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Goldman Sachs and CITI on Nifty: शेयर बाजार में बृहस्पतिवार को गिरावट रही. नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 168.60 अंक यानी 0.72 प्रतिशत टूटकर 23,349.90 अंक पर बंद हुआ. बाजार में करेक्शन के बीच दो बड़ी ब्रोकरेज कंपनियों, Citi और Goldman Sachs ने निफ्टी के लिए अपने टारगेट बताए हैं. Goldman Sachs का मानना है कि 2025 तक निफ़्टी 27,000 तक पहुंच सकता है, जो अभी के स्तर से 15.8% ज़्यादा है। वहीं, Citi का कहना है कि सितंबर 2025 तक निफ़्टी 25,000 के स्तर पर होगा, जो अभी से 7% ज़्यादा है.
Goldman Sachs का भारत पर फिलहाल 'न्यूट्रल' आउटलुक है. दुनिया में तनाव के बावजूद भारत की ग्रोथ अच्छी रहेगी. वहीं, देश के अंदर ग्रोथ थोड़ी धीमी हो सकती है. इसके अलावा अगले तीन महीनों तक बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं होगा. ब्रोकरेज फर्म ने IT शेयरों पर ज्यादा (overweight) और फार्मा शेयरों पर थोड़ा निवेश (Markeweight) करने की सलाह है. इसके अलावा आगे चलकर हाउसिंग, एग्रीकल्चर, डिफेंस और टूरिज्म सेक्टर अच्छा प्रदर्शन करेंगे.
Citi के मुताबिक निफ़्टी में 10% की गिरावट के बाद, शेयरों की कीमतें अब सस्ती हैं. साल के दूसरे हिस्से में सरकार के खर्च और ग्रामीण इलाकों की मांग से ग्रोथ बढ़ेगी. शहरी मांग और बैंकों की स्थिति पर नज़र रखना ज़रूरी है. Citi ने सीमेंट सेक्टर के लिए अपनी रेटिंग 'Neutral' से अपग्रेड कर 'Overweight' कर दिया है. साल की दूसरी छमाही में सीमेंट की बिक्री बढ़ेगी और साथ ही मुनाफा भी बेहतर हो सकता है. शहरी मांग और बैंक की एसेट क्वालिटी पर खास नजर होगी.
Citi ने Ramco Cement को मिडकैप शेयरों में निवेश के लिए चुना है. Devyani International की जगह Jubilant Food को शामिल किया गया है. सिटी ने फाइनेंसियल, टेलीकॉम, फार्मा सेक्टर पर ज्यादा (Over Weight) निवेश की सलाह है. कंज्यूमर, IT और मेटल सेक्टर में कम निवेश की सलाह (UnderWeight) दी है.