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ग्लोबल संकेतों के चलते शेयर बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. बावजूद इसके कंपनियां पब्लिक इश्यू के जरिए फंड जुटा रही हैं. इस कड़ी में एक और कंपनी को मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने हरी झंडी दिखा दी है. सेबी ने सोमवार को Kaynes Technology India Limited (KTIL) के IPO को मंजूरी दे दी है.
ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (DRHP) के मुताबिक Kaynes Technology के पब्लिक इश्यू में 650 करोड़ रुपए के फ्रेश इक्विटी शेयर जारी करेगी. इसके अलावा ऑफर फॉर सेल (OFS) में प्रोमोटर और मौजूदा निवेशक 72 लाख शेयरों की बिक्री करेंगे. OFS में प्रोमोटर रमेश कुन्हीकन्नन 37 लाख इक्विटी शेयर और निवेशक फ्रेनी फिरोज ईरानी 35 लाख इक्विटी शेयरों की बिक्री करेंगे. कंपनी ने सेबी के पास इसी साल अप्रैल में IPO के लिए आवेदन भेजा था, जिसके बाद 6 अक्टूबर को ऑब्जरवेशन लेटर मिला.
IPO से जुटाई गई रकम में से 130 करोड़ रुपए का इस्तेमाल कर्ज भुगतान के लिए होगा. इसके अलावा 98.93 करोड़ रुपए का इस्तेमाल मैसूर और मनेसर के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए होगा. कंपनी कर्नाटक के चामराजनगर में नए मैन्युफैक्चरिंग प्लांट के लिए 149.30 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई है. इसके अलावा 114.74 करोड़ रुपए का इस्तेमाल सामान्य कॉरपोरेट कार्यों और वर्किंग कैपिटल जरूरतों के लिए किया जाएगा.
Kaynes Technology मैसूर बेस्ड कंपनी है, जो IoT सॉल्युशंस एक दिग्गज एंड-टू-एंड और IoT (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) सॉल्युशंस इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग कंपनी है. यह कंपनी ऑटोमोटिव, इंडस्ट्रियल, एयरोस्पेस एंड डिफेंस, आउटरस्पेस, न्यूक्लियर, मेडिकल, रेलवेस IoT, IT और अन्य सेगमेंट के लिए कॉन्सेप्चुअल डिजाइन, प्रोसेस इंजीनियरिंग, इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग मुहैया कराती है.
देशभर में कंपनी के करीब 8 मैन्युफैक्चरिंग प्लांट हैं, जो कर्नाटक, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु और उत्तराखंड में हैं. दिसंबर 2021 तक कंपनी की कुल क्षमता करीब 60 करोड़ कंपोनेंट है. FY21 में कंपनी की कुल आय 420.63 करोड़ रुपए थी, जो सालभर पहले 368.24 करोड़ रुपए थी. मुनाफा भी 9.35 करोड़ रुपए से बढ़कर 9.73 करोड़ रुपए हो गया. IPO के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स DAM कैपिटल एडवाइजर्स और IIFL सिक्योरिटीज हैं.