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Equity Investment
एक नई रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में इक्किटी फंड्स में निवेश (नेट फ्लो) बढ़कर 46,501 करोड़ रुपए हो गया, जो फरवरी के 41,934 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 11 प्रतिशत ज्यादा है. वैलम कैपिटल की रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च में कुल नेट एसेट फ्लो में बड़ा बदलाव देखने को मिला, जहां निवेशकों ने मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स से पैसा निकालकर इक्किटी में निवेश बढ़ाया. रिपोर्ट में बताया गया कि भारतीय शेयर बाजार में आई तेज रिकवरी के कारण 59,629 करोड़ रुपए का निवेश आकर्षित हुआ.
एक महीने में स्मॉल-कैप शेयरों में 8.1 प्रतिशत, मिड-कैप में 6.9 प्रतिशत और लार्ज-कैप में 4.8 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई. हालांकि, साल की शुरुआत से अब तक सभी कैटेगरी में रिटर्न अभी भी नकारात्मक बना हुआ है.
कमोडिटी फंड्स में निवेश सकारात्मक तो रहा, लेकिन इसमें तेजी कम देखने को मिली. इससे संकेत मिलता है कि सोना-चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश की रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है.
क्यों निकाल रहे हैं पैसा
भारत में 2026 के दौरान मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं, जबकि पहले पीएसयू और कंजंप्शन सेक्टर ज्यादा पसंद किए जाते थे. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि निवेशक अब ज्यादा सुरक्षित विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं। मार्च में लार्ज-कैप फंड्स में 28,558 करोड़ रुपए का निवेश हुआ, जो फरवरी से 19,242 करोड़ रुपए ज्यादा है। फ्लेक्सी-कैप और मिड-कैप में भी लगातार निवेश जारी रहा. वहीं, आर्बिट्राज फंड्स से 22,182 करोड़ रुपए की निकासी हुई और डायनेमिक स्ट्रैटेजी फंडों से भी पूंजी का नुकसान हुआ है.
(IANS इनपुट्स के साथ)
सवाल: मार्च में इक्विटी फंड्स में कितना निवेश हुआ है?
जवाब: मार्च में इक्विटी फंड्स में निवेश 46,501 करोड़ रुपए रहा है. फरवरी के मुकाबले लगभग 11 फीसदी ज्यादा है.
सवाल: मनी मार्केट और फिक्स्ड इनकम फंड्स का क्या हाल रहा है?
जवाब: दोनों फंड्स से निवेशकों ने बड़े पैमाने पर भारी आउटफ्लो किया है.
सवाल: इक्विटी फंड्स में निवेश बढ़ने का क्या अहम कारण है?
जवाब: भारतीय शेयर बाजार में तेज रिकवरी के कारण निवेशकों ने इक्विटी में ज्यादा पैसा लगाया है.
सवाल: बीते एक महीने में किन स्टॉक्स में सबसे ज्यादा बढ़त हुई है?
जवाब: स्मॉल कैप में सबसे ज्यादा 8.1 फीसदी, मिड-कैप 6.9 फीसदी और फिर लार्ज-कैप 4.8 फीसदी में बढ़त दर्ज की गई है.
सवाल: साल 2026 में भारत में निवेशकों के पसंदीदा सेक्टर कौन से हैं?
जवाब: मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस सेक्टर निवेशकों की पहली पसंद बन गए हैं.