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अमेरिकी इकोनॉमी में सुस्ती के संकेत मिलने से शेयर बाजार में रौनक देखी जा रही है. दरअसल, दूसरी तिमाही में अमेरिकी इकोनॉमी का ग्रोथ रेट 2.1 फीसदी रहा और अनुमान 2.4 फीसदी था. अगस्त महीने में जॉब डेटा भी अनुमान से कमजोर आया है. अगस्त महीने में 1.77 लाख प्राइवेट एंप्लॉयी जोड़े गए जो जुलाई में 3.71 लाख था. डाओ जोन्स के सर्वे में अनुमान 2 लाख प्राइवेट जॉब डेटा का था. इसका मतलब इंटरेस्ट रेट में बढ़ोतरी का असर इकोनॉमी पर देखा जा रहा है.
अगर इकोनॉमी में कमजोरी के संकेत मिल रहे हैं तो फेडरल रिजर्व पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का दबाव घटेगा. यही वजह है कि लगातार चौथे कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजार में गुलजार है. भारतीय समय अनुसार रात के 9 बजे डाओ जोन्स में करीब 100 अंकों की तेजी थी. टेक आधारित नैस्डैक और ब्रॉडर मार्केट इंडेक्स S&P 500 में भी आधे फीसदी की मजबूती है.
फेडरल रिजर्व की अगली बैठक सितंबर में 19-20 तारीख को होगी. GDP डेटा आने के बाद डॉलर इंडेक्स और बॉन्ड यील्ड में गिरावट देखी जा रही है. डॉलर इंडेक्स आधे फीसदी की गिरावट के साथ 103 पर है. 10 साल की अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी आधे फीसदी की गिरावट के साथ 4.10 फीसदी पर है. ब्रेंट क्रूड में मामूली तेजी है और यह 85 डॉलर प्रति बैरल के पार है. सोना 1970 डॉलर प्रति आउंस के पार निकल गया है.
यूरोपियन बाजार की बात करें तो इंग्लैंड के FTSE में 0.13 फीसदी की तेजी है. फ्रांस का CAC फ्लैट है और जर्मनी का ब्लूचिप इंडेक्स DAX में एक चौथाई फीसदी की गिरावट है. कोरिया को कोस्पी 0.35 फीसदी, जापाना का निक्केई 0.33 फीसदी तेजी के साथ बंद हुआ. भारती बाजार भी फ्लैट बंद हुआ. 31 अगस्त को विकली एक्सपायरी है. अमेरिकी बाजार में तेजी और यील्ड में गिरावट का घरेलू बाजार पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है.
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