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पीएम मोदी के बयान के बाद फिर चर्चा में गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम. (प्रतीकात्म इमेज/AI/Chat GPT)
पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने आम जनता से एक साल तक गैर जरूरी सोना न खरीदने की अपील की है. सोने का आयात बढ़ने से फॉरेन एक्सचेंज बिल बढ़ता है, जिससे रुपया कमजोर होता है. पीएम नरेंद्र मोदी की अपील के बाद भारत सरकार की गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम (GMS) एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गई है. देश में अनुमानित 20,000 टन से ज्यादा सोना फिलहाल बिना किसी इस्तेमाल के रखा है. ऐसे में सरकार बाहर से सोना खरीदने के बजाय, देश के घरों में रखे सोने को अर्थ्यवस्था में लाने के लिए इस योजना को नए सिरे से पेश करने की तैयारी कर रही है.
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम की शुरुआत साल 2015 में हुई थी. यह योजना लोगों को अपना सोना जैसे सिक्के, बार और गहने बैंकों में जमा करने की अनुमति देती है.
2% से 2.5% तक का ब्याज
गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम विफल रही, जिसकी गवाही आंकड़े दे रहे हैं. मार्च 2025 तक इस योजना के तहत केवल 38 टन सोना ही जुटाया जा सका था.
आभूषण से इमोशनल जुड़ाव
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साल 2025 में निवेश के लिए लगभग 280 टन सोना खरीदा गया था, जो मुख्य रूप से सिक्के और बार के रूप में था. आभूषणों से उलट, इन्हें जमा करना आसान है क्योंकि इनमें इमोशनल वैल्यू जुड़ी नहीं होती.
आरबीआई और वित्त मंत्रालय को सौंपा इंटीग्रेटेड फ्रेमवर्क
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 युद्ध या फिर किसी भी संकट के वक्त सोने में निवेश क्यों बढ़ जाता है?
सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है. इस कारण युद्ध या फिर आर्थिक संकट में मुद्राएं अस्थिर होने पर लोग सोने में निवेश करते हैं.
Q2 गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम में कितने तरह के डिपॉजिट होते हैं?
इसमें तीन तरह के डिपॉजिट होते हैं. पहला शॉर्ट टर्म 1 से 3 साल के लिए. दूसरा मीडियम टर्म 5 से 7 साल, तीसरा लॉन्ग टर्म 12 से 15 साल के लिए.
Q3 योजना में अगर सोना जमा करने पर मेरे ही गहने वापस मिलेंगे?
नहीं, इस योजना में जमा सोने को पिघला दिया जाता है. मैच्योरिटी पर आपको सोने के मूल्य के बराबर नकदी या सोना वापस मिलता है.
Q4 स्कीम के तहत आभूषण के अलावा क्या जमा कर सकते हैं?
स्कीम के तहत योजना के तहत गहने के अलावा सोने के सिक्के और बार भी जमा किए जा सकते हैं.
Q5 20,000 टन सोना अर्थव्यवस्था के लिए क्यों अहम है?
भारत सोना आयात करता है और इसके लिए डॉलर में भुगतान करताहै. घरों में खाली पड़ासोना सिस्टम में आएगा तो डॉलर देश से बाहर नहीं आएगा. आयात बिल घटेगा और रुपया मजबूत होगा.