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भारतीय बेंचमार्क सूचकांक प्रॉफिट-बुकिंग और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच इस हफ्ते मामूली गिरावट के साथ बंद हुए. इस गिरावट के साथ ही सूचकांकों की चार हफ्ते की लगातार बढ़त का सिलसिला भी टूट गया. सेंसेक्स और निफ्टी कारोबारी हफ्ते के आखिरी दिन शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए. सेंसेक्स 465.75 अंक या 0.55 प्रतिशत की गिरावट के बाद 83,938.71 स्तर पर बंद हुआ. वहीं, निफ्टी 155.75 अंक 0.60 प्रतिशत की गिरावट के बाद 25,722.10 स्तर पर बंद हुआ.
रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के रिसर्च के एसवीपी, अजीत मिश्रा ने कहा, "मजबूत मैन्युफैक्चरिंग एक्टिविटी के कारण सितंबर 2025 में भारत का इंडस्ट्रियल आउटपुट सालाना आधार पर 4 प्रतिशत बढ़ा. अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में हालिया 25 बेसिस पॉइंट कटौती के साथ संकेत दिया कि यह 2025 की आखिरी ब्याज दर कटौती हो सकती है. इसी के साथ अगली बैठक में फेड के ब्याज दरों में रेट कट की उम्मीद कहीं न कहीं खत्म हो गई."
अजीत मिश्रा ने आगे कहा कि स्थिर कॉर्पोरेट अर्निंग और अक्टूबर के दौरान एफआईआई के लगातार निवेश से गिरावट को रोकने में मदद मिली. मेटल, एनर्जी और रियल्टी स्टॉक ने रैली को बढ़ाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दर्ज करवाया, जबकि ऑटो, फार्मा और आईटी स्टॉक में प्रॉफिट-टेकिंग देखी गई. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के रिसर्च हेड, विनोद नायर ने कहा, "जहां एक ओर पीएसयू बैंक शेयर विदेशी निवेश की सीमा में संभावित बढ़ोतरी की खबरों के बीच बढ़त में रहे, वहीं, अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति के संकेतों और चीन के स्टील की ओवरकैपेसिटी को कम करने के वादे से मेटल शेयर चढ़ गए."
मार्केट एक्सपर्ट्स ने कहा कि निफ्टी को अभी 25,600 और 25,400 के ज़ोन के पास सपोर्ट मिल रहा है, जबकि रेजिस्टेंस 26,100 के आसपास दिख रहा है. इसके अलावा, इंवेस्टर्स की नजर भारत अमेरिका के बीच होने वाली ट्रेड डील और डेवलप्ड मार्केट ट्रेंड पर रहने वाली है. इसके अलावा, कई बड़ी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे भी घोषित करेंगी.
सवाल: इस हफ्ते भारतीय शेयर बाजार (सेंसेक्स और निफ्टी) क्यों गिरे?
जवाब: इस हफ्ते बाजार में मामूली गिरावट की मुख्य वजह प्रॉफिट-बुकिंग (मुनाफावसूली) और मिले-जुले ग्लोबल संकेत रहे। इस गिरावट के साथ बाजार की चार हफ्तों से जारी तेजी का सिलसिला भी टूट गया।
सवाल: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों पर क्या नया संकेत दिया है?
जवाब: अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने हाल ही में ब्याज दरों में 25 बेसिस पॉइंट की कटौती की है। फेड ने यह भी संकेत दिया है कि यह 2025 की आखिरी ब्याज दर कटौती हो सकती है, जिससे अगली बैठक में रेट कट की उम्मीद कम हो गई है।
सवाल: इस हफ्ते कौन से सेक्टर के शेयरों में तेजी रही और क्यों?
जवाब: इस हफ्ते मेटल, एनर्जी और रियल्टी स्टॉक्स में तेजी रही। पीएसयू बैंक के शेयर भी विदेशी निवेश की सीमा में संभावित बढ़ोतरी की खबरों के कारण चढ़े। वहीं, मेटल शेयरों में तेजी का कारण अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता में प्रगति के संकेत मिलना था।
सवाल: किन सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट या मुनाफावसूली देखी गई?
जवाब: इस हफ्ते ऑटो, फार्मा और आईटी स्टॉक्स में सबसे ज्यादा प्रॉफिट-टेकिंग (मुनाफावसूली) देखी गई।
सवाल: बाजार में बड़ी गिरावट को किन फैक्टर्स ने रोकने में मदद की?
जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, कंपनियों की स्थिर कमाई (कॉर्पोरेट अर्निंग) और अक्टूबर महीने में FIIs (विदेशी संस्थागत निवेशकों) द्वारा लगातार निवेश किए जाने से बाजार की गिरावट को रोकने में मदद मिली.