बाजार में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया है. इस तेजी ने निवेशकों और आम खरीदारों दोनों का ध्यान खींचा है. शादी-ब्याह के सीजन से पहले सोने की कीमत का इतना बढ़ना लोगों के बजट पर भी असर डाल सकता है.
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (India Bullion and Jewellers Association) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक अलग-अलग कैरेट में सोने के दाम बढ़े हैं. वहीं सोने के मुकाबले चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दोनों कीमती धातुओं की चाल अलग-अलग दिशा में जाती दिख रही है.
IBJA के अनुसार 24 कैरेट सोने की कीमत 539 रुपए बढ़कर 1,33,249 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है. यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है. लगातार बनी वैश्विक अनिश्चितता और निवेशकों का सुरक्षित विकल्प की ओर झुकाव सोने को सपोर्ट दे रहा है. जानकार मानते हैं कि मौजूदा हालात में सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक मजबूत निवेश साधन बन चुका है.
अगर 22 कैरेट सोने की बात करें, तो इसका दाम बढ़कर 1,22,056 रुपए प्रति 10 ग्राम पहुंच गया है. इससे पहले यह 1,21,562 रुपए पर था. वहीं 18 कैरेट सोने की कीमत 99,937 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो पहले 99,533 रुपए थी.
| कैरेट | कीमत (रुपए प्रति 10 ग्राम) |
|---|---|
| 24 कैरेट | 1,33,249 |
| 22 कैरेट | 1,22,056 |
| 18 कैरेट | 99,937 |
जहां सोना चमक रहा है, वहीं चांदी के दाम में कमजोरी देखने को मिली है. चांदी की कीमत 1,763 रुपए घटकर 1,93,417 रुपए प्रति किलो हो गई है. इससे पहले इसका भाव 1,95,180 रुपए प्रति किलो था. चांदी में आई इस गिरावट से इंडस्ट्रियल यूज और निवेश दोनों पर नजर रखने वालों को सोचने का मौका मिला है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज पर वैसे तो दोनों धातुओं में तेजी देखी गई है. सोने के 5 फरवरी 2026 के कॉन्ट्रैक्ट की कीमत 1.08 प्रतिशत बढ़कर 1,35,061 रुपए हो गई है. वहीं चांदी के 5 मार्च 2026 के कॉन्ट्रैक्ट का भाव 3.07 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,98,769 रुपए तक पहुंच गया है. इसका मतलब है कि फ्यूचर मार्केट में निवेशक आगे तेजी की उम्मीद कर रहे हैं.
ग्लोबल मार्केट में भी कीमती धातुओं में मजबूती नजर आई. अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना 0.91 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,368 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था. वहीं चांदी 3.17 प्रतिशत चढ़कर 63.98 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई. अमेरिका और यूरोप के आर्थिक संकेत भारतीय बाजार पर सीधा असर डालते हैं, इसलिए निवेशक इन आंकड़ों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं.
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल में हुई ब्याज दरों में कटौती ने सोने और चांदी दोनों को सपोर्ट दिया है. आगे की चाल काफी हद तक अमेरिका के महंगाई आंकड़ों और अन्य वैश्विक आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी. अनुमान है कि आने वाले समय में सोने की कीमत 1.33 लाख रुपए से 1.36 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के दायरे में रह सकती है.
सोने की कीमत का 1.33 लाख के पार जाना बाजार के बदलते मूड को दिखाता है. एक तरफ निवेशक सुरक्षित विकल्प की तलाश में सोने की ओर बढ़ रहे हैं, वहीं चांदी फिलहाल दबाव में है. आने वाले दिनों में ब्याज दर, महंगाई और ग्लोबल संकेत तय करेंगे कि यह तेजी कितनी देर टिकती है.
डिमांड, ग्लोबल हालात और ब्याज दरें इसकी वजह होती हैं.
यह सबसे शुद्ध सोना माना जाता है.
इंडस्ट्रियल डिमांड और निवेश इसका कारण होते हैं.
यह भारत का कमोडिटी ट्रेडिंग एक्सचेंज है.
क्योंकि यह महंगाई में भी वैल्यू बनाए रखता है.
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