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हाजिर मांग कमजोर पड़ने के कारण कारोबारियों ने अपने जमा सौदे को कम किया है. (PTI)
Gold Price Today 25 September 2020: सोने खरीदने में दिलचस्पी हमेशा ही रहती है. लेकिन, मौका अब है. क्योंकि, सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से करीब 6500 रुपए सस्ता हो चुका है. आने वाले दिनों में कीमतें अभी और नीचे की तरफ जाती दिख सकती है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि छोटी अवधि में कीमतों पर दवाब जारी रहेगा. दरअसल, डॉलर इंडेक्स में तेजी और कोरोना वायरस की वैक्सीन आने की उम्मीद ने सोने के भाव पर दबाव बनाया है. साथ ही ग्लोबल मार्केट में घटती डिमांड के चलते भी कीमतों को झटका लगा है.
एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने के दाम में लगातार गिरावट की वजह से महीनों के बाद एक बार फिर से भाव 50 हजार रुपए के नीचे आ चुका है. हाजिर मांग कमजोर पड़ने के कारण कारोबारियों ने अपने जमा सौदे को कम किया है. दिल्ली सर्राफा बाजार में गुरुवार को सोने की कीमत 485 रुपए गिरकर 50,418 रुपए प्रति 10 ग्राम रह गई. अब अगले एक महीने तक सोने की कीमतों में दबाव रहेगा और यह फिसलकर 47000 के आसपास आ सकती हैं. हालांकि, यह कमजोरी थोड़े वक्त के लिए ही है. 3 महीने का आउटलुक देखें तो सोना वापस अपने रिकॉर्ड हाई के आसपास दिख सकता है.
क्यों चढ़ रहे थे दाम
विश्लेषकों के मुताबिक, 8 अगस्त के रेट की तुलना में सोने और चांदी के भाव में डेढ़ महीने के भीतर भारी गिरवाट है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने के भाव में तेजी की वजह से घरेलू बाजार में भी रेट बढ़े थे. ग्लोबल मार्केट में रेट बढ़ने का सबसे बड़ा कारण चीन-अमेरिका के बीच व्यापार युद्ध और दुनिया भर में आर्थिक मोर्चे से आई नकारात्मक खबरें थीं, लेकिन अब स्थिति में पहले की तुलना में थोड़ा सुधार है. हालांकि, डॉलर की कीमत में मजबूती के कारण सोने के भाव में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
कहां तक जा सकती है कीमतें
कमोडिटी और करेंसी सेगमेंट के वाइस प्रेसिडेंट अनुज गुप्ता के मुताबिक, सोने में कमजोरी थोड़े वक्त के लिए ही है. दिवाली के आसपास एक बार फिर सोने के भाव में तेजी आएगी. डिमांड में सुधार आने के साथ ही सोना फिर से 52000 रुपए के स्तर को छू सकता है. दिसंबर के अंत तक सोने में 56000 का स्तर वापस छूने की क्षमता दिखाई देती है. हालांकि, अभी संभावना है कि सोने की कीमतें 47000-48000 रुपए के आसपास आ सकती हैं.
ब्याज दरों ने बिगाड़ा खेल
जानकारों का कहना है कि विकसित देशों में ब्याज दरें शून्य के करीब पहुंच चुकी हैं. केंद्रीय बैंकों ने भी संकेत दिया है कि लंबे समय तक ब्याज दरें कुछ ऐसी ही रहेंगी. आमतौर पर ब्याज दरों का असर सोने के दाम पर पड़ता है. ऐसे में अब उम्मीद की जा रही है ब्याज दरें शून्य के करीब होने से अधिकतर लोग सुरक्षित निवेश के गोल्ड में निवेश का विकल्प चुन सकते हैं. इससे कीमतों में तेजी आने का अनुमान है.
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अमेरिका में बढ़ती बेरोजगारी से गोल्ड को मिलेगा सपोर्ट
अमेरिका में साप्ताहिक बेरोजगारी आंकड़ों से पता चलता है कि अगस्त के अंत तक करीब 3 करोड़ अमेरिकी लोग बेरोजगारी भत्ते का लाभ ले रहे हैं. इसके बाद अब यह भी उम्मीद बढ़ गई है कि फेड रिजर्व और अमेरिकी सरकार आगे भी प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान कर सकती है, जिससे अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाया जा सके. जानकार बताते हैं कि केंद्रीय बैंक अभी भी अर्थव्यवस्था में लिक्विडिटी बढ़ाएंगे. सोने के दाम के लिए यह सकारात्मक होगा.