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Editor's Take: वैश्विक व्यापार पर मंडराते टैरिफ वॉर के बादल अब धीरे-धीरे छंटते नजर आ रहे हैं. आज की सबसे बड़ी खबरों में शामिल है अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान, जिसमें उन्होंने कहा कि चीन के साथ अमेरिका की बातचीत चल रही है और जल्द ही एक "बहुत अच्छी डील" होने की उम्मीद है. वहीं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वांस आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं, जिससे भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है.
टेस्ला प्रमुख एलन मस्क ने भी पीएम मोदी से फोन पर बातचीत की है और इस साल भारत आने का वादा किया है. इससे यह साफ संकेत मिल रहे हैं कि अमेरिका की तरफ से भारत को लेकर रणनीतिक और व्यापारिक जुड़ाव में तेजी आ रही है. इस बीच मार्केट की आगे की स्ट्रेटजी पर अनिल सिंघवी ने अपनी राय दी है. उन्होंने कहा कि टैरिफ वॉर के अगले बड़े ट्रिगर की बात करें तो अब सारी निगाहें चीन के रुख पर टिकी हैं. ट्रंप के बयानों के बावजूद चीन ने अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं दी है – ना हामी भरी है, और ना ही विरोध जताया है. यही अनिश्चितता फिलहाल वैश्विक बाजार को सताए हुए है. उन्होंने बताया कि निफ्टी के अगले दो टार्गेट 24200 और 24500 के पास हो सकते हैं. जब तक 23200, बैंक निफ्टी 53000 के नीचे बंद ना हों तब तक निफ्टी ‘Buy On Dips’ रहेगा. अब मिड-स्मॉलकैप शेयरों में तेजी बढ़ेगी. अच्छी क्वालिटी के ज्यादा ना बढ़े हुए शेयरों में निवेश करें.
1. टैरिफ वॉर पर अमेरिका का रुख नरम
2. टैरिफ वॉर में भारत की दूसरे देशों के मुकाबले में बेहतर स्थिति
3. ब्याज दरें घटना शुरू, महंगाई काबू में
4. अच्छे मॉनसून की उम्मीद
5. कमजोर IT के सामने बैंकों के मजबूत नतीजे
6. FIIs की लगातार खरीदारी
बाजार आगे गिरेगा तो क्यों, क्या है खतरा?
- ग्लोबल खतरे दो हैं
1. शॉर्ट टर्म में चीन बिल्कुल ना झुके, अड़ा रहे
2. लॉन्ग टर्म में अमेरिकी इकोनॉमी मंदी में चली जाए
- लोकल भी दो रिस्क
1. FIIs फिर से बेचना शुरू कर दें
2. रिजल्ट सीजन और गाइडेंस कमजोर रहे