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Dollar vs Rupees: रुपए में गिरावट का सिलसिला जारी है. आज डॉलर के मुकाबले रुपया 44 पैसे की गिरावट के साथ 82.32 के नए रिकॉर्ड लो पर बंद हुआ. एक तरफ फेडरल रिजर्व की तरफ से इंट्रेस्ट रेट में बढ़ोतरी के कारण डॉलर मजबूत हो रहा है. दूसरी तरफ ग्लोबल इकोनॉमी में मंदी की आहट से निवेशकों में डॉलर के प्रति लगाव बढ़ गया है. यही वजह है कि तमाम करेंसी के मुकाबले डॉलर में लगातार उछाल आ रहा है. बीते एक सप्ताह में इंडियन करेंसी में 1 रुपया, एक महीने में 2.5 रुपया और इस साल अब तक 8 रुपए की गिरावट आई है.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया अब फिर से एक्शन में आएगा और रुपए को संभालने के लिए डॉलर रिजर्व बेचेगा. सूत्रों ने इस बात को कंफर्म किया कि रुपए के 82 से नीचे फिसलने के बाद आरबीआई अब एक्शन जरूर लेगा. रिजर्व बैंक का एक्शन लिमिटेड होगा. वह रुपए को ज्यादा गिरने से बचाएगा, हालांकि यह कदम उतना ज्यादा नहीं होगा कि रुपए में ज्यादा मजबूती आए.
ICICI Direct की रिपोर्ट के मुताबिक, सितंबर में भारत के सर्विस सेक्टर में ग्रोथ छह महीने के निचले स्तर पर रहा. बढ़ती महंगाई के कारण डिमांड में गिरावट आई है जिससे रुपए पर दबाव बढ़ा है. 10 साल का अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भी डॉलर को मजबूती मिली है. यूरोप की सबसे बड़ी इकोनॉमी जर्मनी अगले साल मंदी में जा सकती है, जिससे यूरो में गिरावट आई है. एनर्जी क्राइसिस और सप्लाई साइड की समस्या बढ़ने से मंदी की आशंका प्रबल हो रही है. स्पॉट डॉलर इंडेक्स इस समय 112.14 के स्तर पर है. बीते दिनों यह 114.77 के स्तर तक पहुंच गया था.
कोटक सिक्यॉरिटीज के वाइस प्रेसिडेंट, करेंसी, अनिंद्य बनर्जी ने कहा कि आज कारोबार के दौरान रुपया 82.42 के न्यूनतम स्तर तक फिसला. फॉरन पोर्टफोलियो इन्वेस्टर्स की बिकवाली से रुपए पर दबाव बढ़ रहा है. आज अमेरिकी जॉब डेटा आने वाला है. अगले सप्ताह अमेरिका में कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स यानी सीपीआई डेटा आने वाला है. अभी रुपए पर दबाव बना रहेगा और स्पॉट मार्केट में यह 81.80-82.80 के दायरे में कारोबार करेगा.