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FIIs की रिकॉर्ड बिकवाली के बाद कहां है निफ्टी का बड़ा सपोर्ट? (Source- Zee Business)
शुक्रवार को बाजार बंद होने से पहले जो गिरावट आई, उसने निवेशकों को हैरान कर दिया. निफ्टी करीब 300 अंक और बैंक निफ्टी लगभग 600 अंक फिसल गया. सबसे बड़ी बात यह रही कि गिरावट ऐसे समय आई जब रुपया मजबूत था, कच्चा तेल 95 डॉलर से नीचे था और ग्लोबल संकेत भी कमजोर नहीं थे.
ऐसे में नए सप्ताह की शुरुआत पर सबकी नजर इस बात पर है कि क्या यह सिर्फ एक दिन की बिकवाली थी या बाजार में किसी बड़ी कमजोरी की शुरुआत हो चुकी है. इसी सवाल का जवाब अनिल सिंघवी ने अपनी आज की स्ट्रैटेजी में दिया है.
बाजार की नजर फिलहाल ईरान पर टिकी हुई है. ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने इस्तीफे की पेशकश की है और आरोप लगाया है कि उन्हें बड़े फैसलों से दूर रखा जा रहा है. अगर ईरान में सत्ता का संतुलन बदलता है तो इसका सीधा असर पश्चिम एशिया की स्थिति और कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ सकता है.
मार्केट गुरु और जी बिजनेस के मैनेजिंग एडिटर अनिल सिंघवी के मुताबिक आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक क्रूड ऑयल की चाल तय कर सकती है. अगर तनाव बढ़ता है तो तेल की कीमतों में फिर तेजी आ सकती है, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देगा.
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शुक्रवार दोपहर करीब 2:30 बजे तक निफ्टी 23,800 के आसपास था. इसके बाद अचानक बिकवाली शुरू हुई और निफ्टी करीब 300 अंक टूटकर 23,484 तक पहुंच गया. बैंक निफ्टी भी 54,700 के आसपास से फिसलकर 54,116 तक आ गया.
इस गिरावट के पीछे कई वजहें बताई गईं. किसी ने MSCI रीबैलेंसिंग को कारण बताया तो किसी ने कमजोर मानसून और विदेशी फंड्स में रिडेम्पशन की चर्चा की. हालांकि इनमें से कोई भी वजह इतनी मजबूत नहीं मानी जा रही कि अकेले इतनी बड़ी गिरावट की वजह बन सके.
शुक्रवार को विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड स्तर पर बिकवाली की. FIIs ने 89,733 करोड़ रुपये की खरीदारी की, लेकिन 1,10,839 करोड़ रुपये के शेयर बेच दिए. इस तरह उनकी नेट बिकवाली 21,105 करोड़ रुपये रही.
यह एक दिन में FIIs की सबसे बड़ी बिकवाली मानी जा रही है. वहीं घरेलू संस्थागत निवेशकों ने 16,764 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जिससे बाजार को कुछ सहारा मिला.
शुक्रवार को NSE कैश मार्केट में 2,87,468 करोड़ रुपये का कारोबार हुआ, जो अब तक का सबसे बड़ा वॉल्यूम है. इससे पहले 4 जून 2024 को 2,71,000 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बना था. कुल कारोबार का करीब 74 फीसदी हिस्सा FIIs का था.
तकनीकी मोर्चे पर शुक्रवार का दिन काफी अहम रहा. निफ्टी ने 23,700 और 23,850 के दोनों अहम ब्रेकआउट लेवल एक ही दिन में तोड़ दिए. अब बाजार की नजर 23,375 से 23,465 के सपोर्ट जोन पर है.
अगर यह जोन भी टूटता है तो अगला मजबूत सपोर्ट 23,265 से 23,350 के बीच माना जा रहा है. वहीं ऊपर की तरफ 23,600 से 23,700 की रेंज पहली बड़ी रुकावट होगी.
बैंक निफ्टी ने कुछ दिन पहले 50 DMA के ऊपर जाकर मजबूती के संकेत दिए थे. लगातार तीन दिन ऊपर बंद होने से ब्रेकआउट की उम्मीद भी बढ़ी थी. लेकिन शुक्रवार को इंडेक्स फिर 50 DMA के नीचे फिसल गया.
अब 53,550 से 53,775 का जोन पहला सपोर्ट माना जा रहा है. अगर यह स्तर टूटता है तो 53,325 से 53,500 का मजबूत सपोर्ट जोन सामने आएगा. वहीं ऊपर 54,450 से 54,750 की रेंज बड़ी रुकावट बन सकती है.
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India VIX चार दिनों की कमजोरी के बाद शुक्रवार को करीब 8 फीसदी उछलकर 16.19 पर बंद हुआ. यह बताता है कि बाजार में डर और अनिश्चितता बढ़ रही है.
अनिल सिंघवी का मानना है कि VIX फिलहाल 'Make or Break' लेवल पर है. अगर यह 100 DMA के ऊपर निकलता है तो बाजार में दबाव और बढ़ सकता है.
अनिल सिंघवी के मुताबिक कमजोर शुरुआत में घबराने की जरूरत नहीं है. आक्रामक ट्रेडर्स निफ्टी में 23,325 से 23,465 की रेंज में खरीदारी के मौके तलाश सकते हैं. वहीं 23,650 से 23,800 की रेंज में मुनाफावसूली या शॉर्टिंग के अवसर बन सकते हैं.
बैंक निफ्टी में 53,550 से 53,775 की रेंज खरीदारी के लिए अहम मानी जा रही है, जबकि 54,750 से 54,975 की रेंज में मुनाफावसूली की रणनीति अपनाई जा सकती है.
आज का कारोबार इसलिए अहम है क्योंकि बाजार ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां तकनीकी स्तर, ग्लोबल संकेत और निवेशकों का भरोसा तीनों एक साथ परीक्षा में हैं. अगर निफ्टी अपने अहम सपोर्ट बचा लेता है तो रिकवरी देखने को मिल सकती है. लेकिन सपोर्ट टूटने पर दबाव और बढ़ सकता है. इसी वजह से अनिल सिंघवी आज के सत्र को 'Make or Break' मान रहे हैं, जहां से बाजार की अगली बड़ी दिशा तय हो सकती है.