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अगर आप भी सोना खरीदने के शौकीन हैं या घर में शादी-ब्याह के लिए गहने बनवाने की सोच रहे हैं, तो यह खबर आपके बड़े काम की है.असल में सरकार ने नकली और मिलावटी सोने के धंधे पर लगाम लगाने के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया है.असल में समझिए सरकार के नए आदेश (हॉलमार्किंग संशोधन आदेश, 2026) का आपके और आपके शहर के लिए क्या मतलब है.
जारी किया Hallmarking of Gold Jewellery and Gold Artefacts (Amendment) Order, 2026
जी बिजनेस ने 23 दिसंबर को दिखाई थी ख़बर . असल में सरकार ने लोगों को नकली और मिलावटी सोने से बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है.तो अब सोने के गहनों पर हॉलमार्किंग का दायरा और बढ़ा दिया गया है. इसके लिए सरकार ने Hallmarking of Gold Jewellery and Gold Artefacts (Amendment) Order, 2026 जारी किया है.
इस नए आदेश के जरिए देश के कई और जिलों में सोने के गहनों की अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू होगी. यानी कि अब ज्यादा जगहों पर बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचना आसान नहीं होगा.तो इसका मकसद यह है कि ग्राहक जब सोना खरीदें तो उन्हें उसकी प्योरिटी की पक्की गारंटी मिले.
जवाब: हां...ज्यादा जरूरत होगी
सरल शब्दों में कहें तो अब ज्वेलरी खरीदते समय हॉलमार्किंग पहले से ज्यादा जरूरी होगी, ताकि लोगों को नकली या कम कैरेट वाले सोने से नुकसान न उठाना पड़े.असल यह आदेश राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है

आपको बता दें कि सरकार ने 'अनिवार्य हॉलमार्किंग'(Mandatory Hallmarking) का दायरा बढ़ा दिया है.असल में इसका मतलब है कि अब देश के बहुत सारे नए जिलों में बिना हॉलमार्क (BIS मार्क) वाला सोना बेचना कानूनी रूप से अपराध होगा. इस नए आदेश के बाद अब ज्वैलर्स के लिए हॉलमार्किंग वाले गहने बेचना अनिवार्य कर दिया गया है.
सरकार ने एक लंबी लिस्ट जारी की है. अगर आप इन राज्यों के इन मुख्य जिलों में रहते हैं, तो अब आपको सिर्फ हॉलमार्क वाला सोना ही मिलेगा-
उत्तर प्रदेश: आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, बस्ती, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर, लखनऊ, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी जैसे 27 बड़े जिले
बिहार: पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, आरा (भोजपुर) सहित 25 जिले
दिल्ली: उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम और नई दिल्ली सहित सभी 8 जिले
हरियाणा: गुरुग्राम, फरीदाबाद, अंबाला, हिसार, रोहतक, पंचकूला सहित 20 जिले
राजस्थान: जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर सहित 20 जिल
मध्य प्रदेश: भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सागर सहित 16 जिले
उत्तराखंड: देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और उधम सिंह नगर
(लिस्ट काफी लंबी है, इसमें पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र और दक्षिण भारत के भी लगभग सभी प्रमुख जिले शामिल किए गए हैं)
जब आप हॉलमार्क वाला सोना खरीदते हैं, तो आपको तीन चीजों की गारंटी मिलती है
1. शुद्धता की पहचान: अगर दुकानदार कहता है कि सोना 22 कैरेट का है, तो हॉलमार्क यह पक्का करता है कि वह सच बोल रहा है.
2. ठगी से बचाव: मिलावटी सोना या कम कैरेट का सोना बेचकर ज्वैलर आपसे ज्यादा पैसे नहीं वसूल पाएगा.
3. पुराना सोना बेचने में आसानी: जब आप फ्यूचर में वह सोना बेचने जाएंगे, तो उसकी शुद्धता पर कोई सवाल नहीं उठेगा और आपको सही कीमत मिलेगी.
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सरकार का यह आदेश ग्राहकों के हक में होता है.असल में अब छोटे शहरों में भी ज्वैलर्स को शुद्धता के कड़े नियमों का पालन करना होगा. ज़ी बिजनेस ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि सरकार नियमों को और सख्त करने वाली है, और अब यह आधिकारिक हो गया है.
FAQs
1. Gold Hallmarking Rule 2026 क्या है?
यह सरकार का नया नियम है, जिसके तहत सोने के गहनों पर BIS हॉलमार्क अनिवार्य किया गया है ताकि ग्राहकों को शुद्ध सोना मिले
2. क्या अब हर जगह हॉलमार्क वाला सोना ही मिलेगा?
सरकार ने कई नए जिलों में अनिवार्य हॉलमार्किंग लागू कर दी है,इन जगहों पर बिना हॉलमार्क वाला सोना बेचना नियमों के खिलाफ होगा।
3. ग्राहक को हॉलमार्किंग से क्या फायदा होगा?
इससे सोने की प्योरिटी की गारंटी, ठगी से बचाव और भविष्य में बेचते समय सही कीमत मिलने में मदद मिलती है
4. सोना खरीदते समय क्या जरूर चेक करें?
गहने पर BIS लोगो, कैरेट की शुद्धता (जैसे 22K916) और HUID कोड जरूर देखें
5. यह नया नियम कब से लागू हुआ है?
सरकार का Hallmarking of Gold Jewellery and Gold Artefacts (Amendment) Order, 2026 राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ ही लागू हो गया है
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