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भारतीय निवेशकों ने गोल्ड ETF में 2.5 अरब डॉलर (करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है. (Image Source- AI)
सोना हमेशा से भारतीयों के दिल के करीब रहा है, लेकिन साल 2026 की शुरुआत ने इसे निवेश का सबसे हॉट टॉपिक बना दिया है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की 5 फरवरी 2026 को जारी ताजा रिपोर्ट ने बाजार में हलचल मचा दी है. रिपोर्ट कहती है कि पूरी दुनिया में गोल्ड ETF (Gold ETF) की मांग ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं.
जनवरी के महीने में जब दुनिया नए साल का जश्न मना रही थी, तब निवेशक अपना पैसा गोल्ड ETF में लगा रहे थे. ग्लोबल लेवल पर इसमें 19 अरब डॉलर का निवेश आया है, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक आंकड़ा है. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या एक आम भारतीय निवेशक के लिए यह समय सोने में पैसा लगाने का है या उसे अभी रुकना चाहिए.
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी 2026 में सोने की कीमतों में 14% का जबरदस्त उछाल देखा गया. इसकी वजह से ग्लोबल गोल्ड ETF की कुल संपत्ति (AUM) बढ़कर 669 अरब डॉलर के नए शिखर पर पहुंच गई है. दुनिया भर के निवेशकों के पास अब कुल 4,145 टन सोना भौतिक रूप (Physical Gold) में इन फंड्स के जरिए जमा है.
खास बात यह है कि जब महीने के अंत में सोने के दाम थोड़े गिरे, तो निवेशकों ने उसे डर के बजाय एक मौके के तौर पर देखा. भारत और एशिया के अन्य देशों में लोगों ने इस गिरावट का फायदा उठाते हुए और ज्यादा सोना खरीदा.
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भारत में भी गोल्ड ETF का क्रेज तेजी से बढ़ रहा है. जनवरी 2026 में भारतीय निवेशकों ने गोल्ड ETF में 2.5 अरब डॉलर (करीब 20 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा) का निवेश किया है.
इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं-
शेयर बाजार की सुस्ती: जब भारतीय शेयर बाजार (Equities) उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, तो लोगों ने अपने पोर्टफोलियो को बचाने के लिए सोने का रुख किया.
कीमतों में मजबूती: सोने के भाव में लगातार आ रही तेजी ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है कि यह मुसीबत के समय सबसे सुरक्षित साथी है.
दुनिया के दूसरे कोनों में जो हो रहा है, उसका असर आपकी जेब और सोने के भाव पर भी पड़ता है. अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक विवाद (Trade Tensions), ग्रीनलैंड को लेकर उपजा संकट और ईरान जैसे देशों के साथ बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों को डरा दिया है. जब भी दुनिया में अस्थिरता आती है, सोना सुरक्षित निवेश (Safe Haven) के रूप में सबसे पहले चमकता है.
अमेरिका में फेडरल रिजर्व के नए चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर चल रही अनिश्चितता ने भी सोने को मजबूती दी है. यूरोप में भी लोग महंगाई और राजनीतिक अस्थिरता से बचने के लिए गोल्ड ETF का सहारा ले रहे हैं.
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों और बाजार के मौजूदा माहौल को देखें, तो सोने के दाम आने वाले समय में मजबूत रहने के पूरे आसार हैं. हालांकि, जनवरी के आखिर में कीमतों में थोड़ी गिरावट (Pullback) देखी गई, जिसे एक्सपर्ट्स 'हेल्दी करेक्शन' मान रहे हैं.

पूरी दुनिया में रोजाना करीब 623 अरब डॉलर का सोने का व्यापार हो रहा है, जो अपने आप में बड़ी बात है. यह बताता है कि सोने के बाजार में लिक्विडिटी यानी नकदी का प्रवाह बहुत ज्यादा है. जब तक ग्लोबल पॉलिटिक्स में तनाव बना रहेगा और महंगाई पर लगाम नहीं लगेगी, तब तक सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट की संभावना कम है.
अगर आप लंबे समय के लिए सोच रहे हैं, तो रिपोर्ट के संकेत सकारात्मक हैं. गोल्ड ETF में निवेश करना फिजिकल गोल्ड (गहने या सिक्के) के मुकाबले ज्यादा फायदेमंद है क्योंकि इसमें शुद्धता की चिंता नहीं होती और इसे बेचना आसान है.
रिपोर्ट के अनुसार, 30 जनवरी और 2 फरवरी को जब कीमतों में मामूली कमी आई, तब बड़े निवेशकों ने भारी खरीदारी की. यह इस बात का संकेत है कि 'डिप' यानी गिरावट पर खरीदारी करना एक समझदारी भरी रणनीति हो सकती है.
| ग्लोबल गोल्ड इनफ्लो | $19 अरब | अब तक का सबसे सफल महीना |
| भारतीय निवेश (India Flow) | $2.5 अरब | पोर्टफोलियो डायवर्सिफिकेशन की लहर |
| एशिया का कुल हिस्सा | 51% ग्लोबल इनफ्लो | दुनिया का नया गोल्ड हब बना एशिया |
| कुल गोल्ड होल्डिंग्स | 4,145 टन | ऑल-टाइम हाई स्टॉक |
| ग्लोबल AUM | $669 अरब | $100 अरब की मासिक बढ़त |
| डेली ट्रेडिंग वॉल्यूम | $623 अरब/दिन | बाजार में भारी कैश फ्लो |
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की यह रिपोर्ट साफ करती है कि सोना अब सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक बेहद शक्तिशाली वित्तीय हथियार बन चुका है. भारत जैसे देश में, जहां इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव बना हुआ है, गोल्ड ETF पोर्टफोलियो को बैलेंस करने का सबसे अच्छा तरीका बनकर उभरा है.
आने वाले समय में भू-राजनीतिक अनिश्चितताएं सोने की कीमतों को और ऊपर ले जा सकती हैं. इसलिए, अगर आप सुरक्षित और गारंटीड ग्रोथ वाला निवेश ढूंढ रहे हैं, तो गोल्ड ETF एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है. बस ध्यान रहे, निवेश हमेशा अपनी जरूरत और मार्केट की गिरावट को देखकर ही करें.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 क्या जनवरी 2026 में सोने के निवेश में कोई रिकॉर्ड बना है?
हां, वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुसार जनवरी 2026 में ग्लोबल गोल्ड ETF में 19 अरब डॉलर का निवेश आया है, जो अब तक का सबसे बड़ा मासिक रिकॉर्ड है.
Q2 भारत में गोल्ड ETF की मांग क्यों बढ़ रही है?
भारत में घरेलू शेयर बाजार के खराब प्रदर्शन और सोने की कीमतों में लगातार आ रही मजबूती की वजह से लोग गोल्ड ETF में पैसा लगा रहे हैं.
Q3 क्या सोने की कीमतों में गिरावट निवेश का अच्छा मौका है?
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी के अंत में जब कीमतें थोड़ी गिरीं, तब निवेशकों ने इसका फायदा उठाकर अपनी होल्डिंग्स बढ़ाई, जो इसे खरीदारी का अच्छा मौका दिखाता है.
Q4 गोल्ड ETF फिजिकल गोल्ड से बेहतर क्यों है?
गोल्ड ETF में चोरी का डर नहीं होता, शुद्धता की पूरी गारंटी होती है और इसे आप कभी भी बाजार भाव पर आसानी से बेच सकते हैं.
Q5 आने वाले समय में सोने की कीमतों पर किसका असर होगा?
अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापारिक तनाव, वैश्विक महंगाई और फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीतियों का सोने की कीमतों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा.