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Editor's Take: जून सीरीज के दमदार प्रदर्शन के बाद अब बाजार की नजरें जुलाई सीरीज पर टिकी हैं, और संकेत बेहद सकारात्मक हैं. बाजार में एकतरफा तेजी, मजबूत सेक्टोरल ट्रेंड और शॉर्ट कवरिंग की संभावना ने जुलाई सीरीज को एक शानदार निवेश अवसर बना दिया है. मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि जुलाई सीरीज के लिए निफ्टी का टारगेट 25,800 से 26,000 की रेंज में रखा जा रहा है. वहीं, बैंक निफ्टी 57,000 के ऊपर जाकर नया लाइफ हाई बना सकता है. यह दोनों इंडेक्स इस समय एक स्ट्रॉन्ग अपट्रेंड में हैं, और हर गिरावट को खरीदारी का मौका माना जा रहा है.
ब्रेकआउट भी कन्फर्म हो चुका है. निफ्टी ने 7 अप्रैल के 21,743 के लो से लगातार तेजी दिखाई है. हाल ही में निफ्टी ने इंट्राडे और क्लोजिंग दोनों आधारों पर ब्रेकआउट दिया है. अगर आज बाजार थोड़ी सी भी मजबूती के साथ बंद होता है, तो यह ब्रेकआउट और मजबूत हो जाएगा. ऐसे में अगला लक्ष्य 24,625 से 24,800 की रेंज में देखने को मिल सकता है. वहीं, बैंक निफ्टी पहले से ही मजबूत है और 57,050 का इंट्राडे लेवल और 56,850 का क्लोजिंग लेवल पार करते ही इसमें और तेजी देखने को मिलेगी.
इस बार जुलाई में सबसे ज्यादा फोकस मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स पर रहेगा. इनमें तेजी की सबसे मजबूत संभावनाएं बन रही हैं. खासकर जिन सेक्टर्स पर फोकस रहेगा, वे हैं:
हालांकि ग्लोबल स्तर पर कुछ नकारात्मक खबरें आईं, लेकिन भारतीय बाजार ने मजबूती के साथ इनका सामना किया है. FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) की इंडेक्स फ्यूचर्स में लॉन्ग पोजीशन अब भी सिर्फ 23% है, जो ऐतिहासिक रूप से कम है. इसका मतलब है कि बाजार में शॉर्ट पोजीशन ज्यादा है, और जैसे-जैसे बाजार ऊपर जाएगा, शॉर्ट कवरिंग के जरिए और तेजी आएगी.
बाजार में तेजी तब तक बनी रहेगी जब तक निफ्टी 24,500 और बैंक निफ्टी 54,500 के नीचे क्लोज नहीं करता. इन स्तरों से नीचे बंद होने पर ही तेजी पर ब्रेक लग सकता है. वरना बाजार में हर गिरावट एक नया बायिंग ऑपर्च्युनिटी होगी.
जून सीरीज में निफ्टी ने अब तक 411 अंक और बैंक निफ्टी ने 1075 अंक की बढ़त दिखाई है. ऐसे में तमाम संकेत इसी ओर इशारा कर रहे हैं कि एक्सपायरी भी सीरीज के हाई लेवल पर ही हो सकती है.