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पिछले हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली. इस दौरान देश की बड़ी कंपनियों के मार्केट कैप में भारी कमी दर्ज की गई. इसी कड़ी में बजाज फाइनेंस (Bajaj Finance) के निवेशकों को भी झटका लगा है. कंपनी का मार्केट वैल्यू 4,977.99 करोड़ रुपये घटकर 6,12,914.73 करोड़ रुपये पर आ गया.
ब्रॉडर मार्केट की हालत भी कमजोर रही. बीएसई का बेंचमार्क सेंसेक्स हफ्ते भर में 2,199.77 अंक यानी 2.66% टूटा. इसका सीधा असर टॉप-10 सबसे बड़ी कंपनियों के मूल्य पर पड़ा.
एनरिच मनी (Enrich Money) के सीईओ पोन्मुडी आर के मुताबिक, इस गिरावट के पीछे कई अहम वजहें रही हैं.
H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी: अमेरिका में वीजा शुल्क बढ़ने से आईटी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली तेज हो गई.
रुपये की कमजोरी: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया, जिससे निवेशकों की चिंता और बढ़ गई.
फार्मा सेक्टर पर दबाव: अमेरिका ने ब्रांडेड और पेटेंटेड दवाइयों के आयात पर 100% टैरिफ लगा दिया है. इसका असर फार्मा और हेल्थकेयर कंपनियों पर देखने को मिला.
इन सभी कारणों से निवेशकों का भरोसा कमजोर हुआ और भारी मात्रा में बिकवाली देखने को मिली.
आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी TCS को सबसे बड़ा नुकसान हुआ. कंपनी का बाजार मूल्य 97,597.91 करोड़ रुपये घटकर 10,49,281.56 करोड़ रुपये रह गया.
देश की सबसे बड़ी कंपनी रिलायंस का मार्केट कैप 40,462.09 करोड़ रुपये घटकर 18,64,436.42 करोड़ रुपये पर आ गया.
इन्फोसिस का मूल्य 38,095.78 करोड़ रुपये घटकर 6,01,805.25 करोड़ रुपये रह गया.
बैंकिंग सेक्टर की दिग्गज HDFC Bank का मार्केट वैल्यू 33,032.97 करोड़ रुपये घटकर 14,51,783.29 करोड़ रुपये हो गया.
ICICI Bank का मूल्य 29,646.78 करोड़ रुपये घटकर 9,72,007.68 करोड़ रुपये रह गया.
टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल का मार्केट कैप 26,030.11 करोड़ रुपये घटकर 10,92,922.53 करोड़ रुपये रह गया.
भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) का मूल्य 13,693.62 करोड़ रुपये घटकर 5,51,919.30 करोड़ रुपये रह गया.
FMCG सेक्टर की दिग्गज HUL का मार्केट वैल्यू 11,278.04 करोड़ रुपये घटकर 5,89,947.12 करोड़ रुपये रह गया.
SBI का मूल्य 4,846.07 करोड़ रुपये घटकर 7,91,063.93 करोड़ रुपये रह गया.
बजाज फाइनेंस का मार्केट कैप 4,977.99 करोड़ रुपये घटकर 6,12,914.73 करोड़ रुपये पर आ गया.
इस हफ्ते की गिरावट से साफ है कि शेयर बाजार फिलहाल दबाव में है. ग्लोबल फैक्टर्स और घरेलू अनिश्चितताओं के चलते निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए.
आईटी सेक्टर: वीजा फीस बढ़ोतरी और रुपये की कमजोरी से आईटी शेयरों पर दबाव रह सकता है.
बैंकिंग सेक्टर: ब्याज दरों और अंतरराष्ट्रीय स्थिति का सीधा असर बैंकों पर पड़ रहा है.
फार्मा सेक्टर: अमेरिकी टैरिफ नीति फार्मा कंपनियों की कमाई पर असर डाल सकती है.
अगर देखा जाए तो सबसे बड़ा नुकसान TCS को हुआ, जिसने अकेले 97,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का मार्केट कैप खो दिया. वहीं, रिलायंस और इन्फोसिस ने भी भारी नुकसान झेला.
गिरावट के बावजूद भारत की टॉप-10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों में HDFC Bank, Bharti Airtel, TCS, ICICI Bank, SBI, Bajaj Finance, Infosys, Hindustan Unilever और LIC शामिल हैं.
पिछले हफ्ते शेयर बाजार में जबरदस्त उतार-चढ़ाव रहा. बाजाज फाइनेंस समेत कई बड़ी कंपनियों का मार्केट कैप घटा है. निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और लंबी अवधि की रणनीति पर ध्यान देने की जरूरत है. आने वाले दिनों में ग्लोबल ट्रेंड और घरेलू नीतियां बाजार की दिशा तय करेंगी.
Q1. बजाज फाइनेंस के मार्केट कैप में कितनी गिरावट आई?
Ans: करीब 4,978 करोड़ रुपये की गिरावट आई.
Q2. TCS को कितना नुकसान हुआ?
Ans: TCS का बाजार मूल्य 97,598 करोड़ रुपये घटा.
Q3. रिलायंस इंडस्ट्रीज का मार्केट कैप कितना गिरा?
Ans: रिलायंस का मूल्य 40,462 करोड़ रुपये कम हुआ.
Q4. शेयर बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें क्या थीं?
Ans: H-1B वीजा फीस बढ़ोतरी, रुपये की कमजोरी और अमेरिकी टैरिफ नीति.
Q5. कौन-कौन सी कंपनियां अब भी टॉप-10 में शामिल हैं?
Ans: HDFC Bank, Bharti Airtel, TCS, ICICI Bank, SBI, Bajaj Finance, Infosys, HUL और LIC.
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