शेयर बाजार में FPI का 'ब्लैक मार्च'! मार्च में निकाले ₹1.14 लाख करोड़; आखिर विदेशी निवेशकों में क्यों मचा है हड़कंप?

FPI: इससे पहले फरवरी में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 महीने का सबसे हाई है.
शेयर बाजार में FPI का 'ब्लैक मार्च'! मार्च में निकाले ₹1.14 लाख करोड़; आखिर विदेशी निवेशकों में क्यों मचा है हड़कंप?

विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने मार्च में भारतीय शेयर बाजार से 1.14 लाख करोड़ रुपये निकाले. (प्रतीकात्मक फोटो: File Image)

FPI: भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में मार्च का महीना रिकॉर्ड बिकवाली के नाम दर्ज हो गया है. फॉरेन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स (FPI) ने इस महीने अब तक 1.14 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम निकाले हैं. यह अब तक की सबसे बड़ी मासिक निकासी है.

इस महीने का एक ट्रेडिंग सेशन अभी बचा है, जिससे निकासी का आंकड़ा और बढ़ सकता है. इससे पहले अक्टूबर, 2024 में एफपीआई ने एक महीने में सबसे ज्यादा 94,017 करोड़ रुपये की निकासी की थी.

सबसे बड़ा सवाल: FPI इतनी बड़ी बिकवाली क्यों कर रहे हैं?

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  • मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
  • कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
  • रुपये की कमजोरी
  • अमेरिका में हाई बॉन्ड यील्ड

ग्लोबल जोखिम बढ़ा, इसलिए विदेशी निवेशक पैसा निकाल रहे हैं.

किन कारणों से बढ़ा डर?

  • मिडिल ईस्ट संघर्ष से अनिश्चितता
  • कच्चा तेल महंगा
  • रुपये की गिरावट
  • US बॉन्ड यील्ड में बढ़त

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इस साल 1.27 लाख करोड़ रुपये की निकासी किए

NSDL के आंकड़ों के अनुसार,

  • एफपीआई 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से 1.27 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं.
  • 27 मार्च तक एफपीआई ने 1,13,380 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं.

इससे पहले फरवरी में FPI ने भारतीय शेयर बाजार में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया था, जो 17 माह का उच्चस्तर है.

आपके लिए क्या मतलब?

अगर आप निवेशक हैं-

  • बाजार में वोलैटिलिटी बनी रह सकती है
  • अच्छे स्टॉक्स सस्ते मिल सकते हैं

अगर आप ट्रेडर हैं-

  • शॉर्ट टर्म में रिस्क ज्यादा

अगर आप लॉन्ग-टर्म निवेशक हैं-

  • SIP जारी रखें, गिरावट में मौके बन सकते हैं

क्या यह ट्रेंड आगे भी जारी रहेगा?

एक्सपर्ट्स के अनुसार,

  • जब तक ग्लोबल अनिश्चितता बनी रहेगी
  • तब तक FPI का रुख सावधान रहेगा
  • युद्ध, तेल और रुपये की कमजोरी मुख्य कारण
  • US बॉन्ड यील्ड और टाइट लिक्विडिटी से पैसा बाहर जा रहा

अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

  • घबराकर बेचने से बचें
  • मजबूत फंडामेंटल वाले स्टॉक्स पर नजर रखें
  • लंबी अवधि का नजरिया रखें
  • SIP और स्टैगर निवेश अपनाएं

कंक्लूजन

₹1.14 लाख करोड़ की बिकवाली सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि यह संकेत है कि ग्लोबल माहौल भारतीय बाजार को प्रभावित कर रहा है. लेकिन हर गिरावट में एक मौका छुपा होता है-समझदारी से निवेश करने वालों के लिए यही सही समय बन सकता है.

आर्टिकल से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल (FAQs)

Q1. FPI क्या होते हैं?
विदेशी निवेशक जो शेयर बाजार में निवेश करते हैं.

Q2. क्या बाजार और गिरेगा?
शॉर्ट टर्म में दबाव संभव.

Q3. क्या यह निवेश का मौका है?
लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए हां.

Q4. सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
ग्लोबल अनिश्चितता और तेल की कीमत.

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