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Editor's Take: दिसंबर डेरिवेटिव सीरीज की शुरुआत मजबूत ग्लोबल संकेतों के साथ हुई है. नवंबर सीरीज में हल्की कमजोरी के बावजूद बैंक निफ्टी ने मजबूती दिखाई, जबकि निफ्टी फ्लैट क्लोज हुआ. रोलओवर डेटा, FIIs–DIIs की पोजीशनिंग और ग्लोबल संकेतों को देखने पर साफ है कि दिसंबर सीरीज न तो बहुत तेज होगी और न ही बहुत कमजोर. यानी बुल और बियर दोनों के लिए मैदान बराबर है, और बाजार डेटा आधारित ट्रेडिंग का ही खेल बनेगा.
नवंबर सीरीज का प्रदर्शन बेहद दिलचस्प रहा. लगातार दो पॉजिटिव सीरीज के बाद निफ्टी में सिर्फ 51 पॉइंट की मामूली गिरावट दिखी. वहीं बैंक निफ्टी ने लगातार तीसरी सीरीज में मजबूती दर्ज की और 606 अंक चढ़ा. पिछले तीन महीनों में बैंक निफ्टी 4999 पॉइंट उछला है, जो उसके लिए सबसे मजबूत रैली में से एक है.
दिसंबर की शुरुआत हल्के ओपन इंटरेस्ट (OI) के साथ हुई है- निफ्टी में सिर्फ 1.36 करोड़ शेयरों का OI. मई 2024 के बाद यह निफ्टी का सबसे कम रोलओवर (68.8%) है. बैंक निफ्टी में भी जनवरी 2025 के बाद सबसे कम रोलओवर (70.40%) हुआ है. FIIs की इंडेक्स फ्यूचर्स लॉन्ग पोजीशन सिर्फ 15% है, और लगातार 5वीं सीरीज की शुरुआत है जब FIIs की लॉन्ग पोजीशन 20% के नीचे है.
दिसंबर सीरीज का ऐतिहासिक प्रदर्शन बताता है कि निफ्टी के लिए यह सीरीज औसत रहती है. पिछले पांच में तीन और पिछले 10 में पांच बार निफ्टी दिसंबर में पॉजिटिव बंद हुआ है. यानी बैलेंस्ड सिचुएशन- ना बुल्स ना बियर्स किसी का पूरा कंट्रोल.
लेकिन बैंक निफ्टी के लिए दिसंबर थोड़ी मुश्किलों वाला महीना रहा है. इतिहास कहता है पिछले पांच में से तीन और दस में से सात बार बैंक निफ्टी दिसंबर में निगेटिव बंद हुआ है. इसलिए बैंकिंग में सावधानी ज़रूरी.
निफ्टी लगातार तीन दिनों से कमजोर है और लगातार तीनों दिन Lower High–Lower Low बनाया है. 20 नवंबर को 26192 के फॉल्स ब्रेकआउट के बाद निफ्टी फिर से 25800–26100 की क्लोजिंग रेंज में फंसा है. बैंक निफ्टी भी पिछले दिन की रेंज में ही घूमा और कोई साफ दिशा नहीं बनी.
मिडकैप इंडेक्स ने 10 दिन का लो 59953 छुआ और फिर मजबूत रिकवरी से दो दिन बाद हरियाली में बंद हुआ, 60,000 का मनोवैज्ञानिक स्तर सपोर्ट बना. स्मॉलकैप इंडेक्स भी लगातार पांच दिन गिरने के बाद तेजी में बंद हुआ, लेकिन रेंज के अंदर रहने से नई दिशा का इंतजार है. FMCG और एनर्जी इंडेक्स इंट्राडे में एक महीने के निचले स्तर पर गए.
मार्केट लीडरशिप की उम्मीद रिलायंस से है. HDFC Bank ने 100 DMA 985 के ऊपर क्लोजिंग दी, लेकिन 35 सेशन से 970–1020 की रेंज में ही फंसा है. ICICI Bank ने दो हफ्ते का निचला स्तर 1354 छुआ.
FIIs ने दो दिनों बाद कैश में ₹785 करोड़ की खरीदारी की, लेकिन कुल मिलाकर कैश, स्टॉक और फ्यूचर्स मिलाकर ₹1398 करोड़ की नेट बिकवाली की. अच्छी बात यह है कि घरेलू फंड्स ने रिकॉर्ड 62वें दिन ₹3912 करोड़ की मजबूत खरीदारी जारी रखी. DIIs की यह मशीन जैसी खरीदारी बाजार को सपोर्ट देती है.
अमेरिकी बाजारों में शानदार तेजी रही- Dow, Nasdaq और S&P तीनों लगातार तीसरे दिन चढ़े. तीन दिनों में Dow 1360 अंक और Nasdaq 950 अंक उछला. Apple $280 पर लाइफ हाई पर पहुंचा. डॉलर इंडेक्स 100 के नीचे आया और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड चार दिनों से गिरकर चार सप्ताह के निचले स्तर पर है. कच्चा तेल $62 के पास है, पांच सप्ताह के निचले स्तर पर.
ग्लोबल संकेत पॉजिटिव हैं, लेकिन FIIs की बिकवाली और आखिरी घंटे की कमजोरी चिंता का कारण हैं. दिसंबर सीरीज डेटा बताता है कि यह बैलेंस्ड और रेंज-बाउंड रहने की ज्यादा संभावना है. बाजार की अगली दिशा रिलायंस और बैंकिंग से आएगी और डेटा आधारित ट्रेडिंग ही सबसे बेहतर रणनीति रहेगी.