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इस खरीफ सीजन में 25 सालों बाद इतना अच्छा उत्पादन देखने को मिला है. इस बार 84 फीसदी इलाकों में मॉनसून सामान्य या सामान्य से अधिक रहा है.
इस साल खेती पर मॉनसून (Monsoon) की मेहरबानी रही है. हालांकि देश के काफी इलाकों में मॉनसून (Monsoon) ने कहर भी बरपाया है, लेकिन इसके बाद भी खरीफ फसलों (Kharif crops) की बंपर पैदावार हुई है. दावा तो यहां तक किया जा रहा है कि इस खरीफ सीजन (Kharif crops) में 25 सालों बाद इतना अच्छा उत्पादन देखने को मिला है. इस बार 84 फीसदी इलाकों में मॉनसून (Monsoon) सामान्य या सामान्य से अधिक रहा है.
नेशनल बल्क हैंडलिंग कॉरपोरेशन (एनबीएचसी) की रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2019-20 के खरीफ मौसम (Kharif crops) में कुल अनाज उत्पादन (Grain Production) पिछले 5 सालों में औसत से 84 लाख टन ऊंचा हो कर 14 करोड़ 5.7 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है.
धान का कुल रकबा (Paddy Crops) 2.80 फीसदी अधिक रहने का अनुमान है. पंजाब (Punjab) में किसानों ने धान के 20-25 फीसदी खेत में गैर-बासमती चावल (Basmati Rice) की जगह बासमती की खेती की है.
बिहार-ओडिशा में कम पैदा होगा धान
बिहार (Bihar), ओडिशा और कर्नाटक (Karnataka) के बाढ़ (Foold) प्रभावित क्षेत्रों में पानी स्तर के घटने के कारण धान (Paddy Farming) के रकबे में सुधार लाने में मदद मिली है लेकिन धान की बुआई में देरी हुई है जिससे उपज में 2.58 फीसदी कमी होने की उम्मीद है.
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मक्के की खेती (Maize Crop) का रकबा बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन कीटों का हमला होने से पैदावार में 5.75 फीसदी की गिरावट आ सकती है. ज्वार (Jowar) के खेती के रकबे में 4.79 फीसदी और पैदावार में 0.61 फीसदी की गिरावट की उम्मीद है, जबकि बाजरे (Milet) की खेती का रकबा 2.47 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन इसकी पैदावार में 4.69 फीसदी की गिरावट होने की उम्मीद है.
दलहनी में बढ़ेगी पैदावार
अरहर खेती का रकबा 1.69 फीसदी बढ़ने और पैदावार में 21.27 फीसदी इजाफा होने की उम्मीद है जबकि उड़द का उत्पादन 0.16 फीसदी कम रहने की उम्मीद है.
मूंग खेती के रकबे में 4.66 फीसदी का इजाफा, लेकिन मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और राजस्थान में खेतों में बाढ़ के कारण उत्पादन में 17.23 फीसदी की कमी होने का अनुमान है.
तिहलनी फसलों में भी इजाफा
घरेलू बाजार में अरंडी की बेहतर कीमत की वजह से अरंडी खेती का रकबा 5.32 फीसदी बढ़ने और पैदावार में 21.07 फीसदी का इजाफा होगा.
तिल में 8.90 फीसदी और और सूरजमुखी में 2.32 फीसदी की कमी आने का अनुमान है. जबकि मूंगफली की पैदावार में 4.93 फीसदी और राम तिल में 4.93 फीसदी का सुधार होने की संभावना है. सोयाबीन का रकबा 5.68 फीसदी बेहतर होने की उम्मीद है. कपास खेती का रकबा और उत्पादन क्रमश: 4.32 फीसदी और 9.99 फीसदी बढ़ने की उम्मीद है.