दुनियाभर के निवेशकों का भरोसा एक बार फिर सुरक्षित निवेश यानी सोने (Gold) पर टिका हुआ है. फरवरी 2026 के आंकड़े तस्दीक कर रहे हैं कि बाजार की उथल-पुथल के बीच लोग सोने को सबसे पक्का साथी मान रहे हैं. यह लगातार नौवां महीना है जब ग्लोबल गोल्ड ETF (Gold ETF) में निवेशकों ने जमकर पैसा लगाया है. अगर आंकड़ों की बात करें, तो फरवरी महीने में पूरी दुनिया में करीब 5.3 अरब डॉलर का निवेश गोल्ड ETF में आया है.
दिलचस्प बात यह है कि साल 2026 की शुरुआत पिछले कई सालों के मुकाबले सबसे शानदार रही है. वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के अनुसार, इस निवेश की बदौलत दुनिया भर में सोने की कुल होल्डिंग अब 4,171 टन के सर्वकालिक उच्च स्तर (All-time high) पर पहुंच गई है. वहीं, सोने की बढ़ती कीमतों ने इसके कुल एसेट मैनेजमेंट (AUM) को 701 अरब डॉलर के जादुई आंकड़े तक पहुंचा दिया है. इसका मतलब साफ है. दुनिया के निवेशक फिर से सोने को एक मजबूत सुरक्षा कवच के तौर पर देख रहे हैं.
गोल्ड ETF में लगातार नौ महीने पैसा क्यों आ रहा है?
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- अगर पिछले नौ महीनों को देखें तो एक ट्रेंड साफ दिखाई देता है.
- निवेशक लगातार गोल्ड ETF में पैसा डाल रहे हैं.
- ऐसा पहले भी हुआ है.
- इतिहास में ये सिर्फ दो बड़े संकटों के दौरान देखने को मिले थे.
- ग्लोबल फाइनेंशियल क्राइसिस
- कोविड महामारी का समय
- इन दोनों दौर में निवेशकों को सिस्टम में बड़ा जोखिम दिखाई दे रहा था.
- इसलिए उन्होंने सोने को सुरक्षित निवेश के तौर पर चुना.
- अब 2026 में भी कुछ वैसा ही माहौल बनता दिख रहा है.
- बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, बाजार की अनिश्चितता ने निवेशकों को सावधान बना दिया है.
- ऐसे समय में सोना अक्सर सबसे भरोसेमंद विकल्प बन जाता है.
भारत में गोल्ड ETF का क्या है हाल?
- भारत में फरवरी के दौरान 565 मिलियन डॉलर का इनफ्लो दर्ज हुआ.
- हालांकि यह पिछले दो महीनों के औसत 2 अरब डॉलर से कम था.
- महीने की शुरुआत में कुछ बड़े फंड्स में रिडेम्प्शन हुआ.
- माना जाता है कि यह मुनाफा बुकिंग की वजह से था
- क्योंकि उस समय सोने की कीमत में थोड़ी गिरावट आई थी.
- लेकिन जैसे-जैसे महीना आगे बढ़ा, निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ती गई.
- एक और वजह थी SEBI के नए नियम.
इन नियमों के बाद म्यूचुअल फंड्स को गोल्ड और सिल्वर जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश बढ़ाने की ज्यादा स्वतंत्रता मिल गई है. इससे आने वाले समय में गोल्ड ETF की मांग और बढ़ सकती है.
ग्लोबल गोल्ड ETF रिपोर्ट कार्ड
| नॉर्थ अमेरिका | 363.8 | +4,698.2 | 2,166.4 | +1.3% |
| एशिया | 86.1 | +2,349.0 | 509.8 | +2.2% |
| यूरोप | 238.3 | -1,787.5 | 1,419.1 | -0.9% |
| अन्य क्षेत्र | 12.6 | +16.7 | 75.3 | +0.4% |
| ग्लोबल टोटल | 700.8 | +5,276.4 | 4,170.7 | +0.6% |
किसने संभाली गोल्ड ETF की कमान?
फरवरी में अगर किसी क्षेत्र ने गोल्ड ETF की मांग को आगे बढ़ाया तो वह था नॉर्थ अमेरिका. यहां से अकेले 4.7 अरब डॉलर का इनफ्लो आया. यह लगातार नौवां महीना है जब नॉर्थ अमेरिका में गोल्ड ETF में पैसा आया है. इतनी लंबी अवधि तक लगातार इनफ्लो होना अपने आप में एक बड़ा संकेत है. इससे पता चलता है कि बड़े निवेशक अपने पोर्टफोलियो में सोने को ज्यादा जगह दे रहे हैं. चलिए अब टेबल में देशों के हिसाब से समझते हैं कि किस देश ने गोल्ड ईटीएफ निवेश में अपनी क्या भूमिका निभाई है?
| अमेरिका (US) | +4,595.8 | भू-राजनीतिक तनाव और डॉलर में कमजोरी |
| जापान (Japan) | +689.5 | येन की कमजोरी और 6% प्राइस रिटर्न |
| चीन (China) | +640.1 | छुट्टियों के बावजूद स्थिर मांग |
| भारत (India) | +565.2 | सेबी के नए नियम और सोने में भरोसा |
| यूके (UK) | -1,922.3 | भारी बिकवाली और मुनाफा वसूली |
Gold ETF में बढ़ते निवेश के पीछे के कारण क्या हैं?
- ईरान को लेकर बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव
- डॉलर की कमजोरी
- ब्याज दरों में नरमी
- टैरिफ से जुड़ी नीति अनिश्चितता
- इक्विटी मार्केट में दबाव
- टेक और SaaS कंपनियों में कमजोरी ने भी सोने में निवेश के लिए प्रेरित किया.
यूरोप में क्यों हुआ गोल्ड ETF से पैसा बाहर?
- जहां दुनिया के कई हिस्सों में गोल्ड ETF में पैसा आ रहा था.
- वहीं यूरोप अकेला ऐसा क्षेत्र रहा जहां आउटफ्लो दर्ज हुआ.
- फरवरी में यूरोप से करीब 1.8 अरब डॉलर का पैसा बाहर निकल गया.
- लेकिन इसकी वजह लंबी अवधि की कोई समस्या नहीं थी.
- असल में जनवरी के अंत में कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट आई थी.
- उसी का असर फरवरी के शुरुआती दिनों में देखने को मिला.
- कई निवेशकों ने उस समय मुनाफा बुक किया और पैसा निकाल लिया.
- लेकिन महीने के दूसरे हिस्से में स्थिति बदली.
- फरवरी के दूसरे सप्ताह में ही लगभग 900 मिलियन डॉलर का इनफ्लो वापस आया.
- यानी शुरुआती गिरावट के बाद निवेशकों का भरोसा फिर लौट आया.
ब्रिटेन और जर्मनी में सबसे ज्यादा रिडेम्प्शन क्यों है?
- यूरोप के अंदर भी आउटफ्लो समान रूप से नहीं हुआ.
- सबसे ज्यादा रिडेम्प्शन ब्रिटेन में देखा गया.
- यहां से करीब 1.9 अरब डॉलर का पैसा बाहर निकला.
- इसके बाद जर्मनी दूसरे नंबर पर रहा जहां करीब 291 मिलियन डॉलर का आउटफ्लो हुआ.
- हालांकि यह याद रखना जरूरी है कि ब्रिटेन यूरोप के गोल्ड ETF बाजार का बड़ा हिस्सा है.
- इसलिए वहां ज्यादा रिडेम्प्शन होना स्वाभाविक भी है.
एशिया में 6 महीने से लगातार क्यों बढ़ रही मांग?
- एशिया में गोल्ड ETF की कहानी थोड़ी अलग है.
- यहां फरवरी में भी इनफ्लो जारी रहा और लगातार छठा महीना रहा जब निवेशकों ने गोल्ड ETF खरीदे.
- फरवरी में एशियाई फंड्स में कुल 2.3 अरब डॉलर का इनफ्लो आया.
- हालांकि यह गति पिछले महीनों की तुलना में थोड़ी धीमी रही.
जापान में क्यों बढ़ी गोल्ड ETF की खरीद?
- एशिया में सबसे ज्यादा इनफ्लो जापान में देखा गया.
- इसके पीछे कई वजहें थीं.
- चीन के साथ बढ़ता तनाव
- कमजोर होता येन
- सोने की कीमत में मजबूती
- जापानी मुद्रा में देखें तो सोने की कीमत लगभग 6 प्रतिशत बढ़ी.
- इससे निवेशकों को सोना और ज्यादा आकर्षक लगा.
चीन में Gold ETF की खरीद हल्की क्यों रही?
- चीन में गोल्ड ETF में हल्का इनफ्लो देखने को मिला.
- लेकिन यह ज्यादा बड़ा नहीं था.
- इसके पीछे एक कारण था चीनी नव वर्ष की छुट्टियां.
- इस दौरान ट्रेडिंग के दिन कम थे.
- दूसरी वजह यह रही कि RMB में सोने की कीमत ज्यादा तेजी से नहीं बढ़ी.
- इससे निवेशकों की दिलचस्पी थोड़ी सीमित रही.
हालांकि हांगकांग में लॉन्च हुआ नया गोल्ड ETF चर्चा में रहा क्योंकि इसमें टोकनाइज्ड यूनिट्स भी उपलब्ध हैं.
दुनिया भर में कुल कितना पैसा आया?
- अगर पूरी दुनिया को देखें तो फरवरी में गोल्ड ETF में कुल:
- 5.27 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज हुआ.
- साथ ही गोल्ड होल्डिंग में कुल 26 टन की बढ़ोतरी हुई.
- अब वैश्विक गोल्ड ETF के पास कुल 4170 टन से ज्यादा सोना मौजूद है.
कौन से गोल्ड ETF में सबसे ज्यादा पैसा आया?
- फरवरी में कुछ बड़े फंड्स में जबरदस्त इनफ्लो देखा गया.
- सबसे ऊपर रहा SPDR Gold Shares
- इस फंड में अकेले 2.5 अरब डॉलर का निवेश आया.
- इसके बाद दूसरे नंबर पर रहा SPDR Gold MiniShares Trust
- इसमें करीब 1.24 अरब डॉलर का इनफ्लो आया.
- जापान का Japan Physical Gold ETF भी टॉप निवेश पाने वाले फंड्स में शामिल रहा.
गोल्ड मार्केट में ट्रेडिंग क्यों कम हुई?
- जहां निवेश बढ़ रहा था, वहीं ट्रेडिंग वॉल्यूम में थोड़ी कमी आई.
- फरवरी में ग्लोबल गोल्ड मार्केट की औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 478 अरब डॉलर प्रतिदिन रही.
- यह जनवरी के रिकॉर्ड स्तर से कम थी.
- लेकिन फिर भी यह 2025 के औसत से 32 प्रतिशत ज्यादा रही.
ट्रेडिंग में कमी के पीछे कौन से बड़े कारण रहे?
- निवेशकों की मुनाफा बुकिंग
- चीन के नए साल की छुट्टियां
- कीमतों का स्थिर रहना
डेरिवेटिव और OTC मार्केट में क्या हुआ?
- OTC यानी ओवर द काउंटर ट्रेडिंग भी फरवरी में थोड़ी कम हुई.
- यह घटकर करीब 245 अरब डॉलर प्रतिदिन रह गई.
- वहीं एक्सचेंजों पर डेरिवेटिव ट्रेडिंग भी धीरे-धीरे कम होती गई.
- फरवरी के पहले सप्ताह में यह करीब 336 अरब डॉलर प्रतिदिन थी.
- महीने के अंत तक यह घटकर करीब 151 अरब डॉलर प्रतिदिन रह गई.
COMEX पोजिशनिंग में क्यों बदलाव दिखा?
- COMEX के डेटा से पता चलता है कि निवेशकों की पोजिशनिंग में भी बदलाव आया.
- फरवरी में कुल नेट लॉन्ग पोजिशन करीब 21 प्रतिशत घटकर 504 टन रह गई.
- मनी मैनेजर्स की नेट लॉन्ग पोजिशन भी लगभग 18 प्रतिशत कम हुई.
गोल्ड ETF में बढ़ते निवेश का मतलब क्या है?
- अगर पूरे ट्रेंड को देखें तो एक बात साफ नजर आती है.
- दुनिया के निवेशक अनिश्चित माहौल में सोने की ओर लौट रहे हैं.
- यह सिर्फ कीमतों की कहानी नहीं है.
- यह भरोसे की कहानी है.
- जब भी बाजार में डर बढ़ता है, निवेशक किसी ऐसी चीज की तलाश करते हैं जो लंबे समय तक मूल्य बनाए रख सके.
- सोना अक्सर वही भूमिका निभाता है.
कैसा रहने वाला है सोने का भविष्य?
फरवरी 2026 का डेटा एक बड़ा संकेत देता है. दुनिया भर के निवेशक फिर से सोने को अपने निवेश का अहम हिस्सा बना रहे हैं. लगातार नौ महीनों से गोल्ड ETF में पैसा आना यह दिखाता है कि बाजार में अनिश्चितता अभी खत्म नहीं हुई है.
नॉर्थ अमेरिका की मजबूत मांग, एशिया की लगातार खरीद और भारत में बढ़ती दिलचस्पी इस बात की तरफ इशारा करती है कि सोना अभी भी निवेशकों के लिए भरोसे का सबसे मजबूत विकल्प बना हुआ है.
आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)
Q1 फरवरी 2026 में गोल्ड ETF में कितना पैसा आया
फरवरी 2026 में वैश्विक गोल्ड ETF में लगभग 5.3 अरब डॉलर का इनफ्लो दर्ज हुआ.
Q2 गोल्ड ETF में सबसे ज्यादा निवेश किस क्षेत्र से आया
नॉर्थ अमेरिका से सबसे ज्यादा निवेश आया, जहां लगभग 4.7 अरब डॉलर का इनफ्लो हुआ.
Q3 क्या यूरोप में गोल्ड ETF में निवेश बढ़ा या घटा
फरवरी में यूरोप में लगभग 1.8 अरब डॉलर का आउटफ्लो दर्ज हुआ.
Q4 भारत में गोल्ड ETF में कितना निवेश आया
फरवरी में भारत में करीब 565 मिलियन डॉलर का इनफ्लो दर्ज हुआ.
Q5 फरवरी में गोल्ड ट्रेडिंग वॉल्यूम कितना रहा
ग्लोबल गोल्ड मार्केट में औसत ट्रेडिंग वॉल्यूम लगभग 478 अरब डॉलर प्रतिदिन रही.