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Delhivery IPO Listing: सप्लाई चेन कंपनी डेल्हीवरी आईपीओ की बाजार में लिस्टिंग हो गई है. हालांकि कंपनी ने शेयर बाजार (Share Market) में सुस्त लिस्टिंग की है. BSE यानी कि बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर ये इश्यू 493 रुपए के साथ लिस्ट हुआ तो वहीं एनएसई यानी कि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर 495 रुपए के साथ लिस्ट हुआ. बता दें कि इस इश्यू का प्राइस बैंड 487 रुपए तय किया गया था. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर ये स्टॉक 6 रुपए प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ तो वहीं एनएसई पर 8 रुपए प्रीमियम के साथ लिस्ट हुआ. ऐसे में ये इश्यू अपने प्राइस बैंड से 1.64 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुआ है.
बता दें कि ये आईपीओ 11-13 मई के लिए खुला था और 13 मई यानी अपने इश्यू के आखिरी दिन ये आईपीओ पूरा भरा था. इस इश्यू में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स 2.66 गुना भरा था. जबकि रिटेल इंवेस्टर्स 57 फीसदी तक भरा था. इसके अलावा नॉन इंस्टीट्यूशनल इंवेस्टर्स 30 फीसदी भरा था. कंपनी ने शेयर का प्राइस बैंड 462-487 रुपये प्रति शेयर तय किया था.
ज़ी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी ने बताया था कि ये इश्यू अपने प्राइस बैंड से नीचे या उसके आसपास लिस्ट हो सकता है. उन्होंने सलाह दी कि अगर ये इश्यू बड़े डिस्काउंट पर मिलता है तो लंबी अवधि के निवेशकों यहां पैसा लगाना चाहिए.
Delhivery के आईपीओ में अनिल सिंघवी ने दूर रहने की सलाह दी थी. उन्होंने बताया कि यहां मजबूत ग्रोथ है. इस कंपनी का आउटलुक बेहतर है. अनिल सिंघवी ने बताया कि इश्यू के बाद भी 6500 करोड़ रुपए की नकदी है. अनिल सिंघवी ने बताया कि ये कंपनी घाटे वाली कंपनी है, इसलिए यहां पैसा ना लगाने की सलाह दी गई है. कंपनी के वैल्युएशंस महंगे हैं और निगेटिव कैशफ्लो है. यहां निवेशकों को पैसा ना लगाने की सलाह दी गई है.
मार्केट एक्सपर्ट संतोष मीणा ने बताया कि देश में लॉजिस्टिक इंडस्ट्री में काफी कंपीटिशन है और इस कंपनी को मुनाफे में आना बाकी है. इसलिए नए निवेशकों को इंतजार करना चाहिए और लिस्टिंग के बाद कंपनी की स्ट्रैटेजी पर नजर रखनी चाहिए. उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने इस इश्यू में पैसा लगाया है वो 460 रुपए का स्टॉप लॉस लगा सकते हैं.
(डिस्क्लेमर: यहां स्टॉक्स में निवेश की सलाह ब्रोकरेज हाउस/एक्सपर्ट द्वारा दी गई है. ये जी बिजनेस के विचार नहीं हैं. निवेश से पहले अपने एडवाइजर से परामर्श कर लें.)