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कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होने की संभावना बढ़ गई है.
विदेशी बाजार से मिले मजबूत संकेतों से घरेलू वायदा बाजार में तकरीबन दो सप्ताह बाद कच्चे तेल के दाम में जोरदार उछाल आया है. एमसीएक्स पर कच्चे तेल के चालू महीने के वायदा अनुबंध का भाव दो मई के बाद पहली बार 4,400 रुपये प्रति बैरल चला गया है. उधर, अंतरराष्ट्रीय बाजार में बेंट क्रूड का भाव तकरीबन 72 डॉलर प्रति बैरल तक चला गया. संयुक्त अरब अमीरात के पास खाड़ी क्षेत्र में रविवार को मालवाहक जहाजों पर हमले के बाद तेल की आपूर्ति बाधित होने के अंदेशे से कच्चे तेल के दाम में तेजी आई है.
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंस (एमसीएक्स) पर सोमवार दोपहर 15.20 बजे कच्चे तेल का मई अनुबंध पिछले सत्र के मुकाबले 74 रुपये यानी 1.71 फीसदी की तेजी के साथ 4,400 रुपये प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि इससे पहले तेल का भाव कारोबार के दौरान 4,414 रुपये प्रति बैरल तक उछला.
अंतरराष्ट्रीय वायदा बाजार इंटरकांटिनेंटल एक्सचेंज पर ब्रेंट क्रूड का जुलाई डिलीवरी वायदा अनुबंध 1.64 फीसदी की तेजी के साथ 71.78 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि इससे पहले भाव 71.99 डॉलर प्रति बैरल तक उछला.
उधर, न्यूयॉर्क मर्के टाइल एक्सचेंज (नायमैक्स) पर अमेरिकी लाइट क्रूड वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) का जून अनुबंध 1.35 फीसदी की तेजी के साथ 62.49 डॉलर प्रति बैरल पर बना हुआ था, जबकि इससे पहले भाव 62.67 डॉलर प्रति बैरल तक उछला.
बढ़ सकती हैं पेट्रोल-डीजल की कीमतें
अंतराष्ट्रीय में क्रूड ऑयल की कीमतें गिरने से भारत में भी पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार टूट रहे थे. सोमवार की कटौती के बाद दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के भाव घटकर क्रमश: 71.43 रुपये, 73.50 रुपये, 77.04 रुपये और 74.14 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं. वहीं, चारों महानगरों में डीजल के भाव घटकर क्रमश: 65.98 रुपये, 67.73 रुपये, 69.13 रुपये और 69.74 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.
लेकिन जानकार बताते हैं कि वायदा कारोबार में क्रूड ऑयल में आई तेजी का असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिलेगा. कच्चे तेल के दाम में आई तेजी के बाद पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा होने की संभावना बढ़ गई है. ऊर्जा विशेषज्ञों की मानें तो अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में आई तेजी से आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम में तीन से चार रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
घाटा उठा रही हैं तेल कंपनियां
बाजार के जानकार बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल के दाम में उतार-चढ़ाव का असर भारत में पेट्रोल और डीजल के दाम पर करीब दो सप्ताह बाद दिखता है. ऐसे में दिल्ली में इस समय पेट्रोल का 71.43 रुपये लीटर होना साफ इशारा कर रहा है कि तेल कंपनियां घाटा उठाकर तेल के दाम में कटौती कर रही है क्योंकि कंपनियों को राहत दिलाने के लिए करों में भी कोई कटौती नहीं की गई.
केंद्र सरकार ने आखिरी बार चार अक्टूबर 2018 को पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 1.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी और तेल कंपनियों को एक रुपया प्रति लीटर कटौती का बोझ उठाने को कहा था. केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दाम में रिकॉर्ड वृद्धि के बाद यह फैसला लिया था. केंद्र की घोषणा के बाद भारतीय जनता पार्टी शासित कुछ राज्यों में भी तेल पर लागू वैट में कटौती की गई थी.