होली पर शेयर बाजार को लगेगा जोर का झटका? Gift Nifty 600 अंक फिसला; ग्लोबल बाजार भी लाल रंग में डूबे

Gift Nifty Down: Gift Nifty करीब 24,399 पर, लगभग 593 अंक (-2.37%) नीचे था. घरेलू बाज़ार मंगलवार को बंद हैं. इससे कल ओपनिंग में गैप-डाउन की आशंका है. मतलब, सेंटीमेंट फिलहाल रिस्क-ऑफ है.
होली पर शेयर बाजार को लगेगा जोर का झटका? Gift Nifty 600 अंक फिसला; ग्लोबल बाजार भी लाल रंग में डूबे

Gift Nift में बड़ी गिरावट, बाजार के लिए कमजोर संकेत (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Gift Nifty Down: होली की छुट्टी के बाद बुधवार को भारतीय शेयर बाज़ार कमजोर शुरुआत कर सकते हैं. आज मंगलवार को जब घरेलू बाजार बंद हैं, तब ग्लोबल बाजारों में गिरावट जारी है. संकेत साफ हैं- Gift Nifty में तेज गिरावट और ग्लोबल बाज़ारों में बिकवाली. पश्चिमी एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान युद्ध के चौथे दिन में एंट्री ने ऊर्जा सप्लाई और महंगाई को लेकर नई चिंता खड़ी कर दी है.

आज कैसे दिख रहे हैं ट्रिगर?

Gift Nifty करीब 24,399 पर, लगभग 593 अंक (-2.37%) नीचे था. घरेलू बाज़ार मंगलवार को बंद हैं. इससे कल ओपनिंग में गैप-डाउन की आशंका है. मतलब, सेंटीमेंट फिलहाल रिस्क-ऑफ है.

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ग्लोबल बाज़ार क्यों डरे हुए हैं?

ऊर्जा सप्लाई पर खतरे की आशंका ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है. तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है और इक्विटी बाज़ारों में दबाव दिखा है. अमेरिका में S&P 500 फ्यूचर्स 1.5% नीचे था. Dow फ्यूचर्स 1.6% फिसले. सोमवार को उतार-चढ़ाव के बाद इंडेक्स मामूली बदलाव के साथ बंद हुए थे.

यूरोप में भी गिरावट

फ्रांस का CAC 40 2.2% नीचे है. जर्मनी का DAX 2.9% कमजोर हुआ. ब्रिटेन का FTSE 100 2.2% गिरा दिखा.

एशिया में भी बिकवाली

कोरिया का Kospi 7% से ज्यादा लुढ़का. जापान का Nikkei 3% गिरा. ऑस्ट्रेलिया, हांगकांग, शंघाई सभी में कमजोरी है. छुट्टी के बाद खुले बाज़ारों में बिकवाली ज्यादा दिखी, खासकर ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों में.

तेल क्यों उछला? भारत के लिए कितना अहम?

अमेरिकी क्रूड $74.5 प्रति बैरल हो गया है. ब्रेंट $81.3 प्रति बैरल पर पहुंच गया है. एक दिन में $3-$3.5 तक की तेजी दर्ज हुई है. अगर सप्लाई रूट खासकर Strait of Hormuz प्रभावित होता है, तो तेल की कीमतें और चढ़ सकती हैं. भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है. ऐसे में आयात बिल बढ़ सकता है. चालू खाते का दबाव बढ़ेगा. महंगाई पर असर होगा, इससे RBI की नीति पर भी नजर है.

LIVE TV:

हालांकि, इतिहास बताता है कि हर भू-राजनीतिक तनाव लंबे समय तक बाज़ार नहीं गिराता. Morgan Stanley के एनालिस्ट्स के अनुसार, जब तक तेल $100 प्रति बैरल से ऊपर टिकाऊ रूप से नहीं जाता, तब तक अमेरिकी इक्विटी में बड़ी और लंबी गिरावट की संभावना सीमित है.

किन सेक्टरों पर सीधा असर?

Sectors in Focus

भारत में क्या देखें?

  • OMCs (तेल मार्केटिंग कंपनियां)
  • एविएशन
  • पेंट, केमिकल्स (इनपुट कॉस्ट संवेदनशील)
  • आईटी/फार्मा-रुपये की चाल पर निर्भर

क्या यह सिर्फ शॉर्ट-टर्म पैनिक है?

Stephen Innes (SPI Asset Management) का कहना है कि 2000 के बाद 22 बार तेल में एक दिन में 10% से ज्यादा उछाल आया, लेकिन हर बार इक्विटी बाज़ार पटरी से नहीं उतरे. ऊर्जा शॉक तभी खतरनाक होता है, जब वह गंभीर और लंबा चले. फिलहाल बाज़ार “वेट-एंड-वॉच” मोड में है.

निवेशकों के लिए फैक्ट बॉक्स

Investment Strategy

रणनीति क्या रखें?

  • डिफेंसिव रुख: FMCG, हेल्थकेयर में स्थिरता
  • करेंसी ट्रेंड देखें: डॉलर मजबूत तो IT को सहारा
  • कमोडिटी पर नजर: तेल $100 के करीब गया तो रिस्क बढ़ेगा
  • घबराहट में फैसला न लें: लॉन्ग-टर्म पोर्टफोलियो में जल्दबाजी न करें

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