अनिल सिंघवी की मार्केट स्ट्रैटेजी: बाजार में बड़ी गिरावट के बाद क्या करें ट्रेडर्स? नोट कर लें Nifty-Bank Nifty के लेवल्स

ग्लोबल बाजारों में बढ़ते तनाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच घरेलू शेयर बाजार में भी पिछले हफ्ते भारी गिरावट देखने को मिली. लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स कमजोर बंद हुए और कई इंडेक्स ने लंबे समय बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल में उछाल और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया. ऐसे माहौल में ट्रेडर्स के लिए बाजार की चाल को समझना और रणनीति के साथ ट्रेड करना बेहद जरूरी हो जाता है. आइए जानते हैं अनिल सिंघवी की बाजार पर क्या रणनीति है.
अनिल सिंघवी की मार्केट स्ट्रैटेजी: बाजार में बड़ी गिरावट के बाद क्या करें ट्रेडर्स? नोट कर लें Nifty-Bank Nifty के लेवल्स

Anil Singhvi Market Strategy: ग्लोबल बाजारों में बढ़ते तनाव और जियोपॉलिटिकल अनिश्चितता के बीच घरेलू शेयर बाजार में भी पिछले हफ्ते भारी गिरावट देखने को मिली. लगभग सभी प्रमुख इंडेक्स कमजोर बंद हुए और कई इंडेक्स ने लंबे समय बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की. विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली, कच्चे तेल में उछाल और रुपये की कमजोरी ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया. ऐसे माहौल में ट्रेडर्स के लिए बाजार की चाल को समझना और रणनीति के साथ ट्रेड करना बेहद जरूरी हो जाता है. आइए जानते हैं अनिल सिंघवी की बाजार पर क्या रणनीति है.

गिरावट के मामले में भारतीय बाजार सबसे ज्यादा कमजोर नजर आया. निफ्टी करीब 5.31% गिरकर प्रमुख ग्लोबल इंडेक्स में सबसे ज्यादा दबाव में रहा. निफ्टी और बैंक निफ्टी दोनों लगातार तीसरे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए.

निफ्टी में करीब 3.5 साल बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी 5.3% गिरावट दर्ज हुई, जबकि बैंक निफ्टी में करीब 5.5 साल बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी 7% की गिरावट देखने को मिली. मिडकैप सेलेक्ट इंडेक्स भी लगातार दूसरे हफ्ते कमजोर रहा और इसमें 18 महीनों बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी 4.1% गिरावट दर्ज हुई.

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स्मॉलकैप इंडेक्स की कमजोरी और ज्यादा गहरी रही. यह इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुआ और इसमें करीब 18 महीनों बाद एक हफ्ते की सबसे बड़ी 3.7% गिरावट देखने को मिली.

सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो पिछले हफ्ते सबसे ज्यादा दबाव रेट सेंसिटिव सेक्टर्स में रहा. ऑटो सेक्टर करीब 10.6% टूट गया. इसके अलावा PSU बैंक 7.3%, बैंक निफ्टी 7% और रियल्टी 4.3% तक गिर गए. वहीं मेटल सेक्टर में 6%, FMCG में 4.1% और IT सेक्टर में करीब 3.5% की गिरावट दर्ज की गई.

बाजार के लिए क्या है निगेटिव?

बाजार पर दबाव के पीछे कई बड़े ग्लोबल और घरेलू फैक्टर काम कर रहे हैं. सबसे बड़ी चिंता यह है कि मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध लंबा खिंच सकता है. वीकेंड के दौरान तेल ठिकानों पर हमलों की खबरों ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है. इसके अलावा स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के जल्द खुलने के संकेत नहीं मिल रहे, जिससे कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है.

इसके साथ ही अमेरिका की ओर से दूसरे देशों को इस संघर्ष में शामिल करने की कोशिशें भी बाजार के लिए चिंता का कारण हैं. अमेरिकी बाजारों में भी लगातार चौथे दिन तेज गिरावट देखने को मिली. विदेशी निवेशकों की बिकवाली का दबाव भी बरकरार है. FIIs ने लगातार तीसरे दिन 10,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेट बिकवाली की.

कमोडिटी मार्केट में भी दबाव बढ़ा है. कच्चा तेल फिर से 106 डॉलर के करीब पहुंच गया. रुपये ने शुक्रवार को 92.48 का नया लाइफ लो बना दिया. वहीं India VIX ऊपरी स्तरों पर बना हुआ है, जो बाजार में बढ़ती अस्थिरता का संकेत है. इसके अलावा डॉलर इंडेक्स भी करीब 10 महीनों की ऊंचाई के पास 100 के आसपास बना हुआ है.

सब निगेटिव तो GIFT NIFTY ऊपर क्यों?

इतने निगेटिव फैक्टर्स के बावजूद GIFT Nifty में मजबूती दिखने की एक वजह यह भी है कि अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खुलवाने के लिए मदद की अपील की है. बाजार इसे अमेरिका की कमजोरी के संकेत के तौर पर देख रहा है. इससे उम्मीद बन रही है कि अमेरिका इस युद्ध को ज्यादा लंबा नहीं खींचेगा.

दूसरी ओर ईरान की ओर से भी बयान आया है कि हॉर्मुज केवल दुश्मनों के लिए बंद रहेगा, जबकि दोस्त देशों के लिए खुला रहेगा. इसी बीच कच्चा तेल भी 106 डॉलर से घटकर करीब 103 डॉलर तक आ गया है. शुक्रवार की तेज गिरावट के बाद बाजार तकनीकी तौर पर थोड़े ओवरसोल्ड भी हो गए हैं, जिससे हल्की रिकवरी देखने को मिल सकती है.

क्या करें ट्रेडर्स?

ऐसे माहौल में ट्रेडर्स के लिए सबसे अहम बात यह है कि बाजार में आने वाली पहली रिकवरी पर अक्सर बिकवाली देखने को मिलती है. इसलिए किसी भी तेज उछाल में फंसी हुई पोजीशन से बाहर निकलना बेहतर रणनीति हो सकती है.

खासतौर पर 23500 से 23700 की रेंज में फंसी पोजीशन से निकलने की सलाह दी जा रही है. हालांकि आगे के सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, लेकिन दैनिक रेंज में कुछ कमी देखने को मिल सकती है.

पिछले करीब 9 ट्रेडिंग सेशंस से बाजार में क्लोजिंग बेसिस पर लगभग हर दिन 300 पॉइंट का बड़ा मूव देखने को मिल रहा है, जिससे साफ है कि बाजार में अस्थिरता काफी ज्यादा बनी हुई है. ऐसे में ट्रेडर्स को बेहद सावधानी और अनुशासन के साथ ट्रेड करने की जरूरत है.

आज के लिए अहम संकेत
Global: Negative
FII: Negative
DII: Positive
F&O: Neutral
Sentiment: Negative
Trend: Negative

निफ्टी के लिए अहम स्तर
Nifty 22800-23000 & 22500-22750 support zone, below that 22075-22300 & 21750-22000 strong support zone
Nifty 23350-23500 & 23550-23650 higher zone, above that 23700-23865 strong Sell zone

बैंक निफ्टी के लिए अहम स्तर
Bank Nifty 53500-53675 & 53100-53350 support zone, below that 52750-52925 & 52050-52325 strong support zone
Bank Nifty 54375-54475 & 54700-54750 higher zone, above that 55100-55275 strong Sell zone

FIIs Long position at 9.93% Vs 10.61%
Nifty PCR 0.74 Vs 0.86
Bank Nifty PCR 0.76 Vs 0.79

मौजूदा लॉन्ग पोजीशन:
Nifty Intraday and Closing SL 23000
Bank Nifty Intraday and Closing SL 53500

मौजूदा शॉर्ट पोजीशन:
Nifty Intraday SL 23350 and Closing SL 23500
Bank Nifty Intraday SL 54000 and Closing SL 54750

नई पोजीशन: निफ्टी
Best range to Sell Nifty is 23500-23700:
SL 23875 Tgt 23150, 23100, 23000, 22825, 22750, 22525

Buy signal will come in Nifty only if it crosses 23500

Strict SL 23000 Tgt 23350, 23500, 23550, 23600, 23650, 23700, 23835

नई पोजीशन: बैंक निफ्टी
Aggressive Traders Sell Bank Nifty near 54700:
Strict SL 54850 Tgt 54375, 53900, 53750, 53675, 53500, 53350, 53100

Buy signal will come in Bank Nifty only if it crosses 54800

Aggressive Traders Buy Bank Nifty:
Strict SL 53500 Tgt 53900, 54375, 54700, 54900, 55100, 55275

F&O Ban Update:
Already In Ban: Sail, Sammaan Capital
New In Ban: Nil
Out Of Ban: Nil

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