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भारतीय शेयर बाजार विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की शॉर्ट कवरिंग और मजबूत घरेलू संकेतों के बीच सप्ताह के अंत में बढ़त के साथ बंद हुए. भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों में स्पष्टता से बाजार में आशावाद को बल मिला, दोनों पक्षों ने नवंबर तक समझौते के पहले चरण को पूरा करने पर सहमति व्यक्त की. प्रमुख बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी के चलते निफ्टी बैंक ने एक नया मुकाम हासिल किया और बाजार में उत्साह बना रहा.
फाइनेंशियल सेक्टर में परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर चिंताएं कम होने और त्योहारी तिमाही में बेहतर बिक्री वृद्धि की उम्मीदों से निवेशकों का विश्वास बढ़ा.
निफ्टी और सेंसेक्स में 2% से ज्यादा बढ़त
वैश्विक विवेकाधीन खर्च की चिंताओं और अमेरिकी बैंकिंग सिस्टम में परिसंपत्ति गुणवत्ता पर बढ़ते दबाव के कारण आईटी शेयर दबाव में रहे. मीडिया और मेटल शेयरों में भी मुनाफावसूली देखी गई, जिससे सूचकांकों की कुल बढ़त सीमित रही.
मिडकैप और स्मॉलकैप में गिरावट
वीकली चार्ट ने बनाया बुल कैंडल
कितना बढ़ेगा इंडेक्स
छुट्टियों से प्रभावित दिवाली के इस संक्षिप्त सप्ताह में, अमेरिकी मुद्रास्फीति, रोजगार और भारत के पीएमआई आंकड़ों जैसे प्रमुख आर्थिक आंकड़ों के जारी होने के मद्देनजर निवेशक सतर्क बने रह सकते हैं. निवेशक मौजूद अर्निंग सीजन और प्रमुख वैश्विक केंद्रीय बैंकों के नीतिगत संकेतों पर भी नजर रख रहे हैं.
सवाल: इस हफ़्ते भारतीय शेयर बाज़ार में तेज़ी क्यों आई?
जवाब: बाज़ार में तेज़ी के तीन मुख्य कारण थे: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने अपनी शॉर्ट पोजीशन को कवर किया. घरेलू संकेत मजबूत थे. भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की उम्मीद बढ़ गई है.
सवाल: निवेशकों का भरोसा क्यों बढ़ा हुआ है?
जवाब: निवेशकों का भरोसा इसलिए बढ़ा क्योंकि फाइनेंशियल सेक्टर की परिसंपत्ति गुणवत्ता को लेकर चिंताएं कम हुई हैं और त्योहारों के मौसम में अच्छी बिक्री की उम्मीद है.
सवाल: कौन से सेक्टर सबसे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं?
जवाब: एफएमसीजी (FMCG), फार्मा, ऑटो, रियल्टी, हेल्थकेयर और बैंकिंग जैसे सेक्टरों में अच्छी तेजी देखी गई. बैंकिंग शेयरों में मजबूत खरीदारी हुई.
सवाल: कौन से सेक्टर दबाव में थे?
जवाब: आईटी (IT) सेक्टर के शेयर दबाव में थे क्योंकि वैश्विक स्तर पर खर्च को लेकर चिंताएं हैं. इसके अलावा, मीडिया और मेटल शेयरों में भी कुछ मुनाफावसूली देखी गई.
सवाल: छोटे और मझोले शेयरों (मिडकैप और स्मॉलकैप) का प्रदर्शन कैसा रहा?
जवाब: बड़ी कंपनियों के मुकाबले मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में मामूली गिरावट देखी गई, क्योंकि कुछ निवेशकों ने अपना मुनाफा वसूला.
(IANS इनपुट के साथ)