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US-Iran के बीच बढ़ते तनाव का ग्लोबल बाजारों पर असर. (प्रतीकात्मक तस्वीर: AI/ChatGPT)
Gift Nifty Crash: बकरीद की छुट्टी के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट के संकेत मिल रहे हैं. अमेरिका-ईरान के बीच ताजा हमलों ने एक बार फिर से ग्लोबल बाजारों का मूड खराब कर दिया है. एशियाई बाजारों में भारी गिरावट आई और अमेरिकी फ्यूचर्स भी फिसल गए थे.
गुरुवार दिन में Gift Nifty में करीब 2% की गिरावट देखने को मिली थी. जिससे संकेत मिल रहे हैं कि कल Sensex और Nifty दबाव के साथ खुल सकते हैं. हालांकि, शाम तक गिफ्ट निफ्टी में थोड़ी रिकवरी आई थी.
दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच फिर बढ़ते तनाव ने ग्लोबल मार्केट सेंटीमेंट बिगाड़ दिया है. अमेरिका की ओर से ईरानी ठिकानों पर नई सैन्य कार्रवाई की खबरों के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है. इसका असर एशियाई बाजारों से लेकर क्रूड ऑयल तक हर जगह दिखाई दिया.
गुरुवार को Gift Nifty Futures 2% टूटकर 23,555 के आसपास पहुंच गया था. चूंकि भारतीय बाजार बकरीद की वजह से बंद थे, इसलिए ग्लोबल घटनाक्रम का असर अब सीधे शुक्रवार की ओपनिंग पर दिख सकता है.
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास ईरानी ड्रोन गतिविधियों के जवाब में कार्रवाई की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने दावा किया कि उसने चार ईरानी अटैक ड्रोन मार गिराए और बंदर अब्बास में एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया. इसके बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाते हुए भीषण हमला किया.
इसके साथ ही ईरान की ओर से कुवैत की तरफ एक घातक बैलिस्टिक मिसाइल (Ballistic Missile) दागने की भी खबर है. हालांकि, कुवैती सेना की मुस्तैदी के कारण इस बड़े हमले को समय रहते नाकाम कर दिया गया और कुवैती बलों ने मिसाइल को हवा में ही सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट (नष्ट) कर दिया.
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इसके बाद बाजार में डर बढ़ गया कि अगर तनाव और बढ़ा तो वैश्विक ऑयल सप्लाई प्रभावित हो सकती है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम ऑयल रूट्स में शामिल है.
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जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ते ही क्रूड ऑयल में भी जोरदार रिकवरी देखने को मिली. Brent Crude करीब 4% उछलकर फिर $100 प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. WTI Crude भी 4% से ज्यादा चढ़कर $92.5 प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया था. तेल की कीमतों में तेजी भारत जैसे आयातक देशों के लिए चिंता बढ़ा सकती है क्योंकि इससे महंगाई और चालू खाते पर दबाव बढ़ने का खतरा रहता है.
अमेरिका-ईरान तनाव का असर एशियाई बाजारों पर भी साफ दिखाई दिया.
अमेरिकी बाजार खुलते ही हल्की गिरावट पर थे. ब्रेंट क्रूड 2% ऊपर था. S&P 500 0.1% गिरा था. Nasdaq भी 0.2% नीचे था. Dow Jones में 300 अंकों की गिरावट थी. हालांकि, इंडेक्स अपने ऑल टाइम हाई के आसपास ही हैं.
इसके पहले फ्यूचर्स में कमजोरी दिखी थी. Nasdaq Futures करीब 0.9% नीचे था. S&P 500 Futures 0.4% कमजोर था. Dow Futures भी लाल निशान में कारोबार करते दिखे. इससे साफ है कि ग्लोबल निवेशक फिलहाल तनाव बढ़ने की आशंका को लेकर सतर्क हैं. बुधवार को अमेरिकी कैश मार्केट्स अपेक्षाकृत स्थिर बंद हुए थे.
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अगर क्रूड ऑयल ऊंचे स्तर पर बना रहता है तो OMCs, पेंट, एविएशन और केमिकल शेयरों पर दबाव देखने को मिल सकता है. वहीं ऑयल एक्सप्लोरेशन और डिफेंस शेयरों में हलचल बढ़ सकती है. शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंटीमेंट पूरी तरह ग्लोबल संकेतों और कच्चे तेल की चाल पर निर्भर रहेगा.