Editor's Take: क्या FIIs आ रहे हैं खरीदारी के मूड में? अनिल सिंघवी ने बताया आम निवेशक को कैसे मिलेगा फायदा

Editor's Take: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. अनिल सिंघवी ने कहा कि बीते कुछ समय में हमने देखा कि FIIs लगातार भारतीय बाजारों में बिकवाली कर रहे थे, लेकिन अब यह रफ्तार कमजोर पड़ रही है.
Editor's Take: क्या FIIs आ रहे हैं खरीदारी के मूड में? अनिल सिंघवी ने बताया आम निवेशक को कैसे मिलेगा फायदा

Editor's Take: अमेरिकी बाजारों में हालिया रिकवरी देखने को मिली है, लेकिन भारतीय बाजारों पर इसका बहुत बड़ा असर नहीं पड़ने वाला है. अमेरिका में आई एकतरफा गिरावट के बाद यह उछाल महज एक रिकवरी है. इसके अलावा, टैरिफ वॉर को लेकर यूरोप अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निशाने पर है, जिससे वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बनी रह सकती है. अमेरिकी बाजारों में उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी रहने की संभावना है. यही वजह है कि सोने की कीमतें भी रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं और $3000 के करीब पहुंच चुकी हैं. हालांकि, राहत की बात यह है कि भारतीय बाजारों पर इन सभी घटनाक्रमों का बहुत ज्यादा असर नहीं पड़ेगा.

क्या विदेशी निवेशक खरीदारी के मूड में हैं?

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली का दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है. अनिल सिंघवी ने कहा कि बीते कुछ समय में हमने देखा कि FIIs लगातार भारतीय बाजारों में बिकवाली कर रहे थे, लेकिन अब यह रफ्तार कमजोर पड़ रही है. मौजूदा स्तरों पर FIIs की ओर से कोई बड़ी बिकवाली देखने को नहीं मिल रही है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है. हालांकि, बाजार में लगातार खरीदारी के संकेत मिलने में अभी थोड़ा और समय लग सकता है. फिर भी, यह सकारात्मक संकेत है कि बिकवाली के दबाव में कमी आई है और भारतीय बाजारों में स्थिरता का माहौल बन रहा है.

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क्या रणनीति अपनानी चाहिए?

बाजार फिलहाल एक रेंज में कारोबार कर रहा है, इसलिए जब तक यह किसी दिशा में निर्णायक रूप से नहीं निकलता, तब तक दोनों तरफ से ट्रेडिंग की जा सकती है. निफ्टी 22,550 के ऊपर अगर मजबूती से बंद होता है, तो इसमें तेजी देखने को मिलेगी. वहीं, अगर निफ्टी 22,300 के नीचे बंद होता है, तो कमजोरी बढ़ने की संभावना है. इन परिस्थितियों में ‘Buy On Dips’ की रणनीति भी कारगर साबित हो सकती है, जिसमें 22,300 के स्तर को क्लोजिंग स्टॉपलॉस के रूप में रखा जा सकता है.

इसके अलावा, IndusInd Bank पर RBI का हालिया बयान पूरे बैंकिंग सेक्टर के लिए सकारात्मक संकेत देता है, जिससे बैंकिंग शेयरों में मजबूती देखने को मिल सकती है. निवेशकों के लिए, अगर उन्होंने 22,000 के आसपास कोई निवेश किया है, तो यह अच्छा फैसला माना जाएगा. अगर निवेशक अब भी बाजार में प्रवेश करना चाहते हैं, तो उन्हें निफ्टी के 22,550 के ऊपर स्थायी रूप से बंद होने का इंतजार करना चाहिए. इससे उन्हें अपने निवेश पर बेहतर रिटर्न की संभावना मिलेगी.

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