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Editor's Take: शनिवार सुबह अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने भारत और अमेरिका के बीच ‘स्पेशल रिलेशनशिप’ को दोहराया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ‘महान प्रधानमंत्री’ और ‘दोस्त’ बताया. ट्रंप ने साफ कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा मेरे दोस्त बने रहेंगे.” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस बयान का स्वागत किया और इसे भारत-अमेरिका के बीच दूरदर्शी और रणनीतिक साझेदारी का उदाहरण बताया. लेकिन क्या ट्रंप के इस ट्विस्ट से बाजार का मूड सुधरेगा?
मार्केट गुरु अनिल सिंघवी ने कहा कि यह कोई पहली बार नहीं कि ट्रंप ने अपने बयान पलटे हैं. ठीक 12 घंटे पहले उन्होंने कहा था कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के हाथों खो दिया. लेकिन अचानक से नकारात्मक बयान को नजरअंदाज करके अब भारत की तारीफ करना दिखाता है कि ट्रंप की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है. लेकिन बड़ी बात ये है कि पीएम मोदी ने नेगेटिव बयानों को नजरअंदाज किया और पॉजिटिव बयानों पर प्रतिक्रिया दी. इससे ट्रंप के बयान की अहमियत और बढ़ गई है.
अनिल सिंघवी ने कहा कि यह बयान सेंटिमेंटली हल्के पॉजिटिव जरूर है, लेकिन ट्रेड डील और असली रिश्तों के सुधार में वक्त लगेगा. निवेशकों को अति-उत्साहित नहीं होकर संयम बरतना चाहिए.
Q1- मार्केट के Big Data क्या हैं?
Q3- ग्लोबल मार्केट का बिग डेटा क्या दिखा रहा है?
आज के ट्रिगर्स साफ बताते हैं कि बाजार में सेंटिमेंट पॉजिटिव है, लेकिन अति-उत्साह में आना समझदारी नहीं होगी. ट्रंप और मोदी के बीच दोस्ती का कार्ड भावनात्मक रूप से अच्छा है, लेकिन ट्रेड डील्स और नीति स्तर पर बदलाव अभी दूर की बात है. FIIs का ओवरसोल्ड पोजीशन दिखाता है कि बड़े निवेशक भी सतर्क हैं. वहीं, वैश्विक मार्केट में सोने की तेजी और US बॉन्ड यील्ड में गिरावट का संतुलन आज की ट्रेडिंग पर असर डाल सकता है. निवेशक को चाहिए कि वे टेक्निकल और फंडामेंटल दोनों को ध्यान में रखते हुए आगे का कदम उठाएं.