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मार्केट गुरु अनिल सिंघवी बोले- घबराने की नहीं, सही लेवल पर खरीदारी की है जरूरत.
बुधवार को बाजार की शुरुआत कमजोर हो सकती है. Gift Nifty में बड़ी गिरावट दिख रही है और अमेरिका-ईरान तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है. कच्चा तेल भी 97 डॉलर के करीब पहुंच गया है. लेकिन इन सबके बीच जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर और मार्केट गुरु अनिल सिंघवी का कहना है कि फिलहाल घबराकर बेचने की बजाय महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखनी चाहिए. उनके मुताबिक बाजार में कमजोरी जरूर है, लेकिन अभी ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है जिससे बड़ी गिरावट की पुष्टि हो जाए.
सुबह Gift Nifty में अच्छी-खासी कमजोरी देखने को मिली. इसकी सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल है. हालांकि अनिल सिंघवी का मानना है कि बाजार के लिए कुछ मजबूत पॉजिटिव फैक्टर भी मौजूद हैं. घरेलू फंड लगातार खरीदारी कर रहे हैं. FIIs की लॉन्ग पोजीशन काफी निचले स्तर पर पहुंच चुकी है और स्टॉक फ्यूचर्स में विदेशी निवेशकों ने अच्छी खरीदारी की है.
बाजार पर सबसे बड़ा दबाव फिलहाल अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का है. ईरान ने कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है. वहीं अमेरिकी पक्ष का कहना है कि उसने ईरानी हमलों को नाकाम किया और जवाबी कार्रवाई भी की. हालांकि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान के साथ बातचीत अभी भी जारी है और समझौते की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FIIs ने लगातार पांचवें दिन कैश मार्केट में ₹8,362 करोड़ की बिकवाली की. हालांकि दूसरी तरफ घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार 11वें दिन ₹9,589 करोड़ की खरीदारी की. यही वजह रही कि मंगलवार को बाजार में निचले स्तरों से शानदार रिकवरी देखने को मिली. अनिल सिंघवी का मानना है कि FIIs की लॉन्ग पोजीशन अब ओवरसोल्ड जोन के करीब पहुंच चुकी है. ऐसे में आगे शॉर्ट कवरिंग की संभावना भी बन सकती है.
निफ्टी को लेकर बाजार में सबसे ज्यादा चर्चा इसी बात की है. 7 अप्रैल और 8 अप्रैल के बीच बने बड़े गैप को भरने के लिए निफ्टी काफी करीब पहुंच चुका है. मंगलवार को निफ्टी ने 23229 का निचला स्तर बनाया, लेकिन गैप पूरी तरह नहीं भर पाया.
अनिल सिंघवी के मुताबिक 23125 से 23275 का जोन निफ्टी के लिए बहुत मजबूत सपोर्ट है. जब तक निफ्टी 23100 के नीचे बंद नहीं होता, तब तक बड़ी कमजोरी की पुष्टि नहीं मानी जानी चाहिए.
बैंक निफ्टी लगातार तीसरे दिन 50 DMA के नीचे बंद हुआ है. इसके बावजूद अनिल सिंघवी मानते हैं कि 52600 से 52850 का क्षेत्र मजबूत सपोर्ट जोन है. अगर बाजार में और कमजोरी आती भी है तो बैंक निफ्टी यहां सहारा ले सकता है. उनका कहना है कि 52600 के नीचे क्लोजिंग आने पर ही बड़ी गिरावट का खतरा बढ़ेगा.
बाजार में डर को मापने वाला India VIX मंगलवार को 7 फीसदी से ज्यादा गिरा. VIX लगातार पांचवें दिन अपने 100 DMA से नीचे बंद हुआ है. अनिल सिंघवी का मानना है कि जब तक VIX 16.90 के ऊपर नहीं जाता, तब तक बाजार में बड़ी घबराहट की संभावना कम है.
पिछले कुछ दिनों में IT शेयरों ने बाजार को संभालने का काम किया है. IT इंडेक्स लगातार तीसरे दिन मजबूत रहा और 30000 के ऊपर बंद होकर बड़ा ब्रेकआउट दिया. हालांकि Wipro और Infosys के ADR में कमजोरी देखने को मिली है.
अब अनिल सिंघवी के मुताबिक IT इंडेक्स के लिए आज का दिन बेहद अहम है. अगर इंडेक्स दोबारा 30000 के ऊपर बंद होता है तो तेजी की पुष्टि होगी. लेकिन 29600 के नीचे जाने पर यह ब्रेकआउट फेल माना जाएगा.
Reliance Industries फिलहाल बेहद महत्वपूर्ण सपोर्ट जोन में कारोबार कर रहा है. शेयर मंगलवार को 1314 रुपये पर बंद हुआ और दिन में 1300 रुपये का स्तर भी छुआ. पिछले एक साल में बहुत कम बार Reliance इस स्तर के नीचे गया है.
दिलचस्प बात यह है कि पिछले पांच मौकों पर 1300-1315 के आसपास पहुंचने के बाद शेयर में 4.5% से 12% तक की तेज रिकवरी देखने को मिली थी.
अनिल सिंघवी के मुताबिक 1300 का स्तर Reliance के लिए 'Make or Break' लेवल है. इसके नीचे बंद होने पर दबाव बढ़ सकता है, जबकि ऊपर की तरफ 1370 के आसपास बड़ी रुकावट दिखाई दे सकती है.
उनके मुताबिक आक्रामक निवेशकों को निफ्टी में 23550 से 23700 के बीच बिकवाली के मौके देखने चाहिए. वहीं 23150 से 23275 का क्षेत्र खरीदारी के लिए बेहतर माना जा सकता है.
बैंक निफ्टी में 52600 से 52850 का जोन मजबूत खरीदारी क्षेत्र बताया गया है. जबकि 54100 से 54400 के बीच मुनाफावसूली या शॉर्ट पोजीशन पर नजर रखी जा सकती है.