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सेबी ने अप्रैल, 2018 से अगस्त, 2019 के बीच खुलासे से संबंधित नियमों के अनुपालन (Compliance) में खामियां पाईं. (फोटो: रॉयटर्स)
SEBI action on Disclosure lapses: सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने ऊर्जा ग्लोबल और चार व्यक्तियों को खुलासा चूक (Disclosure lapses) के मामले में सिक्योरिटी मार्केट से बैन कर दिया है. साथ ही मार्केट रेगुलेटर ने फर्म को आदेश दिया कि वह अगले तीन साल में की जाने वाली कॉरपोरेट घोषणाओं के बारे में किसी कंपनी सचिव से प्रामाणिकता सर्टिफिकेट हासिल करे.
सेबी ने शुक्रवार को अपने 56 पन्नों के आदेश में यह बात कही. सेबी ने अप्रैल, 2018 से अगस्त, 2019 के बीच खुलासे से संबंधित नियमों के अनुपालन (Compliance) में खामियां पाईं.
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चार लोगों पर भी रोक
इसमें निप्पॉन शिन्याकू के बारे में एक कॉरपोरेट घोषणा शामिल है, जो झूठी और भ्रामक थी. आदेश के मुताबिक, ‘‘कंपनी कथित रूप से इस तथ्य का खुलासा करने में भी विफल रही कि निप्पॉन शिन्याकू ने पांच सितंबर, 2019 को अपने ईमेल के जरिये ऊर्जा ग्लोबल को स्पष्ट रूप से संकेत दिया था कि ऊर्जा ग्लोबल द्वारा वर्णित कोई भी लेनदेन निप्पॉन शिन्याकू या उसके किसी भी डायरेक्टर द्वारा नहीं किया गया था.’’ जांच में कई दूसरी डिसक्लोजर चूक भी पाई गईं.
सेबी ने ऊर्जा ग्लोबल और चार व्यक्तियों को दो साल के लिए सिक्योरिटीज मार्केट में काम करने से रोक दिया है. ये लोग हैं- योगेश कुमार गोया, सुनील कुमार मित्तल, प्रिया भल्ला और अविनाश कुमार अग्रवाल. उन्हें किसी भी सार्वजनिक कंपनी से संबद्ध होने से भी प्रतिबंधित किया गया है, जो प्रतिभूति बाजार से धन जुटाने का इरादा रखती है.